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VIDEO: लोकसभा चुनाव में हर विधानसभा क्षेत्र में 5-5 बूथों में ईवीएम और वी वी पैट मतों का होगा मिलान

VIDEO: लोकसभा चुनाव में हर विधानसभा क्षेत्र में 5-5 बूथों में ईवीएम और वी वी पैट मतों का होगा मिलान

जयपुर। इस लोकसभा चुनाव में हर विधानसभा क्षेत्र में 5-5 बूथों में ईवीएम और वी वी पैट की डाले गए मतों का मिलान होगा। सुप्रीम कोर्ट के आदेश और ईसीआई के निर्देशों के बाद निर्वाचन विभाग ने इसकी तैयारियां कर रहा है। ओटीएस में मीडिया प्रशिक्षण कार्यशाला में सीईओ आनंद कुमार ने इसकी जानकारी देते हुए बताया की ज्यादा गर्मी के मद्देनजर ईवीएम के विशेष प्रोटेक्शन के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
ओटीएस में आज निर्वाचन विभाग की मीडिया वर्कशॉप मे विज्ञापन अधिप्रमाणन व पेड न्यूज के बारे में बताया। इसमें निर्वाचन विभाग के ओएसडी हरिशंकर गोयल ने अहम जानकारियां दी

इसमें बताया गया कि....
- विज्ञापन चाहे राज.दल के हों या एनजीओ के हों, प्री सर्टिफिकेशन की जरूरत
- प्रिंट मीडिया के लिए वोटिंग से 48 घण्टे पूर्व अधिप्रमाणन जरूरी
- इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में हमेशा सर्टिफिकेशन जरूरी।

राष्ट्रीय मान्यता प्राप्त दल 7 हैं और राजस्थान में राज्य स्तरीय मान्यता प्राप्त नहीं है
- 2219 राज.दल रजिस्टर्ड हैं मान्यता प्राप्त नहीं
- स्टेट सीईओ ऑफिस करता है सर्टिफिकेशन
- जहां जहां प्रसार है अखबारों का,वहां के लिए सर्टिफिकेशन संभव है। 

एनजीओ भी सर्टिफिकेशन करा सकते विज्ञापन का
- प्रत्याशी आरओ की अध्यक्षता वाली कमेटी से कराएगा सर्टिफिकेशन
- आरओ के निर्णय से सहमत न होने पर अतिरिक्त सीईओ
- और फिर सीईओ की कमेटी में शिकायत रख सकता है
- सोशल मीडिया का सर्टिफिकेशन भी ऐसे ही होगा
- ई पेपर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का भाग इसलिए उसका विज्ञापन का भी सर्टिफिकेशन जरूरी।

सोशल मीडिया के लिए फॉर्म 26 में देनी होगी प्रत्याशी को जानकारी
- प्रत्याशी के खाते से फेक न्यूज न हो दुष्प्रचार न हो रहा हो, आचार संहिता उल्लंघन न हो रहा हो...यह निगरानी रखी जाती है।

कैसे होती है प्रक्रिया
- किसी शिकायत आधार पर व स्वप्रेरणा से पेड न्यूज का होता केस
- प्रत्याशी जवाब देता है फिर जिला MCMC की बैठक होती है
- उसके पेड न्यूज होने पर उस न्यूज की दर प्रत्याशी के खाते में जुड़ेगी
- DAVP या DIPR की विज्ञापन दर लगाई जाएगी 

पर्चा या पोस्टर में प्रकाशक,मुद्रक का नाम होना जरूरी
- ऐसा न हो तो केस दर्ज होगा
- ईसीआई सोशल मीडिया संबन्धी गंभीर
- सोशल मीडिया प्रकोष्ठ गठित
- जिला निर्वाचन व सीईओ स्तर पर हुआ है गठन
- इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का भी ECI ने सेल बनाया हुआ है
- जो कि फेक व पेड न्यूज को राज्यों को भेजते हैं

5 सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के लिए ECI में नोडल अधिकारी
- व्यक्तिगत कोई पोस्ट डालता है तो वह नहीं अवैधानिक
- सोशल मीडिया के मुख्य मालिकों के साथ हो चुकी ECI की बैठक
- इसके लिए बनाया है कोड ऑफ कंडक्ट 
- चुनाव,राज.दलों के विज्ञापन के लिए सर्टिफिकेशन जरूरी 
- गूगल,ट्विटर,फेसबुक ने ट्रांसपेरेंसी लिंक दिया है
- विज्ञापन से जुड़ी सारी जानकारी है लिंक में
- भ्रामक प्रचार जब ध्यान में लाई जाती हैं
- तब उसे हटवाया जा सकता है
[email protected]
इस मेल पर URL के साथ आपत्तिजनक कंटेंट भेज सकते हैं
जिससे वह लिंक हट सकता है

इस मौके पर अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉक्टर जोगाराम ने कहा कि 23 मार्च को मीडिया के लिए एडवाइजरी जारी हुई थी। उन्होंने कहा कि स्वीप का लक्ष्य ज्यादा वोटिंग ही नहीं इंफॉर्म व एथिकल वोटिंग भी है। समापन सत्र में आये सीईओ आनंद कुमार ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश और एशियाई के निर्देशों के बाद लोकसभा चुनाव में हर विधानसभा क्षेत्र के 5-5 बूथ का चयन करके ईवीएम और वीवीपैट की पर्चियों का मिलान कराया जाएगा जिसकी तैयारी है । 

उन्होंने यह भी कहा ज्यादा गर्मी को देखते हुए ईवीएम के रखरखाव के लिए विशेष निर्देश जारी किए गए हैं।

कार्यशाला में बताया गया कि राजस्थान में 99.98% एपिक वितरित हो चुके हैं। यह भी बताया गया कि वोटर स्लिप सिर्फ सूचना का दस्तावेज माना गया है जबकि फोटो पहचान पत्र सहित 11 दस्तावेज होने पर ही वोटिंग की जा सकती है।

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जयपुर: भारतीय रेलवे देशभर में श्रमिकों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए श्रमिक स्पेशल ट्रेनें संचालित कर रहा है. पिछले दिनों इन ट्रेनों में कई यात्रियों की मृत्यु के मामले भी सामने आए हैं. इसे देखते हुए रेलवे प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि पूर्व ग्रसित बीमारियों से पीड़ित लोग यात्रा करने से बचें. कोविड-19 महामारी के दौरान उनके स्वास्थ्य को खतरा बढ़ जाता है.

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रेलवे प्रशासन ने अपील की है कि उच्च रक्तचाप, मधुमेह, हृदय रोग, कैंसर, कम प्रतिरक्षा वाले व्यक्ति, गर्भवती महिलाएं, 10 वर्ष से कम उम्र के बच्चे और 65 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्ग अपने स्वास्थ्य की देखभाल के लिहाज से रेल यात्रा करने से बचें. उत्तर-पश्चिम रेलवे के सीपीआरओ अभय शर्मा ने बताया कि यदि ट्रेन यात्रा के दौरान किसी तरह की परेशानी लगे, तो रेलवे के हेल्पलाइन नंबर 139 और 138 पर संपर्क करें. 

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जयपुर: कोरोना महामारी के संक्रमण के चलते स्थगित हुई परीक्षाओं पर आज फैसला किया जाएगा. 1st इंडिया को सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार 15 जून के बाद कभी भी परीक्षाएं हो सकती है. मुख्यमंत्री गहलोत इस संबंध में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अहम मीटिंग करेंगे. इस वीसी में उच्च शिक्षा मंत्री भंवर सिंह भाटी, शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा और तकनीकी शिक्षा मंत्री सुभाष गर्ग भी भाग लेंगे. इसके साथ ही विभागों से जुड़े अधिकारी भी वीसी में भाग लेंगे. 

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10वीं, 12वीं व विश्वविद्यालय की परीक्षा पर होगा फैसला: 
सुबह 11:30 बजे होने वाली VC का समय बदला गया है. शिक्षा विभाग की मीटिंग अब दोपहर बाद होगी. इस दौरान 10वीं, 12वीं व विश्वविद्यालय की परीक्षा पर फैसला किया जाएगा. इससे पहले विश्वविद्यालय की परीक्षा 19 मार्च और माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की परीक्षाएं 20 मार्च से स्थगित कर दी गई थीं. पहले ये परीक्षाएं 31 मार्च तक स्थगित की गई थी, लेकिन लॉकडाउन बढ़ने के बाद इन पर अभी तक कोई निर्णय नहीं हो पाया.

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मुख्य विषयों की परीक्षाओं पर ही हो सकता है निर्णय:
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक मुख्य विषयों की परीक्षाओं पर ही कोई निर्णय हो सकता है. अन्य वोकेशनल विषयों की परीक्षाओं पर सीबीएसई की तरह निर्णय भी किया जा सकता है. 


 

Rajasthan Corona Updates: पिछले 12 घंटे में 2 मौतें, 91 नए पॉजिटिव आए सामने, झालावाड़ में लगातार तीसरे दिन कोरोना का बड़ा प्रकोप

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जयपुर: राजस्थान में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा होता ही जा रहा है. पिछले 12 घंटे में प्रदेश में 91 नए पॉजिटिव मामले सामने आए हैं. झालावाड़ में लगातार तीसरे दिन कोरोना का बड़ा प्रकोप देखने को मिला है. अकेले झालावाड़ में सर्वाधिक 42 केस सामने आए हैं. इसके अलावा अजमेर में दो, अलवर में दो, भरतपुर में दो, बीकानेर में दो, चूरू में छह, धौलपुर में पांच, जयपुर में 12, कोटा में एक, नागौर में 12 और उदयपुर में पांच मरीज पॉजिटिव चिन्हित किए गए हैं. ऐसे में राजस्थान में अब कोरोना संक्रमित मरीजों का ग्राफ बढ़कर 8158 पहुंच गया है.

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पॉजिटिव से नेगेटिव हुए कुल मरीज 4855:
वहीं पिछले 12 घंटे में कोरोना की चपेट में आने से 2 लोगों ने दम भी तोड़ दिया है. इसमें जयपुर और झुंझुनूं में एक-एक मरीज की मौत हुई है. ऐसे में अब मृतकों की संख्या भी बढ़कर 182 हो गई है. दूसरी ओर राहत वाली खबर यह है कि अब तक कुल 4855 मरीज पॉजिटिव से नेगेटिव हो गए हैं. इनमें से 4289 मरीजों को अस्पताल से डिस्चार्ज भी किया जा चुका है. इस समय अस्पताल में उपचाररत कुल एक्टिव मरीजों की संख्या 3121 हैं. वहीं कुल कोरोना पॉजिटिव प्रवासियों की संख्या 2221 है. 

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गुरुवार को 251 नए पॉजिटिव केस सामने आये: 
इससे पहले गुरुवार को पिछले 24 घंटे में 7 मरीजों की मौत हो गई. जबकि 251 नए पॉजिटिव केस सामने आये है. अलवर, बांसवाड़ा, दौसा, जयपुर, करौली, नागौर और दूसरे राज्य के 1-1 मरीज की मौत हो गई. सर्वाधिक 69 पॉजिटिव केस अकेले झालावाड़ में सामने आये है. अजमेर में 6, भरतपुर 12, भीलवाड़ा 1, बीकानेर 7, बूंदी 1, चूरू 5, दौसा 4, डूंगरपुर 1, हनुमानगढ़ 3, जयपुर 7, जालोर-1, झुंझुनूं-7, जोधपुर 64, कोटा 9, नागौर 9, पाली 32, सवाई माधोपुर-1, सीकर 10, सिरोही 1 और दूसरी राज्य का एक पॉजिटिव मरीज सामने आया है.

केन्द्र सरकार की ओर से राज्यों को उधार लेने की छूट बढ़ाने का मामला, बढ़ाई गई 2 प्रतिशत छूट में से 1 प्रतिशत है शर्तों के साथ

जयपुर: केन्द्र सरकार ने राज्यों को भले ही स्टेट जीडीपी का 3 प्रतिशत के बजाए 5 प्रतिशत तक उधार लेने की छूट दे दी हो, लेकिन उधार लेने की इस बढ़ी हुई छूट का लाभ लेने के लिए राज्यों को कुछ सुधार भी लागू करने होंगे. इसी सिलसिले में गुरुवार को केन्द्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के सचिव ने राज्यों की वीसी ली जिसमें राजस्थान के अधिकारी भी शामिल हुए.  

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कई राज्यों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा: 
कोरोना महामारी के चलते कई राज्यों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है.  ऐसे में केन्द्र सरकार ने राज्यों को उधार लेने की छूट बढ़ा दी है. अब तक राज्य अपने सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का केवल तीन प्रतिशत तक का ही उधार ले सकते थे. लेकिन अब केन्द्र की मोदी सरकार की ओर से दी गई छूट के बाद अब राज्य अपनी जीडीपी का तीन प्रतिशत के बजाए पांच प्रतिशत तक उधार ले सकते हैं. उधार लेने के लिए की गई यह दो प्रतिशत की बढ़ोतरी की छूट का लाभ लेने के लिए राज्यों को कुछ सुधार लागू करने होंगे. आपको बताते हैं आखिर पूरा मामला क्या है...

- राज्यों को उधार लेने के लिए दो प्रतिशत की बढ़ोतरी की जो छूट दी गई है इसमें से एक प्रतिशत शर्तिया है. 
- यह एक प्रतिशत शहरी विकास व स्वास्थ्य सहित विभिन्न क्षेत्रों के सुधारों से संबंधित है. 
- इस एक प्रतिशत में से 0.25 प्रतिशत पूरी तरह शहरी विकास से संबंधित सुधारों का है. 
- इसी मामले में आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के सचिव दुर्गाशंकर मिश्र ने आज राज्यों की वीसी ली थी. 
- इस चौथाई प्रतिशत बढ़ी छूट का लाभ लेने के लिए राज्यों को दो प्रकार के सुधार लागू करने होंगे. 
- पहला सुधार पेयजल आपूर्ति के शुल्क और सीवरेज चार्ज से संबंधित है. 
- राज्यों के लिए जरूरी है कि इन शुल्कों की पर्याप्त वसूली करें और इनमें तर्क संगत बढ़ोतरी की जाए. 
- दूसरा सुधार नगरीय विकास कर या संपत्ति कर से जुड़ा हुआ है. 
- राज्यों में नगरीय विकास कर अधिकतर संपत्तियों पर लागू हो और पर्याप्त वसूली हो. 
- कर के संग्रहण के लिए एक सॉफ्टवेयर होना चाहिए ताकि लोगों को राशि जमा कराने में आसानी हो. 

केन्द्रीय सचिव दुर्गाशंकर मिश्र की ओर से आज ली गई वीसी में प्रदेश के प्रमुख सचिव यूडीएच भास्कर सावंत और स्वायत्त शासन विभाग के अधिकारी शामिल हुए. इन अधिकारियों ने शहरी विकास से जुड़े इन दोनों सुधारों को लेकर राजस्थान की स्थिति स्पष्ट की. आपको बताते हैं कि इन दोनों सुधारों के मामले में प्रदेश की मौजूदा स्थिति क्या है तथा क्या और कदम इस दिशा में उठाए जाने की जरूरत है. 

- प्रदेश में जलापूर्ति शुल्क और सीवरेज चार्ज में नियमित बढ़ोतरी होती है.
- जलापूर्ति के बिल की राशि में सीवरेज चार्ज भी शामिल रहता है.
- राज्य सरकार के वर्ष 2017 के आदेश के मुताबिक इन शुल्कों में हर वर्ष दस प्रतिशत की बढ़ोतरी होती है.
- बिल की राशि की अधिकतम वसूली और पानी की छीजत रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाने की आवश्यकता है. 
- केन्द्र सरकार के सुधार के अनुसार प्रदेश में लागू नगरीय विकास कर सीधे तौर पर डीएलसी दर से कनेक्टेड है.
- डीएलसी दर में बढ़ोतरी होने पर नगरीय विकास कर की राशि में भी स्वत:बढ़ोतरी होती है.
- नगरीय विकास कर की वसूली के लिए कोई सॉफ्टवेयर नहीं जिससे लोग ऑनलाइन यह राशि जमा करा सकें. 
- निकायों के अधिकारियों की लापरवाही के चलते तय लक्ष्य से काफी कम इस कर की वसूली की जाती है. 
- नगरीय विकास कर 300 वर्गमीटर से छोटे आवासीय और 100 वर्गमीटर से छोटे व्यावसायिक भूखण्डों पर लागू नहीं हैं. 

राज्य के आईटी विभाग में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर दी नौकरी, हाईकोर्ट ने दिए ये आदेश  

केन्द्र सरकार के सचिव की आज हुई वीसी के बाद प्रदेश का नगरीय विकास विभाग और स्वायत्त शासन विभाग तैयारी में जुट गया है. शहरी विकास से जुड़े इन दोनों सुधारों के संबंध में एक विस्तृत नोट तैयार किया जा रहा है. यह विस्तृत नोट जल्द केन्द्र सरकार को भिजवाया जाएगा. जानकारों के मुताबिक स्थिति में सुधार के लिए इस नोट में सरकार की ओर से प्रतिबद्धता भी जताई जाएगी. 

देश में आर्थिक, सामाजिक व राजनीतिक रूप से बैंड बज रहीं- सीएम गहलोत

देश में आर्थिक, सामाजिक व राजनीतिक रूप से बैंड बज रहीं- सीएम गहलोत

जयपुर: मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने लॉक डाउन लागू करने में केंद्र सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि पीएम मोदी ने लोगों से ताली, थाली व बैंड बजवा लिए और लोगों ने उनकी बात भी मानी, लेकिन हकीकत यह है कि देश में आर्थिक, सामाजिक व राजनीतिक रूप से बैंड बज रही है. देश को अब इसका बहुत दुख है. 

टिड्डी पर काबू करने में विफल रही राज्य और केन्द्र सरकार, हाईकोर्ट ने नोटिस जारी कर 8 जून तक जवाब पेश करने के दिये आदेश 

अब देश में लापरवाही का माहौल: 
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के आह्वान पर आयोजित हुए स्पीक अप इंडिया कार्यक्रम की सराहना करते हुए गहलोत ने सोनिया गांधी को तो धन्यवाद दिया, लेकिन पीएम मोदी व केंद्र सरकार पर जमकर हमले बोले. गहलोत ने कहा कि केंद्र जिस तरह राज्यों को एडवायजरी भेज रहा है, वैसे ही एडवायजरी मजदूरों के मामले में भेजनी चाहिये थी कि मजदूरों को उनके घर भिजवाने की व्यवस्था करें, कोई भी मजदूर सड़क पर नहीं दिखना चाहिए. गहलोत ने दावा किया कि ऐसा अगर होता तो 3 दिन में देश से मजदूरों वाला संकट खत्म हो जाता. कोई भी मजदूर सड़क पर पैदल नहीं चलता, लेकिन अब देश में लापरवाही का माहौल है. 

कार्यक्रम ने लाखों मजदूरों व गरीबों की आवाज बुलंद की: 
गहलोत ने कहा कि सोनिया गांधी के आह्वान पर हुए स्पीक अप कार्यक्रम ने लाखों मजदूरों व गरीबों की आवाज बुलंद की है. मुख्यमंत्री ने कहा कि लॉक डाउन के दौरान सड़कों पर हृदय विदारक दृश्य देखने को मिले. लॉक डाउन के कारण लोगों की तकलीफ शब्दों में बयान नहीं हो सकती, लेकिन केन्द्र सरकार संवेदनशील नजर नहीं आ रही. सड़क पर प्रसव हो रहे हैं, मजदूर मर रहे हैं. मुम्बई से चली ट्रेन पटना की बजाय ओडिशा पहुंच जाती है. 

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CM गहलोत ने कहा कि 90 फीसदी पैकेज तो लोन के रूप में:
केंद्र के 20 लाख करोड़ के पैकेज पर निशाना साधते हुए CM गहलोत ने कहा कि 90 फीसदी पैकेज तो लोन के रूप में है. इससे देश को कोई फायदा नहीं होने वाला. जब तक गरीब की जेब मे सीधा पैसा नहीं जाएगा, तब तक इकोनॉमी पटरी पर नहीं आ सकती, लेकिन दुर्भाग्य से इस तरफ किसी का ध्यान नहीं जा रहा. दुकानें खुल रही है, लेकिन ग्राहक नहीं आ रहे. गहलोत ने मांग की है कि केंद्र सरकार गरीबों के लिए नकदी का पैकेज घोषित कर राज्यों के लिए भी तुरन्त पैकेज दे. गरीब की जेब मे 10 हजार रुपये नकद देने चाहिए. गहलोत ने कहा कि कांग्रेस पार्टी केंद्र सरकार को कई सलाह दे रही है, लेकिन केंद्र व भाजपा नेता सिर्फ आलोचना कर रहे हैं.  

टिड्डी पर काबू करने में विफल रही राज्य और केन्द्र सरकार, हाईकोर्ट ने नोटिस जारी कर 8 जून तक जवाब पेश करने के दिये आदेश

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जयपुर: राज्य में टिडडी दल के अब तक के सबसे भयावह प्रकोप से बचने और काबू पाने के लिए तय गाईड लाईंस के अनुसार काम नहीं होने और टिड्डी दल पर काबू नहीं पाने पर राजस्थान हाईकोर्ट ने केन्द्र और राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. जस्टिस सबीना और जस्टिस सी के सोनगरा ने एडवोकेट विजय पूनिया की ओर से दायर जनहित याचिका पर ये आदेश दिये है. 

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राज्य में टिड्डी दल का कई दशक बाद इतना जबरदस्त हमला हुआ: 
एडवोकेट विजय पूनियां ने जनहित याचिका दायर कर अदालत को बताया कि पिछले कई दिनों से राज्य में टिड्डी दल का कई दशक बाद इतना जबरदस्त हमला हुआ है. राज्य में टिडडी हमले से करीब 5 लाख हैक्टेयर में फसल और हरियाली नष्ट हो गई है. इसके बावजूद अभी तक केन्द्र और राज्य सरकार ने टिडडी नियंत्रण के लिए अब तक कोई ठोस काम नहीं किया है. याचिका में केन्द्र और राज्य सरकार को टिडडी नियंत्रण की योजना और गाईड लाईंस की पालना के निर्देश देने की गुहार लगायी गयी है. 

याचिका में कहा सरकार ने नही कि गाईडलाइन की पालना:
लेकिन अभी तक केन्द्र और राज्य सरकारे इस पर काबू पाने में पुरी तरह से विफल रही है. टिड्डी दल की समस्या एक निरंतर समस्या बनी हुई है. यूनाईटेड नेशन के फूड व एग्रीकल्चर संगठन ने रेगिस्तानी टिडडी पर काबू पाने के लिए गाईड लाईंस और आकस्मिक योजना जारी कर रखी हैं, लेकिन सरकारों द्वारा इस योजना की कोई पालना नही कि गयी. याचिका में कहा गया टिडडी दल के हमला होने पर नियंत्रण के लिए कृषि मंत्रालय के साथ गृह, रक्षा, विदेश, सिविल एविऐशन, दूरसंचार सहित राज्य सरकारों की भूमिका भी स्पष्ट तौर पर गाईड लाईंस और योजना में बतायी गयी है.

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प्राथमिक जिम्मेदारी कृषि मंत्रालय और विभाग की:
टिडडी नियंत्रण की योजना में मंत्रालयों के साथ ही कीटनाशक निर्माताओं और एयरक्राफ्ट कंपनियों सहायता लेना भी बताया है. टिडडी दल के हमले व उत्पत्ति के स्थान का पता लगाने और किसानों तथा आमजन को चेतावनी देने के साथ ही सभी ऐजेंसियों को एकजुट कर नियंत्रण की योजना पर काम करने की प्राथमिक जिम्मेदारी कृषि मंत्रालय और विभाग की है. राज्य सरकारों को नियंत्रण के लिए कीटनाशक,वाहन और मानवसंसाधन उपलब्ध करवाना होता है. केन्द्रीय कृषि व किसान कल्याण मंत्रालय तथा राज्य सरकार टिडडी नियंत्रण करने में विफल रहे हैं. 

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जयपुर: राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य के आईटी विभाग में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी देने के मामले में मौखिक टिप्पणी करते हुए याचिकाकर्ता से पूछा कि आखिर इस मामले में एफआईआर दर्ज क्यो नहीं करायी. मुख्य न्यायाधीश इन्द्रजीत महांति और जस्टिस सतीश शर्मा की खण्डपीठ ने याचिकाकर्ता रोहिताश सारस्वत की जनहित याचिका को निस्तारित करते हुए एप्रोपिएट अधिकारी के समक्ष प्रतिवेदन देने के निर्देश दिये है.

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विभाग ने फर्जीवाड़ा करके दी नियुक्तियां: 
याचिकाकर्ता की ओर से एडवोकेट पूनम चंद भंडारी ने अदालत को बताया कि राजस्थान लोक सेवा आयोग ने राज्य के आईटी विभाग में एनालिस्ट कम प्रोग्रामर और उप निदेशक के पदों के लिए भर्ती निकालते हुए 2013-2014 में नियुक्तियां दी गई. लेकिन विभाग ने फर्जीवाड़ा करके उन लोगों को भी नियुक्तियां दे दी जो प्रतियोगी परीक्षा में फेल हो गए या जिन्होने फर्जी दस्तावेज पेश किए.

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अन्य पिछडा वर्ग में नियम विरुद्ध नियुक्ति दे दी:
भंडारी ने याचिका में एक प्रत्याशी पराग कच्छवा की जानकारी देते हुए अदालत को बताया कि सामान्य वर्ग का प्रत्याशी को जो परीक्षा में असफल रहा उसे अन्य पिछडा वर्ग में नियम विरुद्ध नियुक्ति दे दी गई. बहस सुनने के बाद मुख्य न्यायाधीश इन्द्रजीत महांति और जस्टिस सतीश शर्मा की खण्डपीठ ने याचिकाकर्ता को निर्देश दिए कि वह एप्रोप्रिएट अथोरिटी को संपूर्ण दस्तावेजों के साथ रिप्रेजेंटेशन प्रस्तुत करें जिसको अधिकारी कन्सीडर करें व कानून के अनुसार उचित समय सीमा में कार्यवाही करें. 

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जयपुर: राजस्थान सरकार ने को सूबे के प्रशासनिक अमले में बड़ा फेरबदल किया है. राज्य सरकार ने आरएएस अफसरों के भी ट्रांसफर के आदेश जारी कर दिए हैं. सरकारी आदेश के मुताबिक कुल 14 आरएएस अधिकारियों के ट्रांसफर किए गए हैं. इनके अलावा एक आईएस अधिकारी का भी तबादला हुआ है. 

- IAS देवेंद्र कुमार को लगाया सुमेरपुर SDM
- RAS नसीम खान को लगाया उप निदेशक,अल्पसंख्यक मामलात
- संतोष कुमार मीणा को लगाया SDM अकलेरा
- गोमती शर्मा को लगाया SDM रानी,पाली
- सुनील आर्य को लगाया SDM बयाना
- भारत भूषण गोयल को लगाया SDM देवली
- राजेंद्र सिंह-II को लगाया SDM किशनगढ़
- शैलेंद्र सिंह को लगाया SDM जसवंतपुरा
- कंचन राठौड़ को लगाया SDM बालेसर
- प्रकाश चंद्र रैगर को लगाया SDM खेरवाड़ा
- सुमित्रा पारीक को लगाया SDM बावड़ी
- महावीर सिंह जोधा को लगाया SDM गडरा रोड,बाड़मेर
- पुष्पा कंवर सिसोदिया को लगाया SDM मारवाड़ जंक्शन
- निशा सहारण को लगाया सहायक कलेक्टर चौमूं
- अनीता कुमारी खटीक को लगाया सहायक निदेशक,लोक सेवाएं,समन्वय विभाग,टोंक
- 2 RAS अधिकारियों के तबादले किए गए निरस्त

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