आठ साल के बच्चे के पेट से निकला तीन किलो का भ्रूण, 6 घंटे तक चला ऑपरेशन सफल

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/04/17 02:47

चूरू। महज आठ साल के दूसरी क्लास में पढ़ने वाले बच्चे के पेट में भ्रूण होने का चौंका देने वाला वाकया सामने आया है। पं. दीनदयाल उपाध्याय मेडिकल कॉलेज से जुड़े राजकीय डीबी अस्पताल में  इस सर्जरी के जरिए भ्रूण निकाला गया। इससे पहले बच्चे के पेट में भ्रूण देख डॉक्टरों के भी होश उड़ गए थे। भ्रूण अर्द्ध विकसित व मृत था, जो पेट में (ट्यूमर) गांठ की तरह दिख रहा था। हालात ये थे कि बच्चे का पेट काफी ज्यादा फूला हुआ था। डॉक्टरों के अनुसार पांच लाख बच्चों के जन्म में एक केस में होता है। 

चूरू के इतिहास में ये पहला मामला है। इस तरह का ऑपरेशन भी यहां आज तक नहीं हुआ। ऐसे केस मिलने की संभावना लगाएं तो चूरू जिले की बच्चों की जन्मदर के हिसाब से 13 साल बाद ऐसा होता है। सुजानगढ़ तहसील के गांव मूंदड़ा के जगदीश मेघवाल के आठ साल के बेटे दिनेश के ऑपरेशन से पहले बच्चे की सोनोग्राफी व सिटी स्कैन करवाई गई। ट्यूमर जैसे दिख रही गांठ के अंदर हडि्डयां, बाल, कोशिकाएं व एक बच्चे के विकसित होने वाले कोशिकाएं और सभी अंग देखे तो डॉक्टर भी दंग रह गए। 

चिकित्सकों ने 6 घंटे ऑपरेशन कर निकाला शव
डॉक्टरों ने तुरंत तय किया कि बच्चे का ऑपरेशन करके पेट से ये भ्रूण हर हाल में निकालना पड़ेगा, वरना इसकी जान को खतरा है। डीबी अस्पताल के ऑपरेशन थियेटर में मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. सीताराम गोठवाल, सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. गजेंद्र सक्सेना, डॉ. महेंद्र खीचड़,  डॉ मुकुल, डॉ संदीप अग्रवाल तथा एनस्थीसिया के 2 चिकित्सकों ने करीबन 6 घंटे तक ऑपरेशन किया । सफलतापूर्वक ऑपरेशन होने पर डॉक्टर ने राहत की सांस ली है। ऑपरेशन के बाद बच्चे को आईसीयू में भर्ती किया गया है बच्चे की तबीयत अब स्वस्थ है । 

बीमारी को फिटस इन फीटू कहा जाता है 

इस बीमारी को फिटस इन फीटू कहा जाता है यह बहुत ही कम होती है जहां फिट्स  अपने ही जुड़वा से जुड़ जाते हैं यानी बच्चे के अंदर बच्चा पैदा होता है जब मां के पेट में बच्चा बनता है तब उस बच्चे के अंदर बच्चा बनना शुरू हो जाता है लेकिन वह विकसित नहीं हो पाता है यह रोग दिनेश के जन्म से ही विकसित हो रहा था दिनेश के पेट से निकाले गए भ्रूण में आधा अधूरा सिर, लंबे बाल , पैर की बड़ी हड्डियां पैर के पंजे सहित अन्य सभी अंग दिखाई दे रहे हैं । 

रोगी के माता-पिता ने बताया कि दिनेश जब 1 साल का था उसी समय से उसका पेट बढ़ने लगा था और परिजन इसे सामान्य समझ रहे थे। कई जगह इन्होंने दवा भी दिलवाई थी 8 दिन पहले ही यह अपने गांव मुंदड़ा से इसे लेकर चूरू आए थे। चूरू में चिकित्सकों ने जांच के बाद इसके पेट में गांठ ही समझी थी लेकिन किसी को नहीं पता था कि 8 साल के बच्चे के पेट में भ्रूण पल रहा है । 

परिजनों ने डॉक्टरों को दिया धन्यवाद
दिनेश के माता पिता का कहना है कि वह गरीब व्यक्ति हैं और वह राजकीय डिबी अस्पताल के चिकित्सकों का बहुत ही धन्यवाद करते हैं जिन्होंने बिना किसी खर्चे के इतना बड़ा ऑपरेशन कर दिया नहीं तो इस गरीब परिवार के लिए बच्चे का किसी बड़े अस्पताल में ऑपरेशन करवाना संभव ही नहीं था । राजकीय डिब्बी अस्पताल के अधीक्षक डॉ जैन खत्री भी अस्पताल के सभी चिकित्सकों को धन्यवाद देते हैं और अस्पताल के चिकित्सकों द्वारा इतना बड़ा ऑपरेशन करने पर मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉक्टर सीताराम व अन्य सभी चिकित्सकों की टीम के प्रति काफी सराहना भी व्यक्त की है।

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