खूंखार वन्यजीवों ने सीखा लॉकउाउन में संयम का पाठ..! झालाना में पानी के घाट पर साकार हुआ कलयुग में 'राम राज'

खूंखार वन्यजीवों ने सीखा लॉकउाउन में संयम का पाठ..! झालाना में पानी के घाट पर साकार हुआ कलयुग में 'राम राज'

जयपुर: कोरोना महामारी ने सारी दुनिया को भले ही झकझोर कर रख दिया हो लेकिन पर्यावरण को इन साढ़े तीन महीने में इतनी शुद्धता दे दी है कि खूंखार समझे जाने वाले वन्यजीवों का व्यवहार भी बदल दिया है. जी हां...हम आपको झालाना लैपर्ड सफारी की वो तस्वीर दिखाने जा रहे हैं जिसमें राम राज साकार होता दिखा और तेंदुआ और नील गाय एक ही घाट पर पानी पीते दिखाई दिए. 

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वन्यजीवों के संयम की बानगी दिखाई दी:  
वन्यजीव विशेषज्ञों का माना है कि पर्यावरण में सुधार से वन्यजीवों के व्यवहार में भी परिवर्तन आया है. लॉक डाउन में मानवीय दखल कम होने, वाहनों का शोर न्यूनतम स्तर पर रहने, मानसून पूर्व की अच्छी बरसात और स्वच्छ हवा ने वो संभव कर दिखाया जिसे बड़े बड़े वैज्ञानिक आज तक नहीं कर पाए. शुद्ध वातारण ने खूंखार समझे जाने वाले बिग कैट वर्ग के वन्यजीवों को संयम की परिभाषा सिखा दी है. वन्यजीवों के संयम की बानगी दिखाई दी झालाना लैपर्ड सफारी में. सफारी के रूट नंबर एक के वाटर प्वाइंट नंबर 4 पर एक अदभुत नजारा देखने को मिला. इस वाटर प्वाइंट पर झालाना लैपर्ड सफारी का सबसे मजबूत लैपर्ड 'रेंबो' और नीलगाय एक साथ पानी पीते दिखाई दिए.

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राम राज साकार होता दिखाई दिया:
स्टेट वाइल्ड लाइफ बोर्ड के सदस्य धीरेंद्र गोधा और वाइल्डलाइफर धीरज कपूर ने इस अदभुत दृश्य को अपने कैमरे में कैद किया. गोधा का कहना है कि उन्होंने दो दशक से ज्यादा समय वन्यजीवों की गतिविधयों को देखने, समझने और उनकी फोटोग्राफी में गुजारा है लेकिन ऐसा शानदार दृश्य कभी नहीं देखा जिसमें राम राज साकार होता दिखाई दिया हो. 

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