नई दिल्ली National Herald से जुड़े धनशोधन मामले में राहुल गांधी से ED की पूछताछ जारी

National Herald से जुड़े धनशोधन मामले में राहुल गांधी से ED की पूछताछ जारी

National Herald से जुड़े धनशोधन मामले में राहुल गांधी से ED की पूछताछ जारी

नई दिल्ली: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ‘नेशनल हेराल्ड’ से जुड़े कथित धनशोधन मामले में सोमवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) के समक्ष पेश हुए और जांच एजेंसी द्वारा उनसे पूछताछ जारी है.

अधिकारियों ने बताया कि राहुल गांधी सुबह करीब 11.10 बजे एपेजी अब्दुल कलाम रोड स्थित ED के मुख्यालय पहुंचे और संभावना है कि वह अपना बयान लिखित रूप से दें. राहुल गांधी कांग्रेस मुख्यालय से ED दफ्तर पहुंचे. इस मौके पर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा समेत कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता पहुंचे और राहुल गांधी के प्रति अपना समर्थन जताया. राहुल गांधी का काफिला जब ED मुख्यालय पहुंचा तो गाड़ी में उनके बगल में प्रियंका गांधी भी बैठी हुईं थीं.

यंग इंडियन’ के प्रवर्तकों और शेयरधारकों में सोनिया गांधी तथा राहुल गांधी सहित कांग्रेस के कुछ अन्य सदस्य शामिल हैं: 

एजेंसी धन शोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) की आपराधिक धाराओं के तहत राहुल गांधी का बयान दर्ज करेगी. अधिकारियों के अनुसार, कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और गांधी परिवार से पूछताछ ED की जांच का हिस्सा है ताकि ‘यंग इंडियन’ और ‘एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड’ (एजेएल) के हिस्सेदारी पैटर्न, वित्तीय लेनदेन और प्रवर्तकों की भूमिका को समझा जा सके. ‘यंग इंडियन’ के प्रवर्तकों और शेयरधारकों में सोनिया गांधी तथा राहुल गांधी सहित कांग्रेस के कुछ अन्य सदस्य शामिल हैं.

पुलिस ने कांग्रेस के कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया और पार्टी मुख्यालय के आसपास धारा 144 लगा दी: 

राहुल गांधी से ‘यंग इंडिया’ की स्थापना, ‘नेशनल हेराल्ड’ के संचालन और धन के कथित हस्तांतरण को लेकर सवाल किए जा सकते हैं. कांग्रेस ने राहुल गांधी की पेशी के मद्देनजर देश भर में ED कार्यालयों के बाहर ‘सत्याग्रह’ का फैसला किया था और दिल्ली में भी बड़े पैमाने पर शक्ति प्रदर्शन की तैयारी कर रखी थी. कांग्रेस के यहां प्रस्तावित मार्च के मद्देनजर पुलिस ने कांग्रेस के कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया और पार्टी मुख्यालय के आसपास धारा 144 लगा दी.

पेश होने के लिए कोई दूसरी तारीख देने का अनुरोध करते हुए कहा था कि वह देश से बाहर हैं:

मुख्य विपक्षी दल के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ED को भाजपा का ‘इलेक्शन मैनेजमेंट डिमार्टमेंट’ करार दिया और आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी सरकार ने कांग्रेस के ‘सत्याग्रह’ को रोकने के लिए नयी दिल्ली के इलाके में अघोषित आपातकाल लगा दिया है. ED ने इससे पहले राहुल गांधी को दो जून को पेश होने के लिये कहा था, लेकिन उन्होंने पेश होने के लिए कोई दूसरी तारीख देने का अनुरोध करते हुए कहा था कि वह देश से बाहर हैं.

कांग्रेस अध्यक्ष ने पेश होने के लिए और समय मांगा था क्योंकि वह कोरोना वायरस से संक्रमित हैं: 

जांच एजेंसी ने इसी मामले में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को 23 जून को तलब किया है. पहले उन्हें आठ जून को पेश होने के लिए नोटिस दिया गया था. हालांकि कांग्रेस अध्यक्ष ने पेश होने के लिए और समय मांगा था क्योंकि वह कोरोना वायरस से संक्रमित हैं तथा अब तक स्वस्थ नहीं हुई हैं. कांग्रेस का कहना है कि उसके शीर्ष नेताओं के खिलाफ लगाए गए आरोप निराधार हैं तथा ED की कार्रवाई प्रतिशोध की राजनीति के तहत की जा रही है. उसने यह भी कहा है कि वह एवं उसका नेतृत्व झुकने वाले नहीं है.

कांग्रेस एक राजनीतिक दल है और एक राजनीतिक दल किसी कंपनी में हिस्सेदारी नहीं खरीद सकता: 

पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सुरजेवाला ने कांग्रेस के शीर्ष नेताओं के खिलाफ लगे आरोपों को निराधार करार देते हुए कहा कि कांग्रेस एक राजनीतिक दल है और एक राजनीतिक दल किसी कंपनी में हिस्सेदारी नहीं खरीद सकता. इसलिए, ‘यंग इंडियन’ के नाम से एक गैर-लाभकारी कंपनी (नॉट फॉर प्रॉफिट कंपनी) को ‘नेशनल हेराल्ड’ एवं एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड के शेयर दिए गए, ताकि 90 करोड़ रुपये का कर्ज खत्म हो सके.

नेशनल हेराल्ड’ के स्वामित्व वाले एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड के पास आज भी सारी संपत्ति हूबहू सुरक्षित है: 

उन्होंने कहा कि इस 90 करोड़ रुपये में से 67 करोड़ रुपये कर्मचारियों के वेतन एवं वीआरएस के लिए दिए गए तथा बाकी सरकार का बकाया, बिजली के बिल तथा भवन के लिए भुगतान हुआ. यह अपराध कैसे हो सकता है? यह तो कर्तव्य का बोध है. हमने मोदी सरकार की तरह देश की संपत्ति अपने उद्योगपति मित्रों को नहीं बेच डाली. सुरजेवाला के अनुसार, ‘नेशनल हेराल्ड’ के स्वामित्व वाले एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड के पास आज भी सारी संपत्ति हूबहू सुरक्षित है. सोर्स-भाषा 

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