VIDEO: जयपुर से दौड़ेगी बिजली की ट्रेनें, विद्युतीकरण से जुड़े अधिकांश काम पूरे

VIDEO: जयपुर से दौड़ेगी बिजली की ट्रेनें, विद्युतीकरण से जुड़े अधिकांश काम पूरे

VIDEO: जयपुर से दौड़ेगी बिजली की ट्रेनें, विद्युतीकरण से जुड़े अधिकांश काम पूरे

जयपुर: राजस्थान के उत्तर पश्चिम रेलवे में बिजली से ट्रेनों का संचालन शुरू होने में अब ज्यादा देर नहीं है. सब कुछ ठीक रहा तो 4 से 5 माह बाद जयपुर से विद्युतीकृत ट्रेनें दौड़ने लगेंगी. विद्युतीकरण से जुड़े अधिकांश काम पूरे किए जा चुके हैं. रेलवे प्रशासन अगले साल मार्च माह से विद्युतीकृत ट्रेनें शुरू कर सकता है. 

देशभर में विद्युतिकरण से जुडे कार्य केंद्रीय रेल विद्युतिकरण संगठन (कोर), रेलवे का पीएसयू राइट्स आरवीएनएल कर रहे हैं. उत्तर पश्चिम रेलवे में अधिकांश कार्य कोर और राइट्स कर रहा है. राइट्स द्वारा जयपुर-सवाईमाधोपुर के बीच इलैक्ट्रीफिकेशन का काम पूरा कर लिया गया है. लेकिन बावजूद इसके मार्च से पहले इस रूट पर बिजली की ट्रेन नहीं संचालित हो सकेंगी. ऐसा इसलिए क्योंकि पिछले दिनों जयपुर स्टेशन पर यार्ड रिमॉडलिंग किए जाने के चलते कई ऑपरेशनल प्वॉइंट्स नए बनाए गए हैं. वहीं सिग्नलिंग सिस्टम भी नई विकसित की गई है. जिसके कारण कोर के अधिकारियों की दलील है कि अब दोबारा से ड्रॉइंग बनाई जाएगी और नए सिरे से योजना बनाकर कार्य शुरु किया जाएगा. जिसे पूरा होने में फरवरी तक का समय लगेगा. गौरतलब है कि राइट्स ने सवाईमाधोपुर से शिवदासपुरा तक का काम पूरा कर दिया है और इसे सीआरएस ने मंजूरी भी दे दी है. 

जयपुर-सवाईमाधोपुर विद्युतीकरण प्रोजेक्ट:
- जयपुर से सवाईमाधोपुर प्रोजेक्ट की कुल लंबाई 131 किलोमीटर
- प्रोजेक्ट की कुल लागत 200 करोड रुपए
- ट्रेन की औसत गति में इजाफा होगा
- जयपुर से मुम्बई के लिए सवाईमाधोपुर में इंजन बदलने की जरूरत नहीं होगी
- अभी सवाईमाधोपुर से आगे इलैक्ट्रिफिकेशन होने के कारण इंजन बदलना पडता है

फुलेरा-जयपुर विद्युतीकरण प्रोजेक्ट: 
- फुलेरा से जयपुर 55 किलोमीटर का प्रोजेक्ट, कुल लागत 50 करोड रुपए
- फुलेरा तक विद्युतीकरण होने से जोधपुर और अजमेर जुड़ सकेंगे
- दोनों ओर लगने वाले समय में बचत होगी
- रूट पर कार्य पूरा हुआ, दिसंबर में सीआरएस का निरीक्षण प्रस्तावित

जयपुर-बांदीकुई विद्युतीकरण प्रोजेक्ट: 
- जयपुर से बांदीकुई की कुल दूरी 91 किलोमीटर, तेजी से चल रहा कार्य
- रूट पर विद्युतीकरण कार्य दिसंबर तक पूरा होने की उम्मीद
- प्रोजेक्ट की लागत करीब 50 करोड, इससे दिल्ली रूट पूरा होगा विद्युतीकृत

भरतपुर-बांदीकुई विद्युतीकरण प्रोजेक्ट: 
- 97 किलोमीटर के इस प्रोजेक्ट की कुल लागत 102.96 करोड
- कार्य पूरा हुआ और इसे सीआरएस की मंजूरी भी मिली
- विद्युतीकरण पूरा होने से जयपुर से यूपी की कनेक्टिविटी बेहतर होगी
- आगरा, कानपुर, इलाहाबाद, लखनऊ जैसे बड़े स्टेशन विद्युतीकृत मार्ग से जुड़ेंगे
- जयपुर से इन शहरों के लिए चलने वाली ट्रेनों की संख्या में इजाफा होगा

रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि रेल मंत्रालय ने सभी जोनल रेलवेज, कोर और पीएसयू को देशभर में विद्युतिकरण को पूरा करने के लिए टारगेट दिया हुआ है और इसे जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश भी दिए हैं. ऐसे में टारगेट पूरा करने की होड में सभी आधे अधूरे काम को सीआरएस से स्वीकृत कराना चाहते हैं. जबकि अगर जयपुर-सवाईमाधोपुर ट्रैक का दो माह बाद सीआरएस निरीक्षण कराया जाता, तो इस रूट पर जयपुर से मुंबई तक इलैक्ट्रिक ट्रेन चलाई जा सकती थी. क्योंकि सवाईमाधोपुर-कोटा-मुंबई रुट पर पहले से इलैक्ट्रीफाइड है. कुलमिलाकर रेल मंत्रालय के दबाव में ये सभी रूट अगले साल मार्च तक पूरे हो जाएंगे और ऐसी संभावना है कि अगले साल मार्च से जयपुर से दिल्ली और अन्य रूटों पर विद्युतीकृत ट्रेनें चल सकेंगी. 

...काशीराम चौधरी, फर्स्ट इंडिया न्यूज, जयपुर

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