डूंगरपुर Dungarpur: विधायकों के मद से मिली 5 एम्बुलेंस के संचालन को लेकर राज्य सरकार ने जारी की गाइडलाइन

Dungarpur: विधायकों के मद से मिली 5 एम्बुलेंस के संचालन को लेकर राज्य सरकार ने जारी की गाइडलाइन

Dungarpur: विधायकों के मद से मिली 5 एम्बुलेंस के संचालन को लेकर राज्य सरकार ने जारी की गाइडलाइन

डूंगरपुर: जिले में 3 विधायकों द्वारा अपने मद से 2 साल पहले दी गई 5 एम्बुलेंस (Ambulance) का अब उपयोग हो सकेगा. राज्य सरकार ने इन एम्बुलेंस के संचालन को लेकर गाइड लाइन जारी कर दी है. अब इन एम्बुलेंस का उपयोग मरीजों को लाने-ले जाने के लिए किया जा सकेगा. डूंगरपुर जिले के सीएमएचओ डॉ राजेश शर्मा ने बताया की डूंगरपुर जिले के तीन विधायकों की ओर से उनके फंड से प्रदान की गई 5 एम्बुंलेंसों को दो साल बाद चलाने की गाइडलाइन राज्य सरकार ने जारी की है. 

अब इन एम्बुलेंस का उपयोग मरीजों को लाने-ले जाने के लिए किया जा सकेगा. उन्होंने बताया की गाइडलाइन के तहत इन 4 एम्बुलेंस को जननी सुरक्षा योजना में 104 को दिया गया है और एक एम्बुलेंस को 108 यानी बेस एम्बुलेंस का सभी प्रकार के मरीजों को अस्पताल तक लाने व उनके घर छोड़ने में किया जा सकेगा. अब जिले में एम्बुलेंसों की कुल संख्या 34 पहुंच गई है. सीएमएचओ डॉ शर्मा ने बताया कि अभी तक जिले में बेस एम्बुलेंस 108 की संख्या 13 है. 

नई एम्बुलेंस मिलने से अब यह संख्या 14 पहुंच गई है. इस नई एम्बुलेंस को सीएचसी बिछीवाड़ा पर लगाया गया है. क्योंकि बिछीवाड़ा सीएचसी उदयपुर-अहमदाबाद हाइवे किनारे है. हाइवे पर आए दिन दुर्घटनाएं होती है. ऐसे में वहां पर एम्बुलेंस बढ़ाना ज्यादा जरुरी था. वहीं 4 एम्बुलेंस जननी सुरक्षा योजना के तहत संचालित होने वाली 104 में लगाया गया है. क्योंकि डूंगरपुर आदिवासी बाहुल्य होने के साथ ही पहाड़ी क्षेत्र ज्यादा है. सीएचसी साबला, आंतरी, पोहरी व पीठ सीएचसी को एक-एक 104 एम्बुलेंस दी गई है. 

इन पर करीब 1.5 करोड़ रुपए खर्च किए गए:

जिले में 104 की कुल संख्या 20 पहुंच गई है. कोरोना की दूसरी लहर के दौरान राज्य सरकार ने संक्रमितों और दूसरे मरीजों को अस्पताल लाने तक विधायक मद से पांच एम्बुलेंस खरीदकर चिकित्सा विभाग को उपलब्ध कराई थी. इन पर करीब 1.5 करोड़ रुपए खर्च किए गए थे. चिकित्सा विभाग ने इनका उद्घाटन भी करा लिया लेकिन गाइडलाइन होने के कारण चिकित्सा विभाग इनका संचालन नहीं कर पा रहा था. ऐसे में पिछले दो साल ये एम्बुलेंस चिकित्सा संस्थानों पर धूल खा रही थी. विधायकों ने उनके मद से दी गई एम्बुलेंसों को चलाने की मांग की थी. 

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