आर्थिक हालात सफलता में नहीं बने बाधा, रामप्रसाद भाभूं ने रोशन किया जिले का नाम

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/05/16 07:51

रायसिंहनगर: मेहनत और लगन से आगे बढ़ने वालों के लिए चाहे कैसी भी परिस्थितियां हो, लेकिन दृढ़ संकल्प व मजबूत इच्छाशक्ति से सभी बाधाओं को पार किया जा सकता है. कुछ ऐसा ही साबित कर दिया है गुदड़ी के लाल रामप्रसाद भाभूं ने. रामप्रसाद ने प्रदेश के 12वीं साइंस के परीक्षा परिणाम में श्रीगंगानगर जिले में प्रथम स्थान प्राप्त करते हुए 97.6 प्रतिशत अंक प्राप्त कर सफलता के मुकाम को छुआ है.

गांव में है कच्चा मकान:
गांव में बने टूटे-फूटे कच्चे कमरे में अपने परिवार के पांच सदस्यों के बीच रहने वाले रामप्रसाद शुरू से ही पढ़ाई में अव्वल रहे. रामप्रसाद भाभूं की परिवारिक हालत भी अच्छी नहीं है. इसका परिवार गांव में टूटे-फूटे कच्चे कमरे में रह कर अपना जीवन यापन कर रहा है. कक्षा 10 में भी रामप्रसाद ने 95.5 प्रतिशत अंक प्राप्त किये थे. दो बहनों में छोटे भाई रामप्रसाद के परिवार का परीक्षा तैयारी के लिए सहयोग रहा. 

पिता चलाते हैं एक दुकान:
मध्यमवर्गीय परिवार के रामप्रसाद का कहना है उनके परिवार ने कभी उन्हें आर्थिक तौर कमजोर होने का अहसास नहीं होने दिया. रामप्रसाद के पिता की चक 58 एनपी में परचून की दुकान है व माता रेवती देवी गृहिणी है. इस ग्रामीण प्रतिभा ने प्रतिदिन 8 से दस घंटे नियमित अध्ययन कर सफलता अर्जित की है. राम प्रसाद भविष्य में आईएएस बनना चाहते हैं. 12 वीं सांईंस में जिले में अव्वल रहे रामप्रसाद माेबाइल और साेशल मीडिया से दूर हैं. इनका कहना कि लक्ष्य किसी के दबाव में नहीं खुद अपनी क्षमता का आंकलन कर तय कराे. उसके बाद तब तक बिना थके, बिना रुके मेहनत कराे जब तक लक्ष्य पा न लाे. रामप्रसाद को क्रिकेट खेलने का भी शाैक है. प्रधानाचार्य दलीप बिश्नाेई बताते हैं कि रामप्रसाद में बड़ी लगन और मेहनत के साथ पढ़ाई करते हुए जिले का नाम रोशन किया है.

... रायसिंहनगर से हेमसिंह राजपुरोहित की रिपोर्ट

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