डूंगरपुर Dungarpur: पंचायत की बेशकीमती भूमि पर दुकाने बनाने की जांच ठंडे बस्ते में, आदेश के 15 दिन बाद भी शुरू नहीं हुई जांच

Dungarpur: पंचायत की बेशकीमती भूमि पर दुकाने बनाने की जांच ठंडे बस्ते में, आदेश के 15 दिन बाद भी शुरू नहीं हुई जांच

Dungarpur: पंचायत की बेशकीमती भूमि पर दुकाने बनाने की जांच ठंडे बस्ते में, आदेश के 15 दिन बाद भी शुरू नहीं हुई जांच

डूंगरपुर: जिले की बिछीवाड़ा पंचायत समिति की ग्राम पंचायत बिछीवाड़ा में सरकारी अस्पताल के पास पंचायत की बेशकिमती जमीन पर अतिक्रमण कर दुकान बनाने के मामले की जांच ठंडे बस्ते में चली गई है. डूंगरपुर जिला परिषद के सीईओ ने 6 जुलाई को मामले की जाँच के आदेश बिछीवाड़ा पंचायत समिति के बीडीओ को दिए थे. लेकिन 15 दिन बीतने के बाद भी अभी तक मामले की जांच शुरू नहीं हो सकी है. बाजार भाव के हिसाब से उक्त भूमि की कीमत करीब दो करोड़ रुपए है. मामले के अनुसार डूंगरपुर जिले के बिछीवाड़ा राजकीय अस्पताल की दीवार से लगते हुए बिछीवाड़ा पंचायत की बिलानाम भूमि है. जिसकी कीमत बाजार भाव के अनुसार एक करोड़ के करीब है.

लेकिन पंचायत की अनदेखी या यूं कहे की पंचायत की सरपंच और ग्राम विकास अधिकारी की मिलीभगत से भूमाफिया अरविन्द लबाना ने उक्त बेशकीमती जमीन पर कब्जा करते हुए 5 दुकानों का निर्माण कर लिया है. वहीं निर्माण के बाद उक्त दुकानों से भूमाफिया ने व्यापार भी शुरू कर दिया है. उक्त मामले को मीडिया ने प्रमुखता से उठाया था. जिसके बाद डूंगरपुर जिला परिषद के सीईओ दीपेन्द्र सिंह राठोड़ ने 6 जुलाई को बिछीवाड़ा पंचायत समिति के बीडीओ को जांच टीम करते हुए जांच करवाने के आदेश दिए थे.

जिला परिषद से जांच के आदेश हुए 15 दिन बीत चुके है लेकिन बिछीवाड़ा पंचायत समिति के बीडीओ हरीप्रसाद बरजोड़ द्वारा अभी तक जांच टीम का गठन तक नहीं किया गया है. वहीं जांच ठन्डे बस्ते में पड़ी हुई है. जब इस मामले में बिछीवाड़ा पंचायत समिति के बीडीओ हरीप्रसाद बरजोड़ से पूछा गया तो उन्होंने कहा की जांच टीम का गठन कर दिया है और सात दिनों में जांच रिपोर्ट तैयार कर जिला परिषद को भेजी जाएगी. लेकिन जब जांच टीम के सम्बन्ध में जानकारी मांगी गई तो उनके पास कोई जवाब नहीं था. 

पूरे मामले में बिछीवाड़ा की सरपंच शारदा कोटेड और ग्राम विकास अधिकारी हीरालाल अहारी की भूमिका संदिग्ध नजर आ रही है. भूमाफिया ने पंचायत की बेशकीमती जमीन पर पहले कब्जा किया गया. उसके बाजवूद उस कब्जे को पंचायत द्वारा हटाया नहीं गया. इतना ही नहीं कब्जे के बाद भूमाफिया अरविन्द लबाना ने पंचायत की कब्जेशुदा बेशकीमती जमीन पर 5 दुकानों का निर्माण कार्य शुरू किया तब भी पंचायत की ओर से उस निर्माण कार्य पर ध्यान नहीं दिया गया और न ही इस सम्बन्ध में भूमाफिया को किसी प्रकार का नोटिस देकर निर्माण कार्य रुकवाया गया.

दुकानें किराए पर देकर व्यापार किया जा रहा है:

वहीं अब दुकानों का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है जहां पर भूमाफिया द्वारा उक्त दुकानें किराए पर देकर व्यापार किया जा रहा है. लेकिन पंचायत की ओर से अभी तक अतिक्रमण हटाने की भी कार्रवाई नहीं की गई है. बहराल डूंगरपुर जिले की बिछीवाड़ा पंचायत समिति के बीडीओ सात दिन में जांच रिपोर्ट तैयार कर जिला परिषद को भिजवाने की बात कर रहे हैं. लेकिन जिला परिषद से जांच के आदेश आए हुए 15 दिन बीत चुके हैं. ऐसे में अभी तक जाँच नहीं करवाना पंचायत समिति की भूमिका पर भी अब सवाल खड़े होने लगे हैं. खेर अब देखने वाली बात होगी की सात दिन में भी ये जांच पूरी होती है या आगे भी जांच ठन्डे बस्ते में ही पड़ी रहेगी.

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