डूंगरपुर Dungarpur: 100 साल की दादी की हत्या के आरोप में पोता गिरफ्तार, जानिए क्या है पूरा मामला

Dungarpur: 100 साल की दादी की हत्या के आरोप में पोता गिरफ्तार, जानिए क्या है पूरा मामला

Dungarpur: 100 साल की दादी की हत्या के आरोप में पोता गिरफ्तार, जानिए क्या है पूरा मामला

डूंगरपुर: जिले के निठाउवा थाना क्षेत्र के सागोट गांव में 100 साल की दादी की हत्या के आरोप में पुलिस ने उसी के पोते को गिरफ्तार कर लिया है. दादी के पैर से चांदी का कड़ा निकालते समय दादी उठ गई थी तो पोते ने चद्दर से मुंह दबाकर उसकी हत्या कर दी थी. पुलिस ने आरोपी पोते के साथ उसके सहयोगी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि 2 अन्य आरोपी फरार है. जिनकी भी पुलिस तलाश कर रही है.  

डूंगरपुर जिले के निठाउवा थानाधिकारी अब्दुल रज्जाक ने बताया कि 14 जनवरी की रात को सागोट निवासी अमरी (100) पत्नी नाथिया मीणा की मौत हो गई थी. बेटे मोगजी समेत परिवार के लोगों ने बुजुर्ग मां की सामान्य मौत समझकर अंतिम संस्कार भी कर दिया.लेकिन 100 साल की बूढ़ी मां के एक पैर का चांदी का कड़ा गायब रहने से परिवार के लोगों को शक था. सी बीच मृतका अमरी का पोता नारायण पुत्र जगदीश अपनी दादी का चांदी का कड़ा बेचने के लिए चला गया था. खरीदार बदिया मीणा को चांदी के कड़े को लेकर शक हुआ तो उसने पैसे बाद में देने के लिए कहा. इसके बाद बदिया ने इसकी खबर मृतका अमरी के बड़े बेटे मोगजी और जगदीश को दी. मोगजी को मां की मौत पर शक हुआ तो निठाउवा थाने में अपने ही भतीजे नारायण के खिलाफ मां की हत्या की रिपोर्ट दर्ज करवाई. 

थानाधिकारी अब्दुल रज्जाक ने बताया कि बेटे मोगजी की रिपोर्ट पुलिस ने हत्या के एंगल की दिशा में अपनी जांच शुरू की. इधर थाने में नारायण के खिलाफ मामला दर्ज हुआ तो नारायाण गांव से फरार हो गया. एसपी सुधीर जोशी ने निठाउवा थानाधिकारी अब्दुल रज्जाक व साबला थानाधिकारी मनीष कुमार के नेतृत्व में जांच टीम गठित की. इधर लिस की टीम ने मुखबिर के जरिये मिली सूचना पर आरोपी पोते नारायण मीणा (33) को बेणेश्वर धाम से पकड़ लिया. 

दादी जाग गई तो पोते ने मुंह चद्दर से दबा दिया:
वहीं हिरासत में लेकर पुलिस ने आरोपी नारायण से पूछताछ की तो उसने भरत (21) पुत्र रमणलाल भोई निवासी साबला, किशोर साद पुत्र कुबेर साद निवासी साबला और ईश्वर पुत्र गणेश मीणा निवासी साबला के साथ मिलकर दादी अमरी के पैरों के कड़े निकालने की योजना बनाई. 14 जनवरी की रात को दादी अकेले घर मे सोई थी उस समय नारायण व उसके साथी घर में गए और दादी के पैरों से कड़े निकालने लगे. लेकिन दादी जाग गई तो पोते ने मुंह चद्दर से दबा दिया, जिससे बूढ़ी दादी की मौत हो गई. मौत के बाद दादी के एक पैर का कड़ा तो निकाल लिया, लेकिन दूसरे पैर का कड़ा नहीं निकाल सके और वहां से भाग गए. मामले में पुलिस ने हत्या के आरोप में पोते नारायण मीणा और भरत भोई को गिरफ्तार कर लिया है. वही सहयोगी किशोर साद और ईश्वर मीणा की तलाश की जा रही है. 

और पढ़ें