राजस्थान रोडवेज पर गहरा रहा आर्थिक संकट, बंद होंगे 3 डिपो !

राजस्थान रोडवेज पर गहरा रहा आर्थिक संकट, बंद होंगे 3 डिपो !

राजस्थान रोडवेज पर गहरा रहा आर्थिक संकट, बंद होंगे 3 डिपो !

जयपुर: राजस्थान रोडवेज अब बंद होने के कगार पर है. सुनकर आप चौंक सकते हैं, लेकिन यह हकीकत है. इसकी शुरुआत हो चुकी है. रोडवेज प्रशासन ने अपने एक डिपो को बंद कर दिया है और 2 अन्य डिपो में भी बसों के शेड्यूल कम कर दिए गए हैं और इसके बाद इन्हें बंद किया जाएगा. आखिर क्यों बंद हो रहे हैं रोडवेज के डिपो, क्या परिवहन मंत्री के वादे सिर्फ हवाई हैं, एक्सक्लूसिव रिपोर्ट:

झूठा पड़ने लगा परिवहन मंत्री का बयान:
परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने 4 नंवबर को राजस्थान रोडवेज के उच्चाधिकारियाें की बैठक ली थी. बैठक में कहा था कि रोडवेज में कहीं भी बसों का संचालन कम नहीं होगा. यदि किसी रूट पर घाटा हो रहा है तो उसे आर्थिक कारणों से बंद नहीं किया जाएगा. रोडवेज मुनाफा कमाने के लिए नहीं, बल्कि जनता को सेवा देने के लिए है, लेकिन एक माह बाद ही परिवहन मंत्री का यह बयान झूठा पड़ने लगा है. राजस्थान रोडवेज प्रशासन ने जयपुर के विद्याधर नगर डिपो से बसों का संचालन पूरी तरह से बंद कर दिया है. यहां से संचालित होने वाले सभी 56 शेड्यूल रोडवेज ने बंद कर दिए हैं और अब यहां से एक भी बस संचालित नहीं होगी. सभी बसों को शाहपुरा, वैशाली नगर, सीकर, खेतड़ी आदि आगाराें में शिफ्ट कर दिया गया है. बसों के साथ रोडवेज के चालक-परिचालकों को भी भेजा जाता है, ऐसे में डिपो में कोई स्टाफ भी नहीं रहेगा. रोडवेज मुख्यालय में अब यह चर्चा आम हो गई है कि विद्याधर नगर डिपो को खाली करके इसे निजी संचालकों के साथ प्रस्तावित ग्रामीण परिवहन बस सेवा को दिया जा सकता है, या फिर डिपो की जमीन की नीलामी की जा सकती है. 

ऐसे बंद हुआ विद्याधर नगर डिपो ?
—विद्याधर नगर डिपो से कुल 56 रूटों पर बसें चल रही थीं
—अब डिपो के सभी शेड्यूल अलग-अलग डिपो को ट्रांसफर कर दिए गए हैं
—2 शेड्यूल सीकर आगार को स्थानांतरित किए गए हैं
—वैशाली डिपो को 22 शेड्यूल, खेतड़ी डिपो को 4 शेड्यूल स्थानांतरित
—शाहपुरा डिपो को 8, श्रीमाधोपुर को 7, डीडवाना को 3 शेड्यूल स्थानांतरित
—करौली को 3, दौसा को 6 और टोंक डिपो को 1 शेड्यूल स्थानांतरित

कई डिपो पर भी लटकी संकट की तलवार:
राजस्थान रोडवेज का विद्याधर नगर डिपो तो अब बंद हो ही गया है, साथ ही दूसरे कई डिपो पर भी संकट की तलवार लटक गई है. मुख्यालय के अधिकृत सूत्रों के अनुसार जल्द ही राजसमंद और प्रतापगढ़ डिपो को भी बंद कर दिया जाएगा. हाल ही में इन दोनों डिपो के संचालन किलोमीटर घटा दिए गए हैं और शेड्यूल भी घटाए गए हैं. रोडवेज के अधिकारियों का कहना है कि कम आय वाले डिपो को बंद करने से खर्चा कम होगा और रोडवेज का घाटा कम करने में मदद मिलेगी. 

ये 2 डिपो जल्द हो सकते हैं बंद:
—प्रतापगढ़ और राजसमंद डिपो को बंद करने की तैयारी है
—प्रतापगढ़ डिपो में पहले 37 शेड्यूल थे, अब 33 कर दिए गए
—संचालन किलोमीटर 15921 से घटाकर 13423 किमी किए
—राजसमंद डिपो में पहले 39 शेड्यूल थे, अब घटाकर 31 किए
—संचालन किलोमीटर 17261 किमी से घटाकर 13477 किमी किए
—सूत्रों के मुताबिक डिपो बंद होंगे, केवल बस स्टैंड बचे रहेंगे
—प्रतापगढ़ बस स्टैंड पर बसें चित्तौड़गढ़ डिपो से आएंगी
—राजसमंद डिपो बंद होगा, बस स्टैंड पर बसें उदयपुर से आएंगी

डिपो को मर्ज करने का भी प्लान:
इसके अलावा यह भी चर्चा है कि एक ही शहर में नजदीकी जगहों पर चल रहे रोडवेज के दो डिपो को मर्ज कर दिया जाएगा. उदाहरण के लिए अलवर में चल रहे अलवर और मत्स्यनगर डिपो को एक किया जाएगा. अजमेर और अजयमेरू डिपो को एक किया जाएगा. भरतपुर और लोहागढ़ डिपो भी एक ही डिपो से संचालित होंगे. कुलमिलाकर एक तरफ जहां नई सरकार में आम जनता को रोडवेज के विस्तार की उम्मीद थी, रोडवेज अपने पैर सिकोड़ता जा रहा है. उम्मीद कम ही है कि राजस्थान की लाइफ लाइन रोडवेज बसें फिर से हर गांव-ढाणी तक पहुंच सकेंगी. 

... संवाददाता काशीराम चौधरी की रिपोर्ट 
 

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