VIDEO: लोकसभा चुनाव में हर विधानसभा क्षेत्र में 5-5 बूथों में ईवीएम और वी वी पैट मतों का होगा मिलान

Dr. Rituraj Sharma Published Date 2019/04/12 02:27

जयपुर। इस लोकसभा चुनाव में हर विधानसभा क्षेत्र में 5-5 बूथों में ईवीएम और वी वी पैट की डाले गए मतों का मिलान होगा। सुप्रीम कोर्ट के आदेश और ईसीआई के निर्देशों के बाद निर्वाचन विभाग ने इसकी तैयारियां कर रहा है। ओटीएस में मीडिया प्रशिक्षण कार्यशाला में सीईओ आनंद कुमार ने इसकी जानकारी देते हुए बताया की ज्यादा गर्मी के मद्देनजर ईवीएम के विशेष प्रोटेक्शन के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
ओटीएस में आज निर्वाचन विभाग की मीडिया वर्कशॉप मे विज्ञापन अधिप्रमाणन व पेड न्यूज के बारे में बताया। इसमें निर्वाचन विभाग के ओएसडी हरिशंकर गोयल ने अहम जानकारियां दी

इसमें बताया गया कि....
- विज्ञापन चाहे राज.दल के हों या एनजीओ के हों, प्री सर्टिफिकेशन की जरूरत
- प्रिंट मीडिया के लिए वोटिंग से 48 घण्टे पूर्व अधिप्रमाणन जरूरी
- इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में हमेशा सर्टिफिकेशन जरूरी।

राष्ट्रीय मान्यता प्राप्त दल 7 हैं और राजस्थान में राज्य स्तरीय मान्यता प्राप्त नहीं है
- 2219 राज.दल रजिस्टर्ड हैं मान्यता प्राप्त नहीं
- स्टेट सीईओ ऑफिस करता है सर्टिफिकेशन
- जहां जहां प्रसार है अखबारों का,वहां के लिए सर्टिफिकेशन संभव है। 

एनजीओ भी सर्टिफिकेशन करा सकते विज्ञापन का
- प्रत्याशी आरओ की अध्यक्षता वाली कमेटी से कराएगा सर्टिफिकेशन
- आरओ के निर्णय से सहमत न होने पर अतिरिक्त सीईओ
- और फिर सीईओ की कमेटी में शिकायत रख सकता है
- सोशल मीडिया का सर्टिफिकेशन भी ऐसे ही होगा
- ई पेपर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का भाग इसलिए उसका विज्ञापन का भी सर्टिफिकेशन जरूरी।

सोशल मीडिया के लिए फॉर्म 26 में देनी होगी प्रत्याशी को जानकारी
- प्रत्याशी के खाते से फेक न्यूज न हो दुष्प्रचार न हो रहा हो, आचार संहिता उल्लंघन न हो रहा हो...यह निगरानी रखी जाती है।

कैसे होती है प्रक्रिया
- किसी शिकायत आधार पर व स्वप्रेरणा से पेड न्यूज का होता केस
- प्रत्याशी जवाब देता है फिर जिला MCMC की बैठक होती है
- उसके पेड न्यूज होने पर उस न्यूज की दर प्रत्याशी के खाते में जुड़ेगी
- DAVP या DIPR की विज्ञापन दर लगाई जाएगी 

पर्चा या पोस्टर में प्रकाशक,मुद्रक का नाम होना जरूरी
- ऐसा न हो तो केस दर्ज होगा
- ईसीआई सोशल मीडिया संबन्धी गंभीर
- सोशल मीडिया प्रकोष्ठ गठित
- जिला निर्वाचन व सीईओ स्तर पर हुआ है गठन
- इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का भी ECI ने सेल बनाया हुआ है
- जो कि फेक व पेड न्यूज को राज्यों को भेजते हैं

5 सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के लिए ECI में नोडल अधिकारी
- व्यक्तिगत कोई पोस्ट डालता है तो वह नहीं अवैधानिक
- सोशल मीडिया के मुख्य मालिकों के साथ हो चुकी ECI की बैठक
- इसके लिए बनाया है कोड ऑफ कंडक्ट 
- चुनाव,राज.दलों के विज्ञापन के लिए सर्टिफिकेशन जरूरी 
- गूगल,ट्विटर,फेसबुक ने ट्रांसपेरेंसी लिंक दिया है
- विज्ञापन से जुड़ी सारी जानकारी है लिंक में
- भ्रामक प्रचार जब ध्यान में लाई जाती हैं
- तब उसे हटवाया जा सकता है
ssinha.doit@rajasthan.gov.in
इस मेल पर URL के साथ आपत्तिजनक कंटेंट भेज सकते हैं
जिससे वह लिंक हट सकता है

इस मौके पर अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉक्टर जोगाराम ने कहा कि 23 मार्च को मीडिया के लिए एडवाइजरी जारी हुई थी। उन्होंने कहा कि स्वीप का लक्ष्य ज्यादा वोटिंग ही नहीं इंफॉर्म व एथिकल वोटिंग भी है। समापन सत्र में आये सीईओ आनंद कुमार ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश और एशियाई के निर्देशों के बाद लोकसभा चुनाव में हर विधानसभा क्षेत्र के 5-5 बूथ का चयन करके ईवीएम और वीवीपैट की पर्चियों का मिलान कराया जाएगा जिसकी तैयारी है । 

उन्होंने यह भी कहा ज्यादा गर्मी को देखते हुए ईवीएम के रखरखाव के लिए विशेष निर्देश जारी किए गए हैं।

कार्यशाला में बताया गया कि राजस्थान में 99.98% एपिक वितरित हो चुके हैं। यह भी बताया गया कि वोटर स्लिप सिर्फ सूचना का दस्तावेज माना गया है जबकि फोटो पहचान पत्र सहित 11 दस्तावेज होने पर ही वोटिंग की जा सकती है।

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