बढ़ रही वंशवाद की बेल, कांग्रेस नेताओं के रिश्तेदार कर रहे टिकट की मांग

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/02/04 04:20

जयपुर। वंशवाद और राजनीति का मेल बरसों पुराना है..लोकसभा चुनावों में फिर वंश की वटवृक्ष से निकले चेहरे टिकट के लिये ताल ठोक रहे हैं। कांग्रेस में कई दिग्गजों के रिश्तेदारों ने टिकट के लिये लॉबिंग शुरु कर दी है। कुछ ऐसे भी नाम हैं जो अपने दम पर मैदान में आना चाहते हैं। 

राजनीति में वंशवाद का इतिहास रहा है। गांधी परिवार तो वंशवाद का वटवृक्ष कहा जाता है, तो बीजेपी में भी वंशवाद की सियासी जड़े गहरी हैं। पीयूष गोयल आज केन्द्रीय मंत्री हैं तो उनके पिता भी मंत्री थे। राजस्थान की सियासत भी वंशवाद से अछूती नहीं है। वसुंधरा राजे विधायक हैं तो उनके पुत्र दुष्यंत सिंह सांसद हैं। पायलट परिवार की दूसरी पीढ़ी के तौर पर सचिन पायलट पीसीसी चीफ और डिप्टी सीएम हैं। राजनीति में वंशवाद के नव अंकुर भी फूटने को लालायित हैं।

लोकसभा चुनावों में अपने नये सियासी भाग्य की इबारत लिखना चाहते हैं। सबसे बड़ा नाम वैभव गहलोत का है, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पुत्र वैभव गहलोत का नाम कम से कम तीन लोकसभा सीटों के लिये चर्चा में है। वंशवाद की बेल से निकले चेहरे अब सियासत की दुनिया में मुकम्मल स्थान चाहते हैं। इसके लिये जरुरी चुनावी समर में उतरना है। यहां हार और जीत के मायनों से अलग है चुनावी समर में ताल ठोकना.. इसके बाद पूरे तौर पर राजनीति का विधिवत् श्रीगणेश समझा जाता है। 

फर्स्ट इंडिया के लिये योगेश शर्मा की रिपोर्ट- 

First India News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे!
हर पल अपडेट रहने के लिए अभी डाउनलोड करें First India News Mobile Application
लेटेस्ट वीडियो के लिए हमारे YOUTUBE चैनल को विजिट करें

और पढ़ें

Most Related Stories

Stories You May be Interested in