डूंगरपुर Dungarpur: 200 निराश्रित बच्चों ने अनुपयोगी सामग्री से बनाई 75 फीट परिधि की राखी

Dungarpur: 200 निराश्रित बच्चों ने अनुपयोगी सामग्री से बनाई 75 फीट परिधि की राखी

Dungarpur: 200 निराश्रित बच्चों ने अनुपयोगी सामग्री से बनाई 75 फीट परिधि की राखी

डूंगरपुर: भाई-बहन के प्यार के प्रतीक रक्षा बंधन (Raksha Bandhan) त्योहार को खास बनाने के लिए जिले (Dungarpur) में निराश्रित बच्चों ने अनुपयोगी सामग्री से 75 फीट परिधि की राखी का निर्माण किया. अनुपयोगी सामग्री से इतनी बड़ी राखी बनाकर निराश्रित बच्चों ने आमजन को स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया. आज शहर में संचालित मुस्कान संस्थान में रह रहे 200 निराश्रित बच्चें तहसील चौराहा स्थित श्यामा प्रसाद मुखर्जी हॉल पहुंचे. 

जंहा उन्होंने रोजमर्रा के जीवन मे काम आने वाले सामान से निकली अनुपयोगी सामग्री जैसे डिस्पोजल बोतले, रैपर्स, पुरानी सीडी, कागज और गत्तों की मदद से 75 फीट परिधि वाली 200 किलो वजन की राखी का निर्माण किया. संस्थान के सचिव भरत नागदा ने बताया कि इस राखी के निर्माण में 1000 प्लास्टिक की डिस्पोजल बोतलें, 1000 पुरानी सीडी, 8 पुरानी साड़ियां, बोतलों के ढक्कन, कागज, गत्ते, 6 बांस, चिप्स के खाली रैपर्स आदि सामग्री का उपयोग किया गया.

यह राखी विश्व की सबसे बड़ी राखी है:

नागदा ने बताया कि डूंगरपुर शहर राजस्थान का सबसे स्वच्छ शहर है. वहीं निराश्रित बच्चों ने अनुपयोगी सामग्री से बड़ी राखी का निर्माण कर आमजन को सार्वजनिक स्थानों पर कचरा नहीं फेंकने और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया. अब इस राखी को प्रदर्शन के लिए शहर के सार्वजनिक स्थान पर रखा जाएगा. इस मौके पर मुस्कान संस्थान के सचिव भरत नागदा ने दावा किया कि निराश्रित बच्चों द्वारा बनाई गई यह राखी विश्व की सबसे बड़ी राखी है.

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