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VIDEO: जयपुर एयरपोर्ट पर दिख रही एयरलाइंस की दोहरी नीति, दिवाली पर घर आएंगे तो कटेगी जेब

VIDEO: जयपुर एयरपोर्ट पर दिख रही एयरलाइंस की दोहरी नीति, दिवाली पर घर आएंगे तो कटेगी जेब

जयपुर: हवाई किराए को लेकर एयरलाइंस की दोहरी नीति का खुलासा हुआ है. दिवाली पर जब लोग अपने परिवार जनों के साथ मिलकर त्योहार मनाना चाहते हैं तो इसमें एयरलाइन अपना मुनाफा निकाल रही हैं. हालात ये हैं कि दिवाली से पहले जयपुर आने का किराया जहां 4 से 5 गुना है, जाने का किराया लगभग सामान्य ही है. क्यों हो रहा है ऐसा, एयरलाइंस पर क्या हो सकती है कार्रवाई, फर्स्ट इंडिया न्यूज पर ये एक्सक्लूसिव रिपोर्ट:

आना महंगा, जाना सस्ता:
दीप पर्व को अपनों के बीच मनाने का एक अलग ही उल्लास रहता है. हर कोई इस सबसे बड़े त्योहार को अपने परिजनों और मित्रों के साथ मनाना चाहता है. ऐसे में यदि लोग दूसरे शहर में रहकर काम करते हैं तो वे दिवाली पर जरूर लौटते हैं, लेकिन इस दीप पर्व पर भी हर बार की तरह आने-जाने के लिए परेशानी बढ़ गई है. जयपुर आने के लिए एक तरफ जहां ट्रेनों में सीट नहीं मिल रही है, वहीं दूसरी तरफ एयरलाइंस ने भी हवाई किराए में बढ़ोतरी कर दी है, लेकिन हवाई किराए को लेकर एक और आश्चर्यजनक स्थिति देखने को मिल रही है. एक ही शहर के लिए उसी दिन आने और जाने के किराए में भारी अंतर देखने को मिल रहा है. दिवाली से पहले धनतेरस पर यदि कोई व्यक्ति दूसरे शहर से जयपुर आना चाहता है तो उसे किराया ज्यादा चुकाना होगा, जबकि उसी दिन और लगभग उसी समय की फ्लाइट से जयपुर से दूसरे शहर जाना हो तो किराया काफी कम लगेगा. एयरलाइंस की इस दोहरी नीति की एक बानगी देखिए

धनतेरस पर 25 अक्टूबर को किराए का अंतर:
—मुम्बई से जयपुर आने के लिए गो एयर में किराया 11397 से लेकर 14075 रुपए
—जबकि उसी दिन जयपुर से मुम्बई के लिए गो एयर में लग रहे 5454 रुपए
—स्पाइसजेट की फ्लाइट में आने का किराया 11503 से लेकर 16753 रुपए
—जबकि उसी दिन मुम्बई जाने का किराया 5455 रुपए
—इंडिगो की फ्लाइट में मुम्बई से जयपुर आने का किराया 11659 से 16385 रुपए
—जबकि जयपुर से मुम्बई का इंडिगो का किराया 4930 से लेकर 5454 रुपए

—पुणे से जयपुर आने के लिए 25 अक्टूबर को इंडिगो में किराया 15405 रुपए
—जयपुर से पुणे के लिए 25 अक्टूबर को इंडिगो में किराया 5454 रुपए
—एयर एशिया का पुणे से जयपुर 15405 रुपए, जयपुर से पुणे का 5499 रुपए
—स्पाइसजेट का पुणे से जयपुर 15272 रुपए, जयपुर से पुणे का 5455 रुपए

—स्पाइसजेट का अहमदाबाद से जयपुर का 25 अक्टूबर को किराया 9675 रुपए
—जबकि जयपुर से अहमदाबाद जाने का किराया 4509 रुपए
—गो एयर का अहमदाबाद से आने का 10411 रुपए, जाने का 4510 रुपए

—चेन्नई से जयपुर इंडिगो का 25 अक्टूबर का किराया 11546 रुपए
—जबकि जयपुर से चेन्नई के लिए इंडिगो का 25 अक्टूबर को किराया 7791 रुपए

—बेंगलूरु से जयपुर के लिए सभी एयरलाइंस का 25 अक्टूबर को किराया 10451 रुपए
—जबकि 25 अक्टूबर को बेंगलूरु जाने के लिए एयरलाइंस ले रहीं 7764 रुपए

दूसरे बड़े शहरों के लिए जाने वाले लोगों की संख्या कम:
हवाई किराए में दोहरी नीति लगभग सभी शहरों के लिए देखने को मिल रही है. जयपुर एयरपोर्ट पर एक एयरलाइन के स्टेशन मैनेजर ने एनोनिमिटी की शर्त पर बताया कि इसके पीछे प्रमुख वजह यह सामने आ रही है कि बड़ी संख्या में जयपुराइट्स बड़े शहरों में रहते हैं. मुम्बई, पुणे, बेंगलूरु, कोलकाता, हैदराबाद, अहमदाबाद आदि शहरों में शहरवासी काम के सिलसिले में रहते हैं. ऐसे में दिवाली से पहले वे जयपुर लौटते हैं. जबकि जयपुर से दूसरे बड़े शहरों के लिए जाने वाले लोगों की संख्या कम होती है. क्योंकि इन दूसरे शहरों के लोग जयपुर में कम संख्या में रहते हैं. लेकिन इसे एक जायज कारण नहीं ठहराया जा सकता. क्योंकि एयरलाइंस की इस दोहरी नीति की वजह से नुकसान आम यात्रियों को झेलना पड़ रहा है.

... संवाददाता काशीराम चौधरी की रिपोर्ट 

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Rajasthan Corona Updates: पिछले 24 घंटे में रिकॉर्ड 13 मौतें, 253 नए पॉजिटिव केस, कुल मरीजों की संख्या पहुंची 10 हजार 337 

जयपुर: राजस्थान में लगातार कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या में इजाफा होता ही जा रहा है. पिछले 24 घंटे में 13 मरीजों की मौत हो गई. जबकि 253 नए पॉजिटिव केस सामने आये है. राजस्थान में अब तक 231 लोगों की कोरोना की चपेट में आने से मौत हो चुकी है. वहीं कुल 10 हजार 337 मामले सामने आ चुके है. 

पिछले 24 घंटे में 13 मरीजों की मौत:
अकेले जयपुर में सर्वाधिक 4 मरीजों की मौत हो गई. इसके अलावा भरतपुर, भीलवाड़ा, धौलपुर, जोधपुर, कोटा, नागौर, सवाई माधोपुर में एक-एक मरीज की मौत हो गई.राज्य से बाहर के 2 मरीज की भी मौत हुई. 

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भरतपुर में मिले सबसे ज्यादा मरीज:
शनिवार को अजमेर में 1, बारां में 1, बाड़मेर में 1, भरतपुर में 63, भीलवाड़ा में 3, बीकानेर में 1, चित्तौड़गढ़ में 3, चूरू में 10, दौसा में 2, धौलपुर में 1, डूंगरपुर में 1, जयपुर में 36, झुंझुनूं में 1, जोधपुर में 56, करौली में 9, कोटा में 3, नागौर में 4, पाली में 14, राजसमंद में 1, सवाईमाधोपुर में 15, सीकर में 13, सिरोही में 4, उदयपुर में 9, अन्य राज्य से 1 मरीज पॉजिटिव मिला. 

शुक्रवार को प्रदेश में 222 नए रोगी सामने आए:
इससे पहले शुक्रवार को प्रदेश में 222 नए रोगी सामने आए. वहीं पांच रोगियों ने दम भी तोड़ा है. इनमें अजमेर में 2, जयपुर व सवाई माधोपुर में 1-1 तथा एक बाहरी राज्य के रोगी की मौत हुई. सर्वाधिक 51 पॉजिटिव मरीज अकेले जोधपुर में चिह्नित किए गए है. बारां 4, भरतपुर 42, भीलवाड़ा 3, जयपुर 16 मरीज पॉजिटिव, झालावाड़ 24, झुंझुनूं 8, कोटा 2, नागौर में 9 मरीज पॉजिटिव, पाली 19, राजसमंद 12, सवाई माधोपुर एक, सीकर 17 मरीज पॉजिटिव, सिरोही 10, उदयपुर में 1 और राज्य से बाहर के 3 मरीज पॉजिटिव मिले है. 

प्राधिकरण,न्यास और शहरी निकायों की लापरवाही, फायर सेस जमा करने में बरती जा रही लापरवाही 

सीएम गहलोत का धर्मगुरुओं से संवाद, 50 से अधिक धर्मगुरुओं से किया सीएम ने संवाद

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जयपुर: मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कोरोना महामारी के कारण आमजन के लिए बंद किए गए धर्म स्थलों को पुनः खोलने के लिए शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सभी धर्मों के धर्म गुरूओं, संत-महंतों, धर्म स्थलों एवं धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत चर्चा की. सभी ने एक राय से मुख्यमंत्री गहलोत को कहा कि धार्मिक स्थान का लॉक डाउन 30 जून तक जारी रखना चाहिए. इस बीच चर्चा में आए सुझावों के आधार पर धर्म स्थल खोलने के लिए सीएम ने जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में कमेटी गठित करने का निर्णय लिया.

सभी प्रमुख मंदिरों के महंतों-पुजारियों से की बात:
मुख्यमंत्री गहलोत ने बड़ी पहल करते हुए शनिवार को प्रदेश के प्रमुख धर्मगुरुओं और धार्मिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ तीन घंटे तक गहन विचार विमर्श किया. प्रदेश के विभिन्न जिलों से प्रमुख धार्मिक स्थानों के 232 प्रतिनिधि मौजूद थे. मुख्यमंत्री ने इनमें से 50 से अधिक प्रतिनिधियों और धर्मगुरुओं से चर्चा की. मोती डूंगरी गणेश मंदिर महंत कैलाश शर्मा से सीएम गहलोत ने चर्चा की शुरुआत की. कैलाश शर्मा ने कहा कि अभी धार्मिक स्थान खोलने में जल्दबाजी होगी, क्योंकि संक्रमण अभी फैल रहा है. ऐसे में धार्मिक स्थान खोलने से पहले पुलिस व प्रशासन पूरी तैयारी करे. अन्य धार्मिक प्रतिनिधियेां ने भी इसी सुर में सुर मिलाते हुए कहा कि धार्मिक स्थानों पर लॉक डाउन 30 जून तक रखना चाहिए. खाटूश्यामजी व सालासर बालाजी मंदिर के अलावा अजमेर दरगाह कमेटी के प्रतिनिध भी मौजूद थे. अमीन पठान, राजेंद्र गोधा, अवधेशाचार्य, खानू खान, अंजन कुमार सहित कई लोगों ने चर्चा में हिस्सा लिया.

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धर्म स्थलों को खोलने के संबंध में देगी सुझाव: 
इस वीसी में सीएम गहलोत ने कहा कि जिला स्तरीय कमेटी धार्मिक स्थलों की स्थिति, सोशल डिस्टेंसिंग, सैनेटाइजेशन सहित अन्य हैल्थ प्रोटोकॉल के साथ संक्रमण से बचाव के विभिन्न उपायों पर विमर्श कर धर्म स्थलों को खोलने के संबंध में सुझाव देगी. कमेटी में पुलिस अधीक्षक और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के साथ ही सभी धर्मों के धर्मगुरू, जिले के प्रमुख धार्मिक स्थलों के मुख्य महंत, ट्रस्टी एवं व्यवस्थापक सदस्य के रूप में शामिल होंगे.मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कोरोना के मामले जैसे ही सामने आये, राज्य सरकार ने इस चुनौती से निपटने के लिए धर्म गुरूओं, जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संगठनों, उद्यमियों सहित सभी वर्गों को साथ लिया. उन्होंने कहा कि कोरोना का खतरा अभी टला नहीं है, ऎसे में धर्म स्थलों को फिर से खोले जाने में आप सबके सुझाव महत्वपूर्ण हैं. धर्म गुरूओं के संदेश का समाज में एक अलग प्रभाव होता है.

चिकित्सा के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने की पहल:
चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने कहा कि संकट की इस घड़ी को राज्य सरकार ने एक अवसर के रूप में लेते हुए प्रदेश में चिकित्सा के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने की पहल की है. उन्होंने कहा कि कोरोना को लेकर राजस्थान की उपलब्धियों की सर्वत्र प्रसंशा हो रही है. प्रदेश की सभी धार्मिक संस्थाओं ने इस लड़ाई में भरपूर सहयोग दिया है. अतिरिक्त मुख्य सचिव चिकित्सा रोहित कुमार सिंह ने बताया कि प्रदेश में अब तक कोरोना के 10 हजार से अधिक मामले सामने आए हैं, जिनमें से 7384 रोगी ठीक भी हो चुके हैं. वीडियो कॉन्फेंस के दौरान राज्य मंत्रिमण्डल के सदस्य, अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह राजीव स्वरूप, पुलिस महानिदेशक भूपेन्द्र सिंह, सूचना एवं जनसम्पर्क आयुक्त महेन्द्र सोनी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे.

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प्राधिकरण,न्यास और शहरी निकायों की लापरवाही, फायर सेस जमा करने में बरती जा रही लापरवाही 

जयपुर: बहुमंजिला इमारतों की स्वीकृति के बदले वसूले जाने वाले फायर सेस को सरकार के खाते में जमा कराने को लेकर प्रदेशभर के विकास प्राधिकरण, नगर सुधार न्यास और शहरी निकाय लापरवाही बरत रहे हैं. इसके चलते सभी शहरों की अग्निशमन व्यवस्था मजबूत करने का सरकार का इरादा पूरा होता नहीं दिख रहा है. शहरों में 15 मीटर व उससे अधिक ऊंचाई की इमारतों को बहुमंजिला इमारतों की श्रेणी में रखा गया है. इन इमारतों के निर्माण की स्वीकृति देते समय निर्माणकर्ता से फायर सेस की वसूली की जाती है. वसूले गए फायर सेस की राशि को शहरों की अग्निशमन व्यवस्था सुदृढ़ करने में खर्च करना होता है. आपको बताते हैं कि फायर सेस से अग्निशमन व्यवस्था मजबूत करने का उद्देश्य क्यों नहीं पूरा हो पा रहा है.

- प्राधिकरण, नगर सुधार न्यास या शहरी निकाय अपने क्षेत्र में बहुमंजिला इमारत की स्वीकृति के बदले खुद फायर सेस की वसूली करते हैं
- किसी भी शहर में आग लगने पर उसे बुझाने की जिम्मेदारी संबंधित नगर पालिका, नगर परिषद या नगर निगम की है
- ऐसे में जरूरी है कि संबंधित शहरी निकाय ही इस राशि का उपयोग करें
- प्राधिकरण व नगर सुधार न्यास को अपने क्षेत्र में वसूली यह राशि संबंधित शहरी निकायों को देनी होती है
- अक्सर सरकार के पास शिकायतें आती है कि संबंधित प्राधिकरण या नगर सुधार न्यास ने यह राशि शहरी निकाय को नहीं दी है
- कई बार प्राधिकरण या नगर सुधार न्यास फायर सेस की राशि सीधे देने के बजाय शहरी निकाय के क्षेत्र में विकास कार्य कराने पर खर्च राशि से उसका पुनर्भरण कर देते हैं

फायर सेस की वसूली के मौजूदा सिस्टम में इन खामियों के चलते राज्य सरकार ने नया सिस्टम लागू किया था. ताकि प्रदेशभर के शहरों से वसूली की गई फायर शेष की राशि का केंद्रीकृत तरीके से उपयोग किया जा सके. आपको बताते हैं यह नया सिस्टम क्या है और प्राधिकरण, नगर सुधार न्यास और शहरी निकायों की लापरवाही किस तरह से इस सिस्टम को लागू नहीं होने दे रही है.

तजाकिस्तान से आए 183 प्रवासी राजस्थानी, तजाकिस्तान के दुशांबे से आई इवेक्युएशन फ्लाइट

- पूरे प्रदेश से वसूल की गई फायर सेस की राशि एक जगह एकत्र करने के लिए एक्सिस बैंक में एक केंद्रीयकृत खाता खोला गया है

- राज्य सरकार ने 23 दिसंबर 2019 को सभी प्राधिकरण, नगर सुधार न्यास और शहरी निकायों को आदेश दिए कि सभी निकाय फायर सेस की वसूली राशि इस खाते में जमा कराए

- इस आदेश पर कार्यवाही नहीं होने पर स्वायत शासन विभाग और नगरीय विकास विभाग ने 19 मार्च 2020 और 7 मई 2020 को दोबारा आदेश जारी कर यही हिदायत दी

- 5 महीने में तीन आदेश जारी करने के बावजूद फायर सेस की राशि केंद्रीकृत खाते में जमा कराने को लेकर निकायों ने रुचि नहीं दिखाई

- मजबूरन एक बार फिर चौथी बार निकायों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे फायर सेस की राशि तुरंत खाते में जमा कराएं

- लेकिन इस बार दोनों विभागों में सीधे उच्च स्तर से यह आदेश दिए गए हैं 

-यह आदेश नगरीय विकास विभाग के प्रमुख सचिव भास्कर सावंत और स्वायत्त शासन विभाग के सचिव भवानी सिंह देथा की ओर से संयुक्त रूप से जारी किया गया है

8 जून से खुलेंगे रणथंभौर और सरिस्का, एनटीसीए ने दोनों को खोलने की दी मंजूरी

राज्य सरकार की ओर से फायर सेस को लेकर नया सिस्टम लागू करने के पीछे उद्देश्य यही है कि इस राशि का जरूरत के अनुसार समुचित उपयोग किया जा सके. ताकि इस राशि के उपयोग से ऐसे छोटे-छोटे निकायों में भी अग्निशमन संसाधन उपलब्ध कराए जाएं जहां फायर सेस की प्राप्ति बहुत कम होती है. सरकार का यह मकसद आखिर किस तरह पूरा हो पाएगा यह तो आने वाला समय ही बताएगा.

...फर्स्ट इंडिया के लिए अभिषेक श्रीवास्तव की रिपोर्ट 

तजाकिस्तान से आए 183 प्रवासी राजस्थानी, तजाकिस्तान के दुशांबे से आई इवेक्युएशन फ्लाइट

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जयपुर: मिशन वंदे भारत का दूसरा चरण जयपुर एयरपोर्ट पर पूरा हो चुका है, लेकिन इस बीच इवेक्युएशन फ्लाइट्स के आगमन का सिलसिला जारी है. शनिवार को तजाकिस्तान के दुशांबे से सोमन एयर एयरलाइंस की एक इवेक्युएशन फ्लाइट जयपुर पहुंची. इसमें 183 प्रवासी राजस्थानी जयपुर पहुंचे.

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सभी विद्यार्थियों का एयरपोर्ट पहुंचने पर मेडिकल चैक अप:
इनमें ज्यादातर वहां मेडिकल की पढ़ाई कर रहे प्रदेश के विभिन्न जिलों के विद्यार्थी हैं. इन सभी विद्यार्थियों का एयरपोर्ट पहुंचने पर मेडिकल चैक अप किया गया. थर्मल स्क्रीनिंग और डिक्लेरेशन फॉर्म भरवाने के बाद मेडिकल चैक अप किया गया. इसे लेकर उद्योग विभाग, पर्यटन विभाग, चिकित्सा विभाग, जेडीए, जिला प्रशासन और पुलिस की टीमें अलर्ट मोड में रहीं.

22 फ्लाइट्स में 3071 प्रवासी राजस्थानी पहुंचे जयपुर: 
मेडिकल चैक अप के बाद इमिग्रेशन जांच और कस्टम क्लीयरेंस की प्रक्रिया पूरी की गई. सभी विद्यार्थियों को संस्थागत क्वारंटीन के लिए होटल्स में भेजा गया. इवेक्युएशन फ्लाइट्स में तजाकिस्तान से आगामी दिनों में 3 और फ्लाइट जयपुर आएंगी. उद्योग विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुबोध अग्रवाल ने बताया कि वंदे भारत मिशन की 22 फ्लाइट्स में 3071 प्रवासी राजस्थानी जयपुर पहुंच चुके हैं. 

8 जून से खुलेंगे रणथंभौर और सरिस्का, एनटीसीए ने दोनों को खोलने की दी मंजूरी

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जयपुर: कोरोना से संघर्ष में पर्यटन ने जीत की ओर कदम बढ़ा दिए हैं. 1 जून से पर्यटन स्थल खुलने के बाद से ही प्रदेश के पर्यटन स्थलों पर सैलानियों की आवक लगातार बढ़ रही है. अब 8 जून से रणथंभौर और सरिस्का को खोलने के साथ ही होटल, रेस्टोरेंट और क्लब खोलने के आदेश जारी होने से मायूस पर्यटन उद्योग के चेहरे पर भी मुस्कुराहट नजर आने लगी है. उम्मीद की जा रही है कि दोनों टाइगर पार्क और होटल रेस्टोरेंट खुलने के बाद पर्यटन में और तेजी आएगी. प्रदेश के जंगलात महकमे से शनिवार को सबसे बड़ी खबर निकल कर आई जब एनटीसीए ने देश के दोनों नामचीन टाइगर पार्क रणथंभौर और सरिस्का को खोलने की मंजूरी दे दी.

गाइडलाइन की सख्ती से पालना के निर्देश:
चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन अरिंदम तोमर ने इसके बाद रणथंभौर और सरिस्का के अधिकारियों को गाइडलाइन की सख्ती से पालना के निर्देश दिए और 8 जून से पर्यटकों के प्रवेश की अनुमति दे दी. दरअसल 1 जून से प्रदेश के सभी नेशनल पार्क, बायोलॉजिकल पार्क, चिड़ियाघर और जंगलात पर्यटन से जुड़े अन्य अभयारण्य खोलने की अनुमति दे दी थी लेकिन एनटीसीए नंबर और सरिस्का की अनुमति नहीं दी थी. शनिवार को एनटीसीए से अनुमति आने के बाद उम्मीद की जा रही है कि ढाई महीने से अधिक समय तक लॉक डाउन में रहने वाले पर्यटक अब अपने पसंदीदा टाइगर पार्क में जाकर जंगल के राजा से रूबरू हो सकेंगे. 

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मानसून के दौरान बंद रहेंगे टाइगर पार्क:
हालांकि मानसून के दौरान मेटिंग सीजन होने के चलते टाइगर पार्क बंद कर दिए जाते हैं.ऐसे में इस बात को ध्यान में रखना महत्वपूर्ण होगा कि दोनों टाइगर पार्क इस महीने के लिए ही खुलेंगे. इसके बाद 1 जुलाई से 30 सितंबर तक टाइगर पार्क में पर्यटकों का प्रवेश बंद रहेगा. वन विभाग अब दोनों टाइगर पार्क में ऑनलाइन बुकिंग के आधार पर इस महीने पर्यटन चालू रखेगा. पर्यटन के अन्य उत्पादों की बात करें तो प्रदेश में 1 जून को सभी स्मारक और संग्रहालय को भी खोल दिया गया था. पहले सप्ताह के लिए इन स्मारकों में पर्यटकों के प्रवेश के लिए चार अलग-अलग दिन तय किए गए थे. इस सप्ताह के पहले 3 दिन में राजधानी जयपुर के स्मारकों में लगातार पर्यटकों की संख्या बढ़ी है. ढाई महीने के लंबे इंतजार के बाद आज प्रदेश के स्मारक और संग्रहालयओं को पर्यटकों के लिए तीसरी बार खोल गया. 

तीसरे दिन पर्यटकों की संख्या में और इजाफा हुआ:
पहले दिन राजधानी जयपुर में आए 214 पर्यटकों सहित पूरे प्रदेश में स्मारक और संग्रहालय पर कुल 524 सैलानी पहुंचे थे वहीं दूसरी बार यह संख्या बढ़कर 909 हो गई. शनिवार को  तीसरे दिन पर्यटकों की संख्या में और इजाफा हुआ है. इसका सीधा मतलब है कोरोना से संघर्ष में पर्यटन जीत की ओर बढ़ रहा है.राजधानी में शनिवार को न्यूजीलैंड के 2 पर्यटकों सहित कुल 573 पर्यटक पहुंचे इनमें से आमेर 175, जंतर मंतर 93, हवा महल 95, अल्बर्ट हॉल 66, नाहरगढ़ 118, सिसोदिया रानी भाग 9, विद्याधर का बाग2, ईसरलाट 15 पर्यटक पहुंचा. इसी तरह जयपुर के अलावा शेष राजस्थान में कुल पहुंचे 376 पर्यटक पहुंचे. इनमें अजमेर 32, अलवर 105, उदयपुर 4, चित्तौड़गढ़ 121, बीकानेर 0, पाली 6, कोटा 9, झालावाड़ 24 पर्यटक, शाहपुरा 3, गागरोन किला 22, सुख महल बूंदी 11, रानी जी की बावड़ी 21, 84 खंभों की छतरी 7 और बूंदी 11 पर्यटक पहुंचे.

पर्यटन स्थलों की रौनक तेजी से लौटेगी:
पुरातत्व विभाग के निदेेशक प्रकाश चंद्र शर्मा ने बताया कि पर्यटन स्थल खोलने के पहले तीनों दिन सैलानियों की सर्वाधिक आमद आमेर में हुई. उम्मीद की जा रही है कि पर्यटकों की संख्या में दिन-ब-दिन इजाफा होगा और पर्यटन स्थलों की रौनक तेजी से लौटेगी. आमेर महल अधीक्षक पंकज धरेंद्र का कहना है कि पर्यटन को तेजी से मुख्यधारा में लाने के लिए प्रयास जारी हैं अभी स्मारक और संग्रहालय में को खुले तीन ही दिन हुए हैं और पर्यटकों की संख्या का ट्रेंड बता रहा है कि जल्द ही पर्यटन स्थलों पर रौनक लौटेगी. अब पर्यटन उद्योग को उम्मीद है कि 8 जून को प्रदेश में होटल रेस्टोरेंट खुलने से पर्यटन उद्योग को काफी सहारा मिलेगा. उम्मीद की जा रही है कि सितंबर में शुरू होने वाले पर्यटन सत्र से पहले कोरोना संक्रमण की मार झेल रहा पर्यटन उद्योग एक बार फिर अपने पैरों पर खड़ा दिखाई देगा.

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फिर से लौटेगी होटल, रेस्टोरेंट और क्लबों में रौनक, इन गतिविधियों को सशर्त दी गई खोलने की अनुमति

जयपुर: कोरोना संकट के बीच एक बार फिर से होटल,रेस्टोरेंट और क्लबों में रौनक लौटेगी. 8 जून को राजस्थान में होटल,रेस्टोरेंट और क्लब खोल दिए जाएंगे. रेस्टोरेंट में टेबल्स के बीच कम से कम 6 फीट की दूरी रखनी होगी. फास्ट फूड स्टैंडिंग टेबल्स के बीच में 8 फीट की दूरी होगी. एक टेबल पर दो से अधिक लोग एक साथ नहीं बैठ सकेंगे. 

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इन गतिविधियों को सशर्त खोलने की अनुमति:
प्रदेश के करीब 700 होटल और 1000रेस्टोरेंट और क्लब को जीवनदान मिला. सोमवार से होटल, रेस्टोरेंट, क्लब और मॉल्स खोलने के गृह विभाग ने अनलॉक संशोधित आदेश जारी किए है. गृह मंत्रालय के आदेशों की क्रियान्वित की गई. इन गतिविधियों को सशर्त खोलने की अनुमति दी गई है.

गाइड लाइन के मुताबिक:
-रेस्टोरेंट,क्लब की सीटिंग व्यवस्था में 6 फीट की दूरी जरूरी
-फास्ट फूड इकाइयों,जहां स्टेंडिंग टेबल हैं वहां टेबलों के बीच 8 फीट
-दूरी एक टेबल पर 2 से अधिक व्यक्ति नहीं हों
-शॉपिंग मॉल्स में गृह मंत्रालय की एसओपी का करना होगा पालन

सीएम गहलोत का बड़ा फैसला:
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बड़ा फैसला लिया है. अब सोमवार से राजस्थान के होटल्स, शॉपिंग मॉल्स,रेस्टोरेंट और क्लब भी खोलने का फैसला लिया है. फर्स्ट इंडिया ने पहले ही इसको लेकर संकेत दे दिए थे. फर्स्ट इंडिया ने प्रमुखता से पूरा मुद्दा उठाया था. होटल व्यवसाय से जुड़े लोगों की बेरोजगारी का मुद्दा उठाया था और शनिवार को सीएम गहलोत ने फिर संवेदनशीलता दिखाई. होटल्स और रेस्टोरेंट खोलने के आदेश जारी किए है. ACS होम राजीव स्वरूप ने आदेश जारी किए है.

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जयपुर: कोरोना संकट के बीच राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बड़ा फैसला लिया है. अब सोमवार से राजस्थान के होटल्स, शॉपिंग मॉल्स,रेस्टोरेंट और क्लब भी खोलने का  फैसला लिया है. फर्स्ट इंडिया ने पहले ही इसको लेकर संकेत दे दिए थे. फर्स्ट इंडिया ने प्रमुखता से पूरा मुद्दा उठाया था. होटल व्यवसाय से जुड़े लोगों की बेरोजगारी का मुद्दा उठाया था और शनिवार को सीएम गहलोत ने फिर संवेदनशीलता दिखाई. होटल्स और रेस्टोरेंट खोलने के आदेश जारी किए है. ACS होम राजीव स्वरूप ने आदेश जारी किए है.

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होटल इंडस्ट्री के सबसे बड़ी खबर:
कोरोना संकट के बीच देशव्यापी लॉकडाउन के तहत जरूरी सेवाओं को छोडकर सभी बंद था. ऐसे में लॉकडाउन 5 के तहत केन्द्र सरकार द्वारा अनलॉक 1 के आदेश जारी किए गए थे. जिसके बाद करीब करीब सभी सेवाओं में शर्तों के साथ छूट दी गई है. इसके तहत राजस्थान में 8 जून को होटल और रेस्टोरेंट खुल जाएंगे. गृह मंत्रालय की एसओपी का सख्ती से पालन करना होगा. पर्यटन क्षेत्र को इस निर्णय से मजबूती मिलेगी. 

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SBI का बैंक मैनेजर मनोज सोनी गिरफ्तार, KCC के खातों में किया था 68 लाख रुपए का गबन

SBI का बैंक मैनेजर मनोज सोनी गिरफ्तार, KCC के खातों में किया था 68 लाख रुपए का गबन

श्रीगंगानगर: प्रदेश के श्रीगंगानगर जिले का गबन से नाता टूटता हुआ नजर नहीं आ रहा है. पहले भी बेंको में गबन के मामले सामने आते रहे है शिक्षा विभाग में भी करोड़ो गबन के मामले में श्रीगंगानगर ख़ासा चर्चित रहा था. अब एक बार फिर से SBI बैंक मैनेजर द्वारा 68 लाख के घोटाले की बात सामने आ रही है. 

सदर थाना पुलिस की कार्रवाई:
हालांकि इस मामले में अभी कुछ कहा नहीं जा सकता है क्यूंकि श्रीगंगानगर की सदर पुलिस ने अभी 68 लाख के बैंक घोटाले में बैंक मैनेजर ऋण शाखा को गिरफ्तार किया है. वहीं पुलिस सूत्रों की माने तो अभी इस मामले में इसके इसके एक ओर साथी के हाथ की बात सामने आ रही है. जिसको लेकर पुलिस भी सतर्क हो चुकी है. मामले में पुलिस को अभी दूसरे साथी की तलाश है जिसको पकडऩे के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है. 

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केसीसी खातों से 68 लाख रुपए के गबन का आरोप:
जानकारी के अनुसार मोहम्मद सदीक हाल शाखा प्रबंधक ने पुलिस में रिपोर्ट दी की हमारे बैंक के ऋण शाखा प्रभारी मनोज सोनी ने अपने एक साथी जयप्रकाश के साथ मिलकर किसी हरिराम किसान के नाम से फर्जी केसीसी बनाकर उठा ली. एसबीआई के ऋण शाखा मैनेजर मनोज कुमार सोनी ने दो केसीसी खातों से 68 लाख रुपए का गबन कर लिया. जिसमें उसके एक साथी जयप्रकाश का भी सहयोग रहा है. पुलिस ने बैंक मैनेजर मनोज कुमार सोनी को गिरफ्तार कर लिया है, जिससे पूछताछ चल रही है. 

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