Live News »

डॉ.मनमोहन सिंह बने राज्यसभा सांसद, प्रदेश कांग्रेस का संसद में खुला खाता

डॉ.मनमोहन सिंह बने राज्यसभा सांसद, प्रदेश कांग्रेस का संसद में खुला खाता

जयपुर: लगभग तीन दशक तक राज्यसभा के सदस्य रहे पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह आज एक बार फिर राजस्थान से राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित हो गए है. मुख्य सचेतक महेश जोशी ने विधानसभा पहुंचकर मनमोहन सिंह का सर्टिफिकेट लिया. बीजेपी के मदनलाल सैनी के निधन पर खाली हुई सीट के उप चुनाव में मनमोहन सिंह निर्विरोध राज्यसभा सांसद चुने गए है. मनमोहन सिंह के राज्यसभा सर्टिफेकेट जारी होने के बाद ही सोशल मीडिया पर उनको बधाई देने वालो तांता लग गया. 

अब संसद में राजस्थान का एक सदस्य: 
अभी देश की सबसे बड़ी पंचायत संसद में राजस्थान का एक भी सदस्य नहीं था. लेकिन अब राज्यसभा के इस उप चुनाव में राजस्थान कांग्रेस का खाता खुल गया है. कांग्रेस ने देश के दो बार प्रधानमंत्री रह चुके डॉ मनमोहन सिंह को राजस्थान से निर्विरोध राज्यसभा भेज दिया है. 

मुख्यमंत्री गहलोत की रणनीति आई काम: 
देश के 10 साल प्रधानमंत्री रह चुके मनमोहन सिंह अभी किसी सदन के सदस्य नहीं थे, असम से राज्यसभा में थे कुछ माह पहले उनका कार्यकाल समाप्त हो गया था, गांधी परिवार के सबसे करीबी और शीर्ष नेता के तौर पर वे जाने जाते है. दलगत सियासत से ऊपर उनकी छवि है. ऐसे में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की डॉ मनमोहन सिंह को निर्विरोध राज्यसभा में भेजने की रणनीति काम आ गई. 

और पढ़ें

Most Related Stories

VIDEO: जैसलमेर से जयपुर लौटे विधायक, सरकार की रणनीति के तहत अगले कुछ दिन होटल में ही रहेंगे

जयपुर: जैसलमेर की बाड़ेबंदी के बाद कांग्रेस के विधायक एक बार फिर जयपुर पहुंच गए है. विधानसभा सत्र से पहले इन विधायकों को जयपुर लाया गया है. सरकार की रणनीति के तहत अगले कुछ दिन विधायक होटल फेयरमोंट में ही रहेंगे. ऐसा माना जा रहा है कि विधानसभा सत्र के बाद ही विधायक अपने क्षेत्रों का दौरा कर सकेंगे. 

अमेरिका की आर्थिक पैकेज की चर्चा से सोने-चांदी की कीमतों में भारी गिरावट, जानिए आज का भाव 

सीएम गहलोत मंगलवार को जैसलमेर गए थे: 
जैसलमेर से करीब 90 विधायक और 20 कांग्रेस नेता लौटे हैं. इससे पहले सीएम गहलोत मंगलवार को जैसलमेर गए थे. वहां उन्होंने विधायकों से बदले राजनीतिक हालात पर चर्चा की. उसके बाद आज विधायकों को जैसलमेर से जयपुर रवाना किया गया. वहीं दूसरी ओर शुक्रवार से शुरू होने जा रहा विधानसभा सत्र इस बार काफी हंगामेदार रहने के आसार हैं. 

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का जोधपुर दौरा, देचू में 11 लोगों की मौत पर किया शोक व्यक्त 

गहलोत खेमे के विधायक लगातार 31 दिनों से बाड़ेबंदी में: 
गहलोत खेमे के विधायक लगातार 31 दिनों से बाड़ेबंदी में हैं. पहले 13 जुलाई से जयपुर के फेयरमोंट होटल में विधायकों को रखा गया फिर 31 जुलाई को जैसलमेर के सूर्यगढ़ होटल ले जाया गया. अब एक बार फिर विधायकों को जयपुर के फेयरमोंट होटल में ठहराया गया है. विधायकों ने विक्ट्री का साइन दिखाकर होटल में प्रवेश किया. 


 

VIDEO: हमने कभी सरकार गिराने की कोशिश नहीं की, हमें बागी या विरोधी कहना बिल्कुल गलत- विश्वेन्द्र सिंह

VIDEO: हमने कभी सरकार गिराने की कोशिश नहीं की, हमें बागी या विरोधी कहना बिल्कुल गलत- विश्वेन्द्र सिंह

जयपुर: राजस्थान का सियासी दंगल अब खत्म हो गया है. केंद्रीय आलाकमान से समस्याओं के समाधान का भरोसा मिलने के बाद सचिन पायलट भी जयपुर वापस लौट आए हैं. इस बीच आज विश्वेन्द्र सिंह ने 1st इंडिया से खास बात की. इस दौरान उन्होंने कहा कि हमने कभी सरकार गिराने की कोशिश नहीं की. हमें बागी या विरोधी कहना बिल्कुल गलत है. अशोक गहलोत सरकार के मुखिया हैं और हम सरकार के साथ हैं. 

VIDEO: प्रदेशवासियों को विश्वास दिलाता हूं कि आने वाले दिनों में दुगुने जोश से काम करेंगे - सीएम गहलोत 

हमारे कारण सरकार को कोई चिंता नहीं होनी चाहिए: 
उन्होंने कहा कि हमारे कारण सरकार को कोई चिंता नहीं होनी चाहिए. वहीं ऑडियो व SOG मामले पर बोलते हुए विश्वेंद्र सिंह ने कहा कि मेरे ऑडियो को एडिट किया गया है मैंने गजेंद्र सिंह से कोई बात नहीं की. वहीं गहलोत के नेतृत्व में फिर से मंत्री बनकर काम करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि पार्टी जो भूमिका तय करेगी उसे निभाएंगे. सुनिए विश्वेंद्र सिंह ने क्या कुछ कहा...

 

VIDEO: हिली हुई डगमगाई सरकार अपने कदमों को साधने की कोशिश कर रही - राजेंद्र राठौड़

जयपुर: राजस्थान में तेजी से बदल रहे सियासी राजनैतिक घटनाक्रम पर उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि कुनबा बिखर गया आखिर आलाकमान को बीच में दखल देनी पड़ी. यह नाकामयाबी ही मानी जाएगी. वहीं राठौड़ ने वसुंधरा राजे पर बोलते हुए कहा कि गठबंधन धर्म की पालना करनी चाहिए. अनर्गल आरोप लगाना कदापि उचित नहीं है. जिन किसी ने भी उन पर आरोप लगाए हमने उनको समझाया. वसुंधरा राजे हमारी पूर्व मुख्यमंत्री है प्रदेश की नेता हैं और नेता रहेंगी.  

बीजेपी ने पूरा जोर लगा लिया लेकिन एक आदमी टूट कर नहीं गया- मुख्यमंत्री गहलोत 

तरकस में एक भी तीर नहीं रखेंगे सभी तीर छोड़े जाएंगे: 
अविश्वास प्रस्ताव और विश्वास प्रस्ताव जैसी बात पर बोलते हुए राठौड़ ने कहा कि सरकार को बेनकाब करने के लिए कोशिश करेंगे. तरकस में एक भी तीर नहीं रखेंगे सभी तीर छोड़े जाएंगे. भारतीय जनता पार्टी मजबूत प्रतिपक्ष है इसलिए हमारे सामने कोई चुनौती नहीं है. 13 तारीख की विधायक दल की बैठक के बाद हमारी रणनीति फाइनल होगी. 

हिली हुई डगमगाई सरकार अपने कदमों को साधने की कोशिश कर रही: 
वहीं गहलोत सरकार पर तंज कसते हुए राठौड़ ने कहा कि हिली हुई डगमगाई सरकार अपने कदमों को साधने की कोशिश कर रही है. लेकिन भूचाल आया है वह अपने निशान छोड़ कर चला गया. उन्होंने कहा कि सत्र निश्चित तौर पर हंगामेदार और शानदार रहेगा. सरकार के नाकामी, टिड्डी का आक्रमण, कोरोना का कहर, सूखे की संभावना व जर्जर कानून व्यवस्था के मुद्दों पर विपक्ष का आक्रमण होगा. हम सदन से सड़क दक कुशासन से लड़ेंगे. 

VIDEO: राजनीति में भाषा मर्यादित होनी चाहिए, मैंने कोई मांग आलाकमान के सामने नहीं रखी- सचिन पायलट  

बाहर से बुर्ज की मरम्मत हो जाए तो यह नहीं माने की किला सुरक्षित: 
राठौड़ ने कहा कि टेलीफोन टेप हुए पुलिस की एजेंसी विधायकों को ढूंढती रही लेकिन पपला गुर्जर को पुलिस ढूंढती तो अच्छा होता. वहीं पांच साल सरकार चलने के सवाल पर उन्होंने कहा कि किला अगर ढह जाता है और बाहर से बुर्ज की मरम्मत हो जाए तो यह नहीं माने की किला सुरक्षित है. ऐसे में यह तो समय की रफ्तार और समय की धार बताएगी. 

VIDEO- मुख्यमंत्री गहलोत से मुलाकात के बाद बोले विधायक ओम प्रकाश हुड़ला, कहा...

जयपुर: राजस्थान में तेजी से सियासी घटनाक्रम में बदलाव हो रहे हैं. इसी बीच तीन निर्दलीय विधायक ओम प्रकाश हुड़ला, सुरेश टांक व खुशबीर सिंह ने मुख्यमंत्री आवास पर पहुंचे कर सीएम गहलोत से मुलाकात की. इस मुलाकात के बाद फर्स्ट इंडिया से बात करते हुए निर्दलीय विधायक ओम प्रकाश हुड़ला ने कहा कि कुछ समय पहले हमारे खिलाफ SOG में एक मुकदमा दर्ज हुआ था सरकार ने वो वापस ले लिया. 

VIDEO: राजनीति में भाषा मर्यादित होनी चाहिए, मैंने कोई मांग आलाकमान के सामने नहीं रखी- सचिन पायलट  

उन्होंने कहा कि उस मुकदमे को लेकर सरकार और हमारे बीच एक आपसी तनाव पैदा हुआ था. हमे खुशी है इस बात की कि सरकार ने वह मुकदमा वापस ले लिया. आज हमने जो भी गिले-शिकवे थे वो सौहार्दपूर्ण वातावरण में मुख्यमंत्री से मुलाकात कर दूर किए. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य एक ही है कि हमारे क्षेत्र की जनता का विकास कैसे हो. सुनिए और क्या कुछ कहा...

 

VIDEO: राजनीति में भाषा मर्यादित होनी चाहिए, मैंने कोई मांग आलाकमान के सामने नहीं रखी- सचिन पायलट

जयपुर: आखिर एक महीने की सियासी जंग के बाद पायलट की फिर घर वापसी हो गई. इसके बाद आज सचिन पायलट काफी लंबे वक्त बाद मीडिया से रूबरू हुए. इस दौरान उन्होंने कहा कि राजनीति में भाषा मर्यादित होनी चाहिए. हमने जनता से जुड़े मुद्दों को उठाया है हर नेता और हर समाज को साथ लेकर काम किया है. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि मैंने आलाकमान के सामने कोई मांग नहीं रखी. मैंने आलाकमान के ऊपर सारा फैसला छोड़ दिया है. हाईकमान ने हमारी बातों को गंभीरता से सुना है. समस्याओं के निराकरण के लिए 3 सदस्यीय कमेटी बनाई है.

बीजेपी ने पूरा जोर लगा लिया लेकिन एक आदमी टूट कर नहीं गया- मुख्यमंत्री गहलोत 

कार्यकर्ताओं के मान-सम्मान को लेकर इश्यू था:  
पायलट ने कहा कि जिसका सरकार बनाने में योगदान हो उसे सम्मान मिलना चाहिए. मैंने गहलोत जी के साथ मिलकर संघर्ष किया है. इसके साथ ही उन्होंने ने कहा कि झूठ फैलाने वालों को सच्चाई का सामना करना पड़ेगा. सचिन पायलट ने कहा कि कार्यकर्ताओं के मान-सम्मान को लेकर इश्यू था. मुझे सौभाग्य मिला कि 6 साल तक कांग्रेस का प्रदेशाध्यक्ष रहा. जब हमारी सरकार नहीं थी तब हमने 5 साल तक लगातार मेहनत की. धरने, भूख हड़ताल कर हमने जनहित से जुड़े मुद्दे उठाए. 2018 में कड़ी मेहनत के कारण 21 से बढ़कर 100 तक सीटें पहुंची है. लेकिन डेढ़ साल में उस गति से काम नहीं कर पाए. 

VIDEO: बीजेपी ने विधायक दल की बैठक टाली, अब 13 अगस्त को सुबह 11बजे होगी बैठक 

जब-जब पार्टी ने मुझे दायित्व दिया है मैंने निष्ठा के साथ निभाया:
उन्होंने कहा कि हमने सबको साथ लेकर काम किया है. कठिन परिस्थितियों में किसानों और युवाओं को साथ में लेकर मेहनत की. समयबद्ध तरीके से सभी इश्यू का निराकरण किया जाएगा. मैंने कभी भी किसी के लिए अमार्यादित भाषा का इस्तेमाल नहीं किया. अशोक गहलोत जी मेरे से उम्र में बड़े है लेकिन जिस तरह टीका टिपण्णी हुई उससे मुझे भी दुख हुआ है. जिस तरह के आरोप लगाए है वो सच आपके सामने है. पायलट ने कहा कि सत्ता और संगठन को मिलकर काम करना चाहिए. मुझे दुख है कि देशद्रोह का नोटिस भेजा गया, ACB, SOG की कार्रवाई नहीं होनी चाहिए थी. लेकिन पार्टी आलाकमान ने हमारी बातों को सुना है. जब-जब पार्टी ने मुझे दायित्व दिया है मैंने निष्ठा के साथ निभाया है. दूसरे दल क्या करते है क्या नहीं वो जाने. मैंने पार्टी विचारधारा और पार्टी के खिलाफ कोई बात नहीं बोली. 


 

VIDEO: बीजेपी ने विधायक दल की बैठक टाली, अब 13 अगस्त को सुबह 11बजे होगी बैठक

जयपुर: राजस्थान में आज भाजपा विधायक दल की बैठक होनी थी लेकिन अब वह बैठक टाल दी गई है. नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया ने फर्स्ट इंडिया न्यूज से बातचीत में बताया कि हमने विधायक दल की बैठक बुलाई थी लेकिन हमारे कुछ विधायक गुजरात में होने के चलते आज नहीं आ पाएंगे. इसके बाद कल जन्माष्टमी है. इसलिए सभी ने सुझाव दिया की मीटिंग जन्माष्टमी के बाद की जाए. 

बीजेपी ने पूरा जोर लगा लिया लेकिन एक आदमी टूट कर नहीं गया- मुख्यमंत्री गहलोत 

विधायक दल की बैठक के बाद अविश्वास प्रस्ताव लाया जाएगा:
उन्होंने कहा कि विधायक दल की बैठक के बाद अविश्वास प्रस्ताव लाया जाएगा. बैठक वी. सतीश की मौजूदगी में होगी, वहीं अन्य केंद्रीय नेताओं के भी आने का कार्यक्रम है. हमारी पार्टी में फूट नहीं है लोगों ने ऐसा करने का प्रयास किया. हनुमान बेनीवाल से भी कल हमारी बात हुई, पूर्व मुख्यमंत्री से मेरी बात हुई है वो भी भाजपा की बैठक में मौजूद रहेगी. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि केंद्र की वजह से बिना मन गहलोत को पायलट से मिलना पड़ेगा. 
 

VIDEO: गहलोत-पायलट समझौते का बसपा "इफेक्ट"!

जयपुर: सचिन पायलट की करीब एक महीने की बगावत के बाद कांग्रेस में घर वापसी तय हो गई है. ऐसे में अब देखने वाली बात यह होगी कि गहलोत-पायलट समझौते का बसपा-कांग्रेस विलय प्रकरण पर क्या असर होगा. आज सुप्रीम कोर्ट में इससे जुड़े सभी मुद्दों पर जस्टिस अरुण मिश्रा, जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस कृष्ण मुरारी की बैंच सुनवाई करेगी. 

VIDEO: सीएम गहलोत से मुलाकात के बाद बोले पायलट खेमे के विधायक भंवरलाल शर्मा, मेरा पार्टी से कोई गिला-शिकवा नहीं 

मौजूदा हालात में TRUST VOTE जीतने पर इसका कोई असर नहीं होगा:
ऐसे में यदि सुप्रीम कोर्ट बसपा विधायकों की "वोटिंग राइट्स" पर रोक लगा देता है तो फिर इसका असर गहलोत के TRUST VOTE के परिणाम पर क्या होगा? इस बारे में गहलोत कैम्प से जुड़े सूत्रों ने संकेत देते हुए कहा कि मौजूदा हालात में TRUST VOTE जीतने पर इसका कोई असर नहीं होगा, और फिर रही-सही कसर बागी विधायकों की कांग्रेस वापसी से पूरी हो जाएगी. तेजी से बदलते इस घटनाक्रम से गहलोत कैम्प में जबरदस्त खुशी का माहौल है. 

गहलोत-पायलट संघर्ष प्रकरण समाप्त! दो माह पुराने आंतरिक संघर्ष का हुआ पटाक्षेप

विधानसभा सत्र से पहले ही कांग्रेस ने अपने घर को समेट लिया:  
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने सोमवार को सचिन पायलट और उनके साथी विधायकों से मुलाकात की, सभी की बातें सुनी गईं. जिसके बाद मंगलवार को सभी विधायक जयपुर जा सकते हैं. यानी 14 अगस्त से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र से पहले ही कांग्रेस ने अपने घर को समेट लिया है. वहीं राहुल-प्रियंका से मुलाकात के बाद सचिन पायलट ने मीडिया से बात की, उन्होंने कहा कि पार्टी पद देती है तो ले भी सकती है. हम आत्मसम्मान की लड़ाई लड़ रहे थे.


 

गहलोत-पायलट संघर्ष प्रकरण समाप्त! दो माह पुराने आंतरिक संघर्ष का हुआ पटाक्षेप

जयपुर: राजस्थान में चल रहे सियासी घमासान के बीच बड़ा अपडेट सामने आया है. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक गहलोत-पायलट दो माह पुराने आंतरिक संघर्ष का पटाक्षेप हुआ हैं. अब गहलोत-पायलट टकराव एक बीते युग की बात होगी. आज देर रात तक पायलट की बाकायदा घर वापसी हो जाएगी. पायलट के साथ ही बर्खास्त मंत्री एवं 16 समर्थक विधायक लौटेंगे और अब फिर से राज्य में कांग्रेस की एकता कायम हो जाएगी, लेकिन राजनैतिक प्रेक्षकों के सामने अब एक ही सवाल ? क्या दोनों पक्षों के बीच ये समझौता होगा स्थाई युद्ध विराम ? या फिर कभी पायलट कैम्प "लाइन ऑफ कंट्रोल" पार कर जाएगा ? आखिर कैसे इतनी कटुता भुलाकर दोनों नेताओं का पुनर्मिलन होगा ? और इस पुनर्मिलन की रुपरेखा और व्यवहारिकता पर अभी कुछ प्रश्नचिन्ह लगे हैं. अलबत्ता मध्यस्थ भंवर जितेन्द्र अपनी पूरी कोशिशें कर रहे हैं. आज रात अहमद पटेल-पायलट की मुलाकात के बाद थोड़ा और खुलासा होगा. 

राहुल-पायलट मीटिंग से भाजपा खेमे में निराशा ! ऐनवक्त पर पायलट के यू टर्न लेने से निराशा

तीन सदस्यीय कमेटी बनाने की कही गई बात: 
इससे पहले सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक सोमवार दोपहर सचिन पायलट की राहुल गांधी-प्रियंका गांधी और केसी वेणुगोपाल से मुलाकात हुई थी.इस दौरान चारों के बीच करीब दो घंटे तक चर्चा हुई. मुलाकात के बाद राहुल और प्रियंका सोनिया गांधी से मिलने पहुंचे. उसके बाद अब राहुल-सोनिया और प्रियंका के बीच मुलाकात हुई. मिली जानकारी के अनुसार इस दौरान तीन सदस्यीय कमेटी बनाने की बात कही गई है. ऐसे में तीनों सदस्य पूरे मामले पर विचार विमर्श करने के बाद ही विधायकों की वापसी पर फैसला लेंगे. फिलहाल सचिन पायलट की बातों को नहीं माना गया है. शायद यह मीटिंग बहुत कामयाब नहीं रही. आलाकमान पायलट की मूल मांग मानने के मूड में नहीं है. आलाकमान ने राजस्थान में नेतृत्व परिवर्तन से साफ इनकार किया है. ऐसे में अब आखिर कैसे होगी पायलट और बागियों की सम्मानजनक घर वापसी? फिलहाल किसी को कुछ भी समझ नहीं आ रहा है. शायद आज रात तक कुछ स्थिति स्पष्ट हो जाए. 

एक बार फिर उम्मीद जताई जा रही:  
बता दें कि 14 अगस्त से ही राजस्थान में विधानसभा का सत्र शुरू होने जा रहा है, इस पर सचिन पायलट गुट ने सत्र में शामिल होने के संकेत दे दिए थे. ऐसे में अब प्रियंका और राहुल गांधी से मुलाकात के बाद एक बार फिर उम्मीद जताई जा रही है कि सचिन पायलट अपनी नाराजगी भूलकर पार्टी में वापस आएंगे. पहले भी प्रियंका गांधी वाड्रा ने सचिन पायलट से कई बार फोन पर बात की थी और उन्होंने मसला सुलझाने का प्रयास किया था. 

गहलोत गुट के विधायकों ने की थी एक्शन की मांग:
इससे पहले सोमवार को ही ये बात सामने आई थी कि राजस्थान में गहलोत गुट के विधायकों ने मांग की है कि बागी विधायकों पर एक्शन होना चाहिए, जिसपर सीएम गहलोत ने फैसला आलाकमान पर छोड़ने की बात कही थी. साथ ही कहा था कि इस बारे में सबको आलाकमान का फैसला मानना चाहिए. 

पायलट खेमे के विधायक भंवरलाल शर्मा ने की सीएम गहलोत से मुलाकात, वापसी की रिकवेस्ट लेकर पहुंचे सीएमआर

Open Covid-19