VIDEO: पर्यटन पर 'कोरोना का ग्रहण', राजधानी में सामान्य दिनों में 1 दिन में आने वाले पर्यटक पूरे प्रदेश में 1 महीने में दिखाई दिए

जयपुर: कोरोना के हमले ने देश और प्रदेश में पर्यटन ढांचे को झकझोर कर रख दिया है. जितने पर्यटक राजधानी जयपुर में सामान्य दिनों में 1 दिन में आया करते थे उतने पर्यटक पूरे प्रदेश में 1 महीने में दिखाई दिए हैं. राज्य सरकार ने रिवाइवल प्लान भी बनाया है और कोविड-19 रिलीफ पैकेज भी जारी करने की तैयारी कर ली है लेकिन सैलानियों में आज भी कोरोना कब है कम नहीं हुआ है. 

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जयपुर के स्मारक देश और दुनिया में प्रसिद्धि हासिल कर चुके:  
राजस्थान को पर्यटन का प्रदेश माना जाता है राजधानी जयपुर के स्मारक देश और दुनिया में इतनी प्रसिद्धि हासिल कर चुके है की गूगल पर भी एक क्लिक करो तो एक-एक स्मारक के लाखों पेज खुल जाते हैं. प्रदेश में पर्यटन ढांचा इतना मजबूत हुआ करता था जिस पर स्वाइन फ्लू, जीका, एंथ्रेक्स, सार्स और न जाने कितने वायरस आक्रमण कर चुके हैं लेकिन राजस्थान के पर्यटन ढांचे को टस से मस भी नहीं कर पाए. लेकिन इस बार देश और प्रदेश के पर्यटन पर जिस कोरोना नाम के वायरस ने हमला किया है उसके आगे  प्रदेश का पर्यटन ढांचा दरकता दिखाई दे रहा है.

अनलॉक वन में 1 जून को प्रदेश के पर्यटन स्थलों को शुरू:
कोरोना संकट के चलते प्रदेश में 18 मार्च को सभी पर्यटन स्थल जिनमें मॉन्यूमेंट, म्यूजियम, नेशनल पार्क, बायोलॉजिकल पार्क, सफारी सभी को बंद कर दिया गया था. यही नहीं टूरिज्म इंडस्ट्री से जुड़े तमाम स्टेक होल्डर जिनमें होटल, रिसॉर्ट, रेस्टोरेंट्स, हाथी गांव जैसे तमाम पर्यटन से जुड़े स्थलों को भी बंद कर दिया गया था. इससे पर्यटन उद्योग को अरबों रुपए का नुकसान उठाना पड़ा. आखिर अनलॉक वन में 1 जून को प्रदेश के पर्यटन स्थलों को शुरू कर दिया गया. इसके बाद 8 जून से तमाम होटल, रेस्टोरेंट और पर्यटन से जुड़े अन्य स्थल भी सैलानियों के लिए खोल दिए गए. लेकिन 1 जून से 30 जून तक के पहले 1 महीने में पर्यटन स्थलों पर माहौल निराशाजनक ही रहा. राजधानी में के कुल 8 स्मारक और संग्रहालयों पर 1 महीने में महज 5269 पर्यटक पहुंचे. जबकि राजधानी के बाहर के प्रदेश के मॉन्यूमेंट और म्यूजियम जिनकी संख्या 24 है उन पर महज 3537 पर्यटक ही 1 महीने में पहुंचे. इसका सीधा मतलब है प्रदेश में जून के महीने में पर्यटकों की संख्या महज 8806 रही जो राजस्थान जैसे पर्यटन के प्रदेश के लिए कतई उत्साहजनक नहीं है. एक महीने में 8806 पर्यटकों का आंकड़ा इसलिए भी निराशाजनक है क्योंकि आमतौर पर ऑफ सीजन में इतने पर्यटक महज एक दिन में राजधानी में दिखाई देते रहे हैं. लेकिन कोरोना के हमले के आगे पर्यटन पूरी तरह पस्त हो गया है. 

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सर्वाधिक पर्यटक विश्व विरासत में शुमार आमेर में पहुंचे:
राजधानी में 1 महीने में सर्वाधिक पर्यटक विश्व विरासत में शुमार आमेर में पहुंचे. आमेर में पर्यटकों की संख्या 1 महीने में 1585 रहीं जबकि नाहरगढ़ यह आंकड़ा 1326 के स्तर पर रहा. राजधानी के बाहर सर्वाधिक पर्यटक 901 अलवर में पहुंचे जबकि चित्तौड़ 500 और अजमेर में पर्यटकों की संख्या 369 रही. प्रदेश में पर्यटन उद्योग से प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से 10 लाख से ज्यादा लोग जुड़े हुए हैं जिनमें छोटे-छोटे वेंडर, हॉकर से लेकर गाइड, महावत, लोक कलाकार और बड़े स्तर पर होटल, रिसोर्ट संचालक तक शामिल हैं. कोरोना संक्रमण का इन सभी पर बुरा असर हुआ है अब मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के निर्देश के बाद प्रदेश के पर्यटन और देवस्थान मंत्री विश्वेंद्र सिंह और विभाग के प्रमुख सचिव आलोक गुप्ता सहित तमाम अधिकारी इस प्रयास में जुटे हुए हैं कि प्रदेश में सुरक्षित और स्वास्थ्य पर माहौल तैयार कर पर्यटन को वापस मुख्यधारा में लाया जाए. सभी का प्रयास है कि सितंबर में शुरू होने वाले पर्यटन सत्र से पहले प्रदेश में इस तरह का माहौल तैयार किया जाए जिससे घरेलू पर्यटक ज्यादा से ज्यादा संख्या में राजस्थान आएं. 
 

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