शिक्षा व्यवस्था बेहाल, पिछले 6 साल से खुले आसमान के नीचे पढ़ने को मजबूर विधार्थी

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/04/24 08:38

भुसावर(भरतपुर)। जिले की वैर तहसील में आजादी के 7 दशक बीत जाने के बाद भी ग्राम पंचायत मैना पुरा की ढ़ाणी जोगीपुरा के बच्चे आज भी एक पेड़ के नीचे पढ़ने को मजबूर है। यहां के राजकीय प्राथमिक संस्कृत विद्यालय को स्थापित हुए 6 साल बीत गए, लेकिन आज तक विद्यालय का खुद का भवन तैयार नहीं हो पाया है, जिस कारण मजबूरन  विद्यार्थी पेड़ के नीचे संस्कृत का पाठ पढ़ रहे हैं। हालात यह है कि स्कूल में एक ही शिक्षक है । वहीं जिम्मेदार अधिकारी भी स्कूल के विकास व सुविधा की ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं । यही वजह है कि स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या भी सिर्फ 17 ही रह गई है। 

तहसील भुसावर की ग्राम पंचायत मैना पुरा की एक ढ़ाणी जोगी का पुरा स्थित   राजकीय प्राथमिक संस्कृत विद्यालय का शुभारंभ 2013 में हुआ, लेकिन आज तक इसके लिए भवन तक मुहैया नहीं हो पाया । यहां कार्यरत एकमात्र शिक्षक मंगल राम कोली भी अधिकारियों से गुहार लगा लगा कर थक गया है। जानकारी के अनुसार यह जिले का एकमात्र विद्यालय है जो सन 2013 से लगातार भवन बिना ही पेड़ के नीचे संचालित है। अगर बात की जाए अध्यापक की तो अध्यन कराने के लिए राजकीय प्राथमिक विद्यालय जोगीपूरा की ढ़ाणी मैना पुरा में शिक्षक के तौर पर एकमात्र शिक्षक कार्यरत है। हालांकि पिछले दिनों एक महिला शिक्षक का स्थानांतरण यहां हुआ था, लेकिन बाद में उनका फिर से अन्यत्र स्थानांतरण हो गया । 

विद्यालय के प्रधानाध्यापक मंगल राम कोली ने बताया कि वर्तमान में कक्षा 1 से लेकर 4 तक 17 विद्यार्थियों का नामांकन है और विद्यालय भवन नहीं होने के कारण उन्हें बहुत सी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है । बरसात होने पर विद्यार्थियों की छुट्टी करनी पड़ती है साथ ही विद्यालय के कागजात व अन्य सामान सहित पोषाहार का सामान भी निकट स्थित बिजली घर के एक कमरे रखना पड़ता है।

....फर्स्ट इंडिया के लिये भुसावर से रामचंद्र सैनी की रिपोर्ट
 

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