Dungarpur Violence: खेरवाड़ा कस्बे में चौथे दिन भी बवाल जारी, सीएम गहलोत ने केन्द्र से मांगी रैपिड एक्शन फोर्स

Dungarpur Violence: खेरवाड़ा कस्बे में चौथे दिन भी बवाल जारी, सीएम गहलोत ने केन्द्र से मांगी रैपिड एक्शन फोर्स

Dungarpur Violence:  खेरवाड़ा कस्बे में चौथे दिन भी बवाल जारी, सीएम गहलोत ने केन्द्र से मांगी रैपिड एक्शन फोर्स

डूंगरपुर: प्रदेश के डूंगरपुर जिले की कांकरी डूंगरी से शुरू हुए आदिवासियों के प्रदर्शन की आग चौथे दिन भी थमने का नाम ही नहीं ले रही है. खेरवाड़ा कस्बे  में उपद्रव के दौरान शनिवार रात झड़प में 2 लोग मारे गए. झड़प में मारे गए 2 लोगों के शव उदयपुर मोर्चरी में शिफ्ट कराए गए. 2 अन्य घायलों का भी अस्पताल में इलाज चल रहा है. पूरे खेरवाड़ा को उपद्रवियों ने घेर रखा है. उपद्रवियों ने होटल और मकान फूंक दिए है. उदयपुर-अहमदाबाद हाईवे 60 घंटे से ज्यादा समय से बंद पडा है. हाईवे पर उपद्रवियों ने 20 किलोमीटर क्षेत्र में पत्थर बिछाए हुए है. 

खेरवाड़ा कस्बे में फिलहाल तनावपूर्ण शांति:
डूंगरपुर के खेरवाड़ा कस्बे में फिलहाल तनावपूर्ण शांति है. पुलिस के आलाधिकारियों के जयपुर से आने के बाद रणनीति बनाई जा रही है. डीजी एमएल लाठर,आनंद श्रीवास्तव और दिनेश एममन अधिकारियों से चर्चा कर रहे है.जयपुर से आए तीनों ही अधिकारियों ने अपने पुराने कॉन्टैक्ट्स को एक्टिव किया है. महापड़ाव स्थल कांकरी डूंगरी तक पुलिस का भारी जाब्ता तैनात किया गया है. प्रदेश के विभिन्न जिलों से SDRF और अन्य जाब्ता तैनात किया गया है.

सीएम गहलोत ने केन्द्र से मांगी रैपिड एक्शन फोर्स:
प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने केंद्र से रैपिड एक्शन फोर्स मांगी है. स्थिति संभालने के लिए सरकार ने वरिष्ठ IPS एमएल लाठर, दिनेश एमएन और आनंद श्रीवास्तव को जयपुर से डूंगरपुर भेज दिया है. डूंगरपुर-बांसवाड़ा के बाद उदयपुर जिले में भी इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है. झारखंड से आए विशेष विचारधारा के गुट पर हिंसा भड़काने का आरोप लगा है.

उदयपुर जिले में पहले चरण के पंचायत चुनाव स्थगित:
उदयपुर जिले में पहले चरण के पंचायत चुनाव स्थगित कर दिए गए है. कानून व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए राज्य निर्वाचन आयोग ने फैसला लिया है. 28 और 29 सितंबर को गोगुंदा,सराड़ा में पंचायत चुनाव होने थे. फील्ड में मौजूद सेक्टर ऑफिसर्स को मुख्यालय लौटने के निर्देश दिए गए हैं. 

यह है आंदोलनकारियों की मांग:
आंदोलनकारियों की मांग है कि जनजाति क्षेत्र में तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती के रिक्त सामान्य वर्ग के 1167 पदों पर जनजाति अभ्यर्थियों से भरने की है. यह मुद्दा हाईकोर्ट में भी उठाया गया और हाईकोर्ट ने उनकी याचिका रद्द कर दी थी. 

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