इस गांव में गहराया जलसंकट, पानी के ड्रमों पर ताला लगाकर रखते लोग

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/06/03 06:18

भीलवाड़ा:       रहिमन पानी राखिये, बिन पानी सब सून।
                     पानी गये न ऊबरे, मोती, मानुष, चून॥

कहते है कि पुरानी कहावत कभी भी झुठ नहीं बोलती है. इन मुहावरों में जो भी कहा गया था आज वो सब एक-एक करके सच होता जा रहा है. र‍हीम ने उस समय ही पानी की तुलना हिरे-मोतियों से कर दी थी. आज यह सब देखने को मिल रहा है भीलवाड़ा जिले के हुरडा पंचायत समिति के आगुचा ग्राम पंचायत के परसरामपुरा गांव में. जहां पानी की ऐसी समस्‍या है कि लोगों को हीरे-मोती की तरह पानी के ड्रमों पर ताला लगाकर रखना पड रहा है.

गांववासियों को पानी चोरी होने का डर
परसरामपुरा ग्राम में 7 से 8 दिन के अंतराल में भारतीय जिंक लिमिटेड द्वारा पेयजल का टैंकर गांव में भेजा जाता है और एक टैंकर गांव में प्रत्येक घर के बाहर प्लास्टिक के रखे हुए ड्रमो में पानी भरता है. पानी पर्याप्त नहीं होने के कारण वह रात में पानी चोरी होने की वजह से ग्रामवासी अपने घर के बाहर रखे हुए ड्रमो के हमेशा ताले लगाते हैं. यहां पानी सोने से भी महंगा है. जिसके कारण पानी को चोरी होने से बचाया जा सके और खुद पानी का उपयोग कर सकें.

गांव में गहराया पेयजल संकट
ग्रामवासी का एक ही स्वर में कहना है कि हमारे गांव में पेयजल संकट बहुत गहरा गया है. यहां तक कि पशुओं के पानी पीने की खेली भी खाली है. हमारे को भारतीय जिंक लिमिटेड द्वारा पानी सप्लाई किया जा रहा है लेकिन पानी की कमी के कारण 8 दिन के अंतराल में पानी मिलने के कारण हमारे घर के बाहर के प्लास्टिक के ड्रमों के हमारे को ताला लगाना पड़ता है, जिससे हमारा पानी चोरी ना हो सके.

ड्रमों पर ताला लगाकर रखते हैं
ग्रामीण यह भी कहते हैं कि हम ड्रमो के ताला लगाना नहीं चाहते लेकिन चोरी की शिकायत पर ग्राम में आपसी झगडे होते हैं. इसके कारण यह फैसला लिया गया. यदी हमें दो या तीन दिन में पानी सप्‍लाई कर दिया जाये तो यह नौबत खत्‍म हो जायेगी.

कलेक्टर ने दिया आश्वासन
वहीं पानी की समस्या को लेकर जिला कलेक्टर राजेंद्र भट्ट ने कहा कि परसरामपुरा गांव में पानी की कमी है. जिसको लेकर मैने हिंदुस्तान जिंक के अधिकारियों को निर्देश दे दिया है जल्द से जल्द परसरामपुरा गांव में पेयजल की समस्या दुर करें. जल्द ही गांव में 48 से 72 घंटे के अंतराल में पानी का टैंकर गांव में मिलने लग जाएगा. 

कलेक्टर ने की जिलेवासियों से अपील
जिससे ग्रामवासियों को पानी की समस्या नहीं होगी. साथ ही मैं जिलेवासियों से अपील करना चाहता हूं कि जिस तरह परसरामपुरा गांव के लोगों ने पानी की कीमत समझ ली है उसी तरह भीलवाड़ा जिले के दूसरे ग्राम के लोग भी जहां पानी ज्यादा है वहां पानी की कीमत समझे और व्यर्थ में बर्बाद न करें. अब  सोचने वाली बात यह है कि कब तक ग्रामवासी पानी के लिए यूं ही तरसते रहेगें और प्रशासन कब जागेगा.

 भीलवाड़ा से नरपत जोया की रिपोर्ट

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