MP के तीन शहरों में 31 मार्च तक स्कूल-कॉलेज बंद, हफ्ते में 32 घंटे का टोटल लॉकडाउन

MP के तीन शहरों में 31 मार्च तक स्कूल-कॉलेज बंद, हफ्ते में 32 घंटे का टोटल लॉकडाउन

MP के तीन शहरों में 31 मार्च तक स्कूल-कॉलेज बंद, हफ्ते में 32 घंटे का टोटल लॉकडाउन

भोपाल: देश में कोरोना का संक्रमण लगातार बढ़ता ही जा रहा है. ऐसे में मध्य प्रदेश में पिछले 24 घंटे में रिकाॅर्ड 1140 नए संक्रमित मिलने के बाद सरकार अब सख्ती बरत रही है. राजधानी भोपाल, इंदौर और जबलपुर में अब हर रविवार को टोटल लॉकडाउन करने का फैसला लिया गया है.

32 घंटे का टोटल लॉकडाउन रहेगा:
तीनों शहरों में अगले आदेश तक हर वीकैंड पर शनिवार रात 10 बजे से सोमवार सुबह 6 बजे तक कुल 32 घंटे का टोटल लॉकडाउन रहेगा. वहीं पर इन तीनों शहरों में 31 मार्च तक स्कूल-कॉलेज भी बंद रहेंगे. कोरोना के चलते पिछले साल 22 मार्च से लॉकडाउन लगा था, एक साल बाद 21 मार्च को फिर लॉकडाउन लगेगा. भोपाल, इंदौर और जबलपुर में शनिवार रात 10 बजे से सोमवार सुबह 6 बजे तक कुल 32 घंटे का लॉकडाउन रहेगा.

लॉकडाउन का परिक्षाओं पर नही पड़ेगा कोई फर्क:
लाॅकडाउन को लेकर गृह विभाग ने निर्देश जारी कर दिए हैं। इधर, मध्यप्रदेश लोकसेवा आयोग की परीक्षाएं 21 मार्च रविवार से ही शुरू होने जा रही हैं. लॉकडाउन के बावजूद अभ्यर्थी परीक्षा के लिए आ-जा सकेंगे। दूसरी परीक्षाओं के लिए भी यह छूट दी गई है.

ठीक एक साल बाद याद आया लॉकडाउन:
कोरोना के चलते पिछले साल 22 मार्च से लॉकडाउन शुरू हुआ था. उसके ठीक एक साल बाद 21 मार्च को MP में दोबारा लॉकडाउन लगेगा. राज्य में बिगड़ते हालात के मद्देनजर CM शिवराज ने बंगाल से लौटकर एयरपोर्ट से सीधे मंत्रालय पहुंचकर समीक्षा बैठक की. बैठक में मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैस, डीजीपी विवेक जौहरी, स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव मोहम्मद सुलेमान, गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव डाॅ. राजेश राजौरा और प्रमुख सचिव शिव शेखर शुक्ला शामिल थे.

मार्च में कोरोना की दूसरी लहर: स्वास्थ्य विभाग
बैठक में अपर मुख्य सचिव मोहम्मद सुलेमान ने बताया कि पिछले दिन (गुरुवार को) राज्य में 21 हज़ार कोरोना टेस्ट किए गए. इसमें प्रदेश का पॉजिटिविटी रेट 5.5 % आया है. जो बहुत ज्यादा है. स्वास्थ्य विभाग के अनुसार मार्च में कोरोना की दूसरी लहर आ चुकी है. जो ज्यादा खतरनाक है. संक्रमण से बचने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग जरूरी है. लेकिन बाजारों में लोग कोरोना गाइडलाइन का पालन नहीं कर रहे हैं. इससे संक्रमण के तेजी से फैलने का खतरा है.

इंदौर और भोपाल में हालात सबसे ज्यादा बिगड़े:
इंदौर और भोपाल में सबसे तेजी से संक्रमण फैल रहा है. इंदौर में मरीजों का आंकड़ा एक बार फिर 300 के पार पहुंच गया है. यहां 2 महीने 26 दिन बाद 302 केस मिले हैं. इसी तरह भोपाल में 3 महीने 7 दिन बाद एक दिन में 203 पॉजिटिव मरीज मिले हैं. संक्रमितों की संख्या बढ़ने का एक आधार टेस्टिंग बढ़ना भी है. दो दिन पहले तक 18 हजार तक टेस्ट हो रहे थे. लेकिन 18 मार्च को संख्या बढ़ा कर 20,770 की गई. ऐसे में संक्रमितों की संख्या भी बढ़ गई. CM शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को कोरोना की समीक्षा बैठक में यह निर्देश दिए.

तीनों शहरों में बिना अनुमति के नही हो सकेंगे समारोह:
बैठक के बाद मुख्यमंत्री शिवराज ने कहा कि इंदौर, भोपाल और जबलपुर में सामाजिक समारोह आयोजित करने के लिए प्रशासन से अनुमति लेनी होगी. बिना इजाजत के किसी भी तरह के कार्यक्रम आयोजित करने पर कार्रवाई होगी. सरकार ने साफ कर दिया है कि भोपाल, इंदौर और जबलपुर के साथ रोजाना ग्वालियर, उज्जैन, रतलाम, छिंदवाड़ा, बुरहानपुर और खरगोन में रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक बाजार बंद हो जाएंगे. केवल मेडिकल, राशन और खानपान की दुकानों पर यह प्रतिबंध लागू नहीं होगा.

महाराष्ट्र आने-जाने वाली बसों पर पाबंदी:
इससे पहले गुरुवार को मुख्यमंत्री ने कोरोना की समीक्षा बैठक के दौरान सभी कलेक्टरों और सीएमएचओ के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मौजूदा हालात को लेकर चर्चा की थी. इस बैठक के बाद महाराष्ट्र से मध्य प्रदेश में आने और जाने वाली यात्री बसों पर 20 मार्च से 31 मार्च तक के लिए रोक लगा दी थी. बैठक में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रदेश में कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं. फिर से गंभीर स्थिति न हो, इसके लिए सभी अनिवार्य रूप से मास्क लगाएं, सोशल डिस्टेंसिंग रखें, कहीं भीड़ न करें. जो लोग मास्क नहीं लगा रहे हैं वे न केवल अपनी, बल्कि समाज में सभी की जिंदगी खतरे में डाल रहे हैं.

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