जयपुर VIDEO: राजस्थान उपचुनावः निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान के लिए निर्वाचन विभाग ने की तैयारियां पूरी, खास रिपोर्ट

VIDEO: राजस्थान उपचुनावः निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान के लिए निर्वाचन विभाग ने की तैयारियां पूरी, खास रिपोर्ट

जयपुरः विधानसभा उपचुनाव में इस बार कोरोना के मद्देनजर वोटिंग के लिए बूथ्स पर ग्लव्स भी उपलब्ध कराए जाएंगे.प्रदेश की सहाड़ा, सुजानगढ़ और राजसमंद विधानसभाओं में स्वतंत्र-निष्पक्ष-शांतिपूर्ण के साथ ‘सुरक्षित‘ चुनाव के लिए निर्वाचन विभाग ने सभी जरूरी तैयारियां पूर्ण कर ली है. तीनों विधानसभाओं के लिए 17 अप्रेल को सुबह 7 से 6 बजे तक कोविड संबंधी सभी दिशा-निर्देशों की कड़ी पालना के साथ मतदान करवाया जाएगा.  मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रवीण गुप्ता ने बताया कि सभी मतदान केंद्रों को हाइपोक्लोराइट से सेनेटाइज करवा दिया गया है.

ये है एहतियात 
-मतदान केंद्र में प्रवेश से पहले सभी मतदाताओं का तापमान थर्मल स्कैनर से मापा जाएगा. 

-किसी भी मतदान केंद्र पर बिना मास्क के प्रवेश नहीं दिया जाएगा. मतदाताओं को मतदान से पहले ग्लव्ज भी उपलब्ध कराएं जाएंगे, ताकि किसी भी प्रकार के संक्रमण का प्रसार ना हो सके. 

-मतदान के लिए सभी मतदान केंद्रों पर गोले बनाए गए हैं, जहां मतदाता सोशल डिस्टेंसिंग के साथ अपनी बारी का इंतजार करेंगे. स्थानीय प्रशासन कोविड संबंधी सभी दिशा-निर्देशों की पालना के साथ मतदान करवाएंगे.  

27 उम्मीदवारों के भाग्य का होगा फैसला:
तीनों विधानसभाओं में प्राप्त नामांकनों की जांच और नाम वापसी के बाद 27 उम्मीदवार चुनावी समर में रह गए थे. मतदाता मतदान दिवस पर सहाड़ा (भीलवाड़ा) से 8, सुजानगढ़ (चुरू) से 9 और राजसमंद (राजसमंद) से 10 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे.  जिला निर्वाचन अधिकारियों को मतदान केंद्रों पर आधारभूत सुविधाएं मसलन छाया, पानी, रैंप आदि की व्यवस्था भी सुचारू करने के निर्देश दिए हैं.  

7 लाख से ज्यादा मतदाता कर सकेंगे मतदान:
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि राजसमंद जिले की राजसंमद, भीलवाड़ा जिले की सहाड़ा और चूरू जिले की सुजानगढ़ विधानसभाओं में कुल 7 लाख 45 हजार 758 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे. सुजानगढ़ में 2 लाख 75 हजार 940, राजसमंद में 2 लाख 22 हजार 531 और सहाड़ा में 2 लाख 47 हजार 287 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकेंगे. 

100 मतदान केंद्रों पर होगी वेबकास्टिंग:
तीनों विधानसभाओं में कुल 1145 मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं. इनमें से 100 संवेदनशील मतदान केंद्रों पर वेब कैमरों के जरिए नजर रखी जाएगी. उन्होंने बताया कि भीलवाड़ा जिले की सहाड़ा विधानसभा के 39, राजसमंद के 35 और चुरू जिले के सुजानगढ़ विधानसभा क्षेत्र में 26 मतदान केंद्रों पर इस तकनीक के जरिए निगरानी की जाएगी. 

1145 ईवीएम मशीनों से होंगे चुनाव:
3 विधानसभाओं में कुल 1145 ईवीएम मशीनों के द्वारा चुनाव संपादित करवाए जाएंगे. सभी विधानसभाओं में नियमानुसार मशीनें और वीवीपेट मशीनें रिजर्व में भी रखी गई हैं. चुनाव के दौरान मशीनों में किसी भी तरह की परेशानी आने पर प्रत्येक विधानसभा में इंजीनियर्स हर समय उपलब्ध रहेंगे. 

साढ़े 7 हजार से ज्यादा सुरक्षा कार्मिक रहेंगे मुस्तैद:
तीनों विधानसभाओं में स्वतंत्र-निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान के लिए 7578 पुलिस कार्मिकों को तैनात किया  गया है. उन्होंने बताया कि होमगार्ड के 2556, सीएआईएफ के 1270, एसएआईएफ के 600 और पुलिस के 3158 पुलिस कार्मिकों को नियोजित किया गया है. उन्होंने बताया कि सभी विधानसभा क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था मजबूत रहेगी. 

कोरोना संक्रमितों के लिए अंतिम घंटों में मतदान की व्यवस्था:
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि राज्य में कोरोना संक्रमितों की बढ़ती संख्या को देखते हुए आयोग ने मतदान के अंतिम घंटों यानी कि शाम 5 से 6 बजे के मध्य कोरोना संक्रमित, कोरोना संदिग्ध और क्वारंटीन में रह रहे मतदाताओं को उनकी सहमति पर पूरे प्रोटोकॉल के साथ मतदान करवाने की व्यवस्था की है. उन्होंने बताया कि मतदान केन्द्रों पर कोरोना संक्रमितों के लिए अलग से प्रतीक्षा कक्ष बनाया जाएगा और आने वाले प्रत्येक संक्रमित मतदाता को पीपीई किट भी उपलब्ध करवाई जाएगी.

पर्यवेक्षकों की पैनी नजर में होंगे चुनाव:
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि सभी विधानसभाओं में स्वतंत्र-निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान के लिए भारतीय प्रशासनिक और राजस्व सेवा के 6 वरिष्ठ अधिकारियों को सामान्य और व्यय पर्यवेक्षक लगाया गया है. ये पर्यवेक्षक चुनाव के दौरान वहां की कानून व्यवस्था, आचार संहिता, चुनावी खर्च सहित कई अन्य विषयों पर पैनी नजर रखेंगे और उसकी सूचना भी आयोग को निरंतर उपलब्ध कराते रहेंगे.

मतदान दिवस पर मतदाता निर्वाचन संबंधी किसी भी समस्या के लिए जिला और राज्य स्तर पर स्थापित नियंत्रण कक्ष में फोन कर मदद प्राप्त कर सकते हैं. मतदान से पूर्व मतदाता अपना नाम मतदाता सूची में नाम, भाग संख्या, क्रमांक संख्या देखने, मतदान केंद्र सहित कई तरह की जानकारी प्राप्त करने के लिए ‘वोटर हेल्पलाइन‘ एप का इस्तेमाल कर सकते हैं.जिन बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं ने पोस्टल बैलेट के विकल्प का चयन नहीं किया है और उनके सुलभ मतदान के लिए आयोग ने तीसरी पंक्ति की भी व्यवस्था की है. उन्होंने बताया कि मतदान केन्द्रों पर दिव्यांगजनों की मदद के लिए स्थानीय स्तर पर स्काउट गाइड, एनएसएस और एनसीसी के वोलेंटियर लगाए जाएंगे. कई निकायों पर दिव्यांगजनों को एवं उनके सहायकों को घर से लाने ले जाने के लिए भी परिवहन की व्यवस्था की गई है. मतदाता पहचान पत्र के अलावा वैकल्पिक दस्तावेजों से भी मतदान हो सकेगा.
फर्स्ट इंडिया के लिए ऋतुराज शर्मा की रिपोर्ट

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