रोडवेज परिवहन निगम की अनुबंधित बसों पर लगा ग्रहण

FirstIndia Correspondent Published Date 2018/12/19 09:08

बूंदी। राजस्थान रोडवेज परिवहन निगम की अनुबंधित बसों को इन दिनों ग्रहण लगा हुआ है । एक के बाद एक पूरे राजस्थान सहित बूंदी में भी फाइनेंस कंपनी द्वारा अनुबंधित बसों को पकड़ा जा रहा है। आपको बता दें कि बस मालिकों द्वारा बसों की किस्त जमा नहीं के चलते इन्हें फाइनेंस कंपनी द्वारा रोडवेज की अनुबंधित बसों जप्त किया जा रहा है। जिससे कहीं रूठ कटेल होने के साथ ही साथ यात्रियों को भी भारी समस्या का सामना करना पड़ रहा है । बूंदी में भी अनुबंधित की 15 बसों में से 10 बसें फाइनेंस कंपनी ने अभी तक जप्त  कर ली है अपने बाड़े में जप्त कर खड़ी कर ली है। तो रोडवेज की एक दर्जन बसे पार्ट्स की कमी के कारण रोडवेज की कार्यशाल में हे खड़ी। 

राजस्थान रोडवेज बसों के संचालन में इन दिनों काफी समस्या आ रही है जानकारी के अनुसार राजस्थान सहित बूंदी में भी राजस्थान में बीजेपी सरकार द्वारा अनुबंधित रोडवेज की बसें लगाई गई थी।  जिन्हें 500 किलोमीटर रोज आना जाना इन बसों का रहता था और रोडवेज प्रशासन द्वारा इन्हें उसी के आधार पर किराया नामा अर्थात ठेका प्रथा जो कहलाती है जिसके तहत इन बस मालिकों को भुगतान किया जाता  था। उसके तहत पैसा दिया जा रहा था। लेकिन फाइनेंस कंपनी ने अब इन सभी बसों को जप्त करना शुरू कर दिया है। जिसके चलते अब चालको के भुगतान के भी लाले पड़ने हुए है 3 माह से चालकों का ठेकेदार ने भुगतान भी नही किया।  

जानकारी के अनुसार अनुबंधित बस मालिकों में आपसी कहासुनी के चलते फाइनेंस कंपनी बसों की क़िस्त का भुगतान नहीं किया जा रहा है। लंबा समय बीत जाने के बाद भी फाइनेंस कंपनी को भुगतान नहीं करने से फाइनेंस कंपनी ने इन बसों को जप्त करना शुरू कर दिया है। जहां भी बस खड़ी हुई दिखती है बस को लेकर वहां से रवाना फाइनेंस कंपनी के स्टाफ हो रहे हैं और अपने बाड़े में खड़ा करने को फाइनेंस कंपनी मजबूर हो चुकी है। पार्टनरो  की आपसी लड़ाई सहित किस्त का भुगतान नहीं होना तो अलग बात है लेकिन इन बसों को चलाने वाले चालकों का भी अभी 3 माह का भुगतान अटका पड़ा है जिसके इसके चलते चालक भी काफी परेशान हो रहे है। मुख्य रूप से बूंदी की डिपो की बात करें तो बूंदी में 15 अनुबंधित बसों को आवंटित किया गया था जिसमे से अब फाइनेंस कंपनी ने 10 बस जप्त कर ली है बसों के जप्त होने के कारण इससे मुख्य रूप से जयपुर ,कोटा -बूंदी सहित उदयपुर अजमेर मार्ग बाधित हो रहे हैं। जिससे यात्रियों को भी समस्या आ रही है। 

वही बात करें रोडवेज के स्थानीय रोडवेज  की कार्यशाला में कुल 69 रोडवेज की बस बूंदी डिपो में हैं जिनमें से एक दर्जन बसे पार्ट्स की कमी जिसमे टायर , कमानी , इंजन के पार्ट्स आदि के बिना खड़ी है जिसके चलते अब रोडवेज प्रशासन भी सासंत में आ गया है। अब यात्रियों की आवाजाही में भी काफी भीड़भाड़ देखने को मिल रही है। अनुबंधित बसों का बंद होना व रोडवेज की बसों में में पार्ट्स की कमी के चलते कार्यशाला में खड़े होने के चलते यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं रोडवेज के मुख्य प्रबंधक घनश्याम का कहना है कि हमने मुख्यालय को संबंधित मामले में लेटर भेजकर अवगत करवा दिया है और भी बसे हमने भी मांगी है ताकि संचालन पूर्ण रूप और सही तरीके से किया जा सके ताकि यात्री को किसी प्रकार की समस्या ना हो। 

अब यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा कि प्रदेश में सरकार भी बदली है और रोडवेज के लिए कांग्रेस सरकार को एनर्जेटिक  सरकार भी माना जाता है और रोडवेज कर्मचारियों की बीजेपी के प्रति नाराजगी जाहिर थी इसके कारण मंत्री यूनुस खान को भी हार का सामना करना पड़ा अब आने वाले परिवहन मंत्री सरकार के कौन होंगे और रोडवेज के लिए गहलोत सरकार कितना फायदेमंद होती है आने वाला वक्त ही बताएगा। 
*भवानी सिंह हाड़ा*,बूंदी*

First India News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे!
हर पल अपडेट रहने के लिए अभी डाउनलोड करें First India News Mobile Application
लेटेस्ट वीडियो के लिए हमारे YOUTUBE चैनल को विजिट करें

और पढ़ें

Most Related Stories

Stories You May be Interested in

इस बार का चुनाव होगा - Money Game !

मोदी के साथ - RSS का हाथ !
नियमों की धज्जियां उड़ा रही है नोएडा अथॉरिटी
पायलट का गढ़, मोदी की दहाड़ | #BIG_FIGHT LIVE
पुलवामा हमले पर पाक का चौतरफा विरोध !
वर्ल्ड कप से OUT होगा पाकिस्तान !
PM Narendra Modi Conferred With Seoul Peace Prize
सहारनपुर की देवबंद में जैश के दो आतंकी गिरफ्तार