VIDEO- Dungarpur: थाने में ही हुई महिला कांस्टेबल की हल्दी की रस्म, कोविड के चलते नहीं मिली थी छुट्टी

VIDEO- Dungarpur: थाने में ही हुई महिला कांस्टेबल की हल्दी की रस्म, कोविड के चलते नहीं मिली थी छुट्टी

डूंगरपुर: पुलिस (police) की डांट-डपट और हड़काने वाली छवि के उलट डूंगरपुर (Dungarpur) से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने दिल छू लिया है. जहां थाने में अक्सर अपराधियों को कैद रखकर सजा दी जाती है वहीं यहां शादी के मंगल गीत और हल्दी की रस्म (haldi ceremony) को देखकर हर कोई अचंभित था. मामला शहर के कोतवली थाने की महिला कांस्टेबल (woman constable) की शादी (wedding) का है. 30 अप्रैल को शादी होनी है, लेकिन थाने से विदाई से पहले साथी पुलिसकर्मियों ने उसे हल्दी लगाई तो वहीं कुर्सी पर बैठाकर शादी के मंगल गीत भी गाये और शादी की बधाई देते हुए घर के लिए विदा किया. 

कोरोनाकाल (Corona virus) में हर कोई परेशान है तो वहीं पुलिस भी कोरोना गाइड लाइन की पालना के लिए दिन-रात जूझ रही है. यही कारण है कि पुलिसकर्मियों को अब शादी के लिए भी सीमित छुट्टियां ही मिल रही है. ऐसे में साथी पुलिसकर्मी शादी की इन खुशियों को कहीं कम नहीं होने देना चाहते इसीलिए महिला पुलिसकर्मी को थाने में ही हल्दी लगाकर खूब नाचे. कोतवाली थाने में तैनात महिला कांस्टेबल आशा रोत की शादी 30 अप्रैल को है, शादी को लेकर उसने आवेदन पहले ही कर दिया था, लेकिन छुट्टी की स्वीकृति नहीं मिली तो हल्दी की रस्म में घर नहीं जा सकी तो साथी पुलिसकर्मियों ने ही थाने में इस रस्म को पूरा किया. सबसे पहले थानाधिकारी दिलीपदान ने हल्दी तिलक लगाया.

महिला पुलिसकर्मियों ने उसे हल्दी लगाते हुए मंगल गीत गाये:
इसके बाद अन्य साथी महिला पुलिसकर्मियों ने उसे हल्दी लगाते हुए मंगल गीत गाये. वहीं पुरुष पुलिसकर्मियों ने उसे कुर्सी पर बैठाकर खूब नाचे. इसके बाद ही महिला पुलिसकर्मी की छुट्टियां भी स्वीकृत हो गई और उसे शादी की शुभकामनाएं देते हुए थाने से विदा किया गया. आपको बता दे कि महिला कांस्टेबल आशा रोत शहर से 20 किलोमीटर दूर हिराता गांव की रहने वाली है और उसकी शादी माथुगामड़ा गांव के पास कोटाणा में होने वाली है. 

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