पहले करवाते थे लड़कियों से अश्लील Video Calling, फिर शुरू होता था Blackmailing का कारोबार; 80 लाख रुपए ठग चुके  

पहले करवाते थे लड़कियों से अश्लील Video Calling, फिर शुरू होता था Blackmailing का कारोबार; 80 लाख रुपए ठग चुके  

पहले करवाते थे लड़कियों से अश्लील Video Calling, फिर शुरू होता था Blackmailing का कारोबार; 80 लाख रुपए ठग चुके  

जयपुर: अलवर (Alwar) के गोविंदगढ़ में पुलिस ने ब्लैकमेलिंग (Blackmailing ) का एक ऐसा कॉल सेन्टर पकड़ा है जो पहले तो लड़कियों से लोगों को अश्लील वीडियो के जरिए सैक्स चेट करके लोगों को फंसाते थे, फिर इस अश्लील वीडियो कॉलिंग (Obscene Video Calling) की रिकॉर्डिंग को भेजकर ब्लैकमेल करते थे. इससे जुड़े 11 लाेगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. जो अब तक अलवर, राजस्थान सहित कई राज्यों के लोगों से 80 लाख रुपए ठग चुके हैं. 

बड़ी संख्या में इनके नाम से है बैंकों में खातें:
इस गिरोह के पास से 23 मोबाइल (Mobile) जब्त किए है. बड़ी संख्या में इनके अलग-अलग नाम से बैंक खाते हैं. महिलाओं के नाम से खुद के Paytm, वॉट्सएप, फेसबुक सहित अधिकतर प्लेटफॉर्म पर अकाउंट खोल रखे हैं. ताकि दूसरे लोगों को विश्वास हो जाए कि ये महिला के नाम से ही खाते हैं. फर्जी सैनिक (Fake Soldier) बनकर भी वाहन बेचने के नाम पर ठगी करते रहे हैं.

ऐसे हुआ इस गिरोह का भंड़ाफोड़:
3 जून को पुलिस को सूचना मिली कि अलवर में टेल्को चौराहे (Telco Crossroads) की तरफ एक कार व मोटरसाइकिल पर कुछ ठगी करने वाले लोग जा रहे हैं. इसके बाद DST टीम के प्रभारी कासम खां व हैड कांस्टेबल जान मोहम्मद मौके पर पहुंचे. नाकाबंदी को देख ये बदमाश रॉन्ग साइड कार दौड़ा कर भागने लगे, लेकिन पुलिस ने कार व उसके पीछे चल रही बाइक को दबोच लिया. मौके पर 11 लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया. जिसमें से 9 जने गोविंदगढ़ के हैं और दो भरतपुर जिले के रहने वाले हैं.

इसके बाद बोले हम ठगी करने वाले:
पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद इन ठगों ने ही पुलिस को बताया दिया कि ये ऑनलाइन सामान बेचने के नाम पर ठगी करते हैं. फर्जी तरीके से सिम खरीदकर लोगों को फेसबुक, व्हाट्सअप, ओएलएक्स एवं अन्य सोशल साइट्स के माध्यम से धोखा देकर, सैक्स चैट करके और वाहन बेचने के नाम पर अलग-अलग तरीके से ठगी करते हैं. जिनके पास से 27 मोबाइल, एक लैपटाॅप, एक मोटइरसाइकिल व एक बोलेरो कार जब्त की है. इनके मोबाइल इसके सबूत मिले हैं.

इस टीम ने की कार्रवाई:
IPS विकास सांगवान, थानाधिकारी राजेश कुमार वर्मा, भोलाराम, DST प्रभारी कासम खां, क्यूआरटी के सहायक प्रभारी जीतेन्द्र कुमार, हैड कांस्टेबल जान मोहम्मद, हैड कांस्टेबल साधुराम, रामनिवास, कांस्टेबल इमरान, हरिओम, बृजेश, देवकीनंदन, लोकेश कुमार, संजय कुमार, लख्मीचंद, मानवेंद्र, रामवीर,राम सिंह, पुस्कीन, प्रवीश कुमार, उमाशंकर, अनिल कुमार, सुरेन्द्र कुमार सहित कई पुलिसकर्मी शामिल हैं.

ये 11 गिरफ्तार:
साहुन पुत्र खुर्शीद सैमला, निसार अहमद पुत्र हसन मोहम्मद निवासी कैमासा गोविंदगढ़, आरीफ पुत्र खुर्शीद निवासी सैमला, मोहम्मदर साहीद पुत्र मोहम्मदर अली निवासी कैमासा, साहीद खां पुत्र समसू खां निवासी कैमासा, साहील पुत्र आजाद निवासी सैमलाखुर्द, वारिस पुत्र मोहम्मद अली निवासी कैमासा, राहुल खां पुत्र आजाद खां निवासी सैमला, इमरान पुत्र अकबर निवासी जुरहेरा भरतपुर,बरकत पुत्र अब्दुल निवासी जुरहरा भरतपुर हैं। जिनके खिलाफ धारा 419, 420, 468, 469 व 471 आइपीसी व 66 डी आईटी एक्ट के तहत दर्ज कर अनुसंधान जारी है.

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