छात्रसंघ की राजनीति से निकल कर इस बार भी प्रदेश की सियासत में पहुंचे कई चेहरे 

FirstIndia Correspondent Published Date 2018/12/18 10:06

जयपुर (योगेश शर्मा)। छात्रसंघ की राजनीति से निकल कर प्रदेश की सियासत में अपना मुकाम हासिल करने वाले नेताओं ने एक बार विधानसभा के चुनावों में अपना जलवा बिखेरा है। इस बार भी राजस्थान की विधानसभा में राजस्थान विश्वविद्यालय के छात्रसंघ के अध्यक्ष रहे दिग्गज पहुंचे है। छात्रसंघ की राजनीति से निकले प्रमुख चेहरों में शुमार अशोक गहलोत राज्य के मुख्यमंत्री बन चुके है। 

जोधपुर के विश्वविद्यालय का कैम्पस आज भी अशोक गहलोत की छात्र राजनीति के अतीत को भूला नहीं है। इसी कैम्पस में गहलोत ने कांग्रेस के छात्र संगठन एन एस यू आई को खड़ा किया। वो खुद भले ही छात्रसंघ का चुनाव नहीं जीत पाये लेकिन अपने छात्र संगठन को उन्होंने मजबूती दी। कांग्रेस में छात्र राजनीति से निकले चेहरों को आगे बढ़ाने का काम किया। आज राजस्थान के विधानसभा चुनावों में ऐसे प्रमुख कद्दावर चेहरे चुनाव जीते है जो राजस्थान विश्वविधालय छात्र संघ के अध्यक्ष रह चुके है, कुछ ऐसे है जो महासचिव रहे या फिर छात्र राजनीति में संघर्ष करके आगे बढ़े। 

राविवि के पूर्व अध्यक्षों का विस में जलवा

राजेन्द्र राठौड़—विधायक चूरु—भाजपा
—RU छात्रसंघ के अध्यक्ष रह चुके
—पहले भी विधायक रहे थे 
—और पिछली राजे सरकार में मंत्री थे
—कद्दावर राजपूत नेता की छवि
—सबसे पहले भैरों सिंह शेखावत ने प्रतिभा को पहचाना

कालीचरण सराफ—विधायक मालवीयनगर—भाजपा
—RU में एबीवीपी से रहे थे छात्रसंघ अध्यक्ष 
—संघ की विधार्थी शाखा से आये सियासत में
—पहले भी विधायक रहे और मंत्री भी
—बीजेपी के आज वैश्य चेहरे

महेश जोशी—विधायक हवामहल—कांग्रेस 
—RU छात्रसंघ के अध्यक्ष रहे थे
—विधायक और सांसद दोनों रह चुके
—विस में डिप्टी चीफ व्हीप की जिम्मेदारी संभाल चुके
—कैम्पस में कांग्रेस विचारधारा को बढाने में योगदान 

रघु शर्मा—विधायक केकडी—कांग्रेस
—RU छात्रसंघ के अध्यक्ष रहे थे
—विधायक और सांसद रह चुके
—पिछले गहलोत राज में विस में मुख्य सचेतक रहे
—ब्राह्मण फेस के तौर पर प्रदेश की राजनीति में चर्चित
—चुनाव नहीं होने से कई साल रहे RU छात्रसंघ अध्यक्ष 

प्रताप सिंह खाचरियावास—कांग्रेस—विधायक सिविल लाइंस
—RU से छात्रसंघ अध्यक्ष रह चुके
—ओजस्वी भाषणों के लिये कैम्पस में रहे चर्चित
—भैरों सिंह शेखावत के सगे भतीजे है प्रताप सिंह
—कभी बीजेपी में थे आज कांग्रेस के कद्दावर फेस
—पहले भी कांग्रेस के रह चुके विधायक 
—राजपूत नेता के तौर पर प्रदेश में चर्चित 

महेन्द्र चौधरी—विधायक नावां—कांग्रेस 
—RU छात्रसंघ के अध्यक्ष रहे थे
—NSUI की जड़े जमाने में योगदान रहा
—छात्रसंघ से निकलकर प्रदेश की पंचायत में पहुंचे
—नावां से पहले भी रह चुके कांग्रेस विधायक 
—कांग्रेस के जाट फेस है चौधरी

हनुमान बेनीवाल—विधायक खींवसर—आरएलपी
—RU छात्रसंघ के अध्यक्ष रहे थे
—अपने दम पर जीते थे RU में चुनाव
—अब अपने दम पर RLPबना डाली
—बेनीवाल को कैम्पस में जाट सियासत के लिये जाना जाता है
—पहले भी खींवसर से रह चुके विधायक 
—कभी भाजपा में थे आज RLP के प्रदेशाध्यक्ष 

राजकुमार शर्मा—विधायक नवलगढ़—कांग्रेस 
—RU छात्रसंघ के अध्यक्ष रहे शर्मा
—नवलगढ़ से आकर कैम्पस में वर्चस्व बनाया
—पिछले गहलोत राज में राज्य मंत्री थे
—कैम्पस से चर्चित होकर कांग्रेस के ब्राह्मण फेस बने

अशोक लाहोटी—विधायक सांगानेर—भाजपा
—RU छात्रसंघ के अध्यक्ष रहे थे
—ABVP से राजनीति शुरु की और संघनिष्ठ अध्यक्ष कहलाये
—पहले 1बार विधायक का चुनाव लड़ा लेकिन हार गये
—इस बार पहली बार जीते विधायक का चुनाव 
—जयपुर के मेयर के तौर पर पदभार संभाला 
—बीकानेर के नोखा से आकर जयपुर में सियासी चेहरे बने

मुकेश भाकर—विधायक लाडनूं—कांग्रेस 
—RU छात्रसंघ के अध्यक्ष रहे थे
—भाकर रह चुके NSUIके प्रदेश अध्यक्ष 
—कैम्पस में कांग्रेस विचारधारा को मजबूती दी
—युवा जाट फेस के तौर पर हुये चर्चत
 
सतीश पूनिया—विधायक आमेर—भाजपा
—RU छात्रसंघ के महासचिव रहे
—पहले भी कई चुनाव लड़े लेकिन जीत नसीब नहीं हुई थी
—ABVP के पैनल में प्रणवेंद्र शर्मा बने अध्यक्ष और पूनिया बने महासचिव


चुनाव हारने वाले पूर्व राविवि अध्यक्ष--

राजपाल सिंह शेखावत—झोटवाड़ा—भाजपा
—राजपाल इस बार बीजेपी के टिकट चुनाव हार गये
—RU छात्रसंघ के अध्यक्ष रहे थे 
—राजे सरकार में थे उद्योग मंत्री 

पुष्पेन्द्र भारद्वाज—सांगानेर—कांग्रेस
—भारद्वाज को कांग्रेस ने सांगानेर से टिकट थमाया 
—लाहोटी से हारे चुनाव

मनीष यादव—शाहपुरा—कांग्रेस 
—ABVP से रहे छात्रसंघ अध्यक्ष 
—आगे चलकर सीपी जोशी के कहने पर कांग्रेस में आ गये
—यादव को कांग्रेस ने टिकट थमाया
—शाहपुरा से चुनाव हार गये यादव

छात्रसंघ की राजनीति से निकलकर ही कई और दिग्गजों ने भी अपनी पहचान शीर्ष राजनीति में बनाई। चाहे वो कांग्रेस के कद्दावर चेहरे डॉ सीपी जोशी हो या पूर्व विधानसभा अध्यक्ष दीपेन्द्र सिंह शेखावत। उदयपुर के सुखाड़िया विश्वविद्यालय में छात्र राजनीति के धमक थे सीपी जोशी, जोशी अपने छात्र के सियासी जीवन में चे ग्वेरा से प्रभावत. रहे थे, आगे चलकर वे नाथद्वारा से विधायक बने। आज फिर यहीं से कांग्रेस के विधायक बनकर विधानसभा पहुंचे है। जोशी यूपीए सरकार में केन्द्रीय मंत्री और गहलोत सरकार में भी मंत्री रह चुके है। 

सीकर के कल्याण कॉलेज छात्रसंघ अध्यक्ष रहे थे दीपेन्द्र सिंह शेखावत, आगे चलकर श्रीमाधोपुर से कांग्रेस के विधायक बने और फिर जिस पंचायत में पहुंचने का सपना देखते थे उसी राजस्थान विधानसभा के स्पीकर कहलाये। RU लॉ कॉलेज अध्यक्ष रहे रामनिवास गावडिया भी पहली बार विधानसभा में दस्तक देंगे। इस बार दिलचस्प संयोग है कि प्रताप सिंह खाचरियावास, महेंद्र चौधरी, हनुमान बेनीवाल,डॉ राजकुमार शर्मा, अशोक लाहोटी ऐसे छात्रसंघ के अध्यक्ष है जो एक के एक बाद लगातार कार्यकालों में छात्र संघ के अध्यक्ष रहे। क्षेत्रीय और चुनावी सक्रियता ने इन्हें प्रदेश की सबसे बड़ पंपंचाय तक पहुंचा दिया। इनमें कुछ ऐसे है जिन्होंने अपने दम पर छात्र और उसके बाद की राजनीति की और ध्रुव तारे के समान सियासत में चमकते सितारे कहलाये। जाहिर है इनका सियासी भविष्य उज्जवल है। अशोक गहलोत और सचिन पायलट चाहेंगे तो इनमें से कुछ हमें मंत्रीपरिषद के सदस्य के तौर पर नजर आएंगे। 

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