यौन शोषण के आरोपों में फंसे CJI, चीफ जस्टिस ने कहा-न्यायपालिका को निष्क्रिय करना चाहते हैं लोग

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/04/20 12:49

नई दिल्ली। देश की मुख्य न्यायपालिका के मुख्य न्यायधीश रंजन गोगोई पर एक महिला ने यौन शोषण का आरोप लगाया है, जिसे चीफ जस्टिस ने खारिज कर दिया है। सीजेआई ने कहा कि न्यायपालिका खतरे में है। अगले हफ्ते कई महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई होनी है, इसीलिये जानबूझकर ऐसे आरोप लगाए गए। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा कि 'मैं इन आरोपों का जवाब नहीं देना चाहता हूं'। 

मालूम हो, एक महिला द्वारा सीजेआई पर यौन शोषण का आरोप लगाने के बाद सुप्रीम कोर्ट की एक स्पेशल बेंच ने मामले की सुनवाई की। इस दौरान सीजेआई ने कहा कि क्या चीफ जस्टिस के 20 सालों के कार्यकाल का यह ईनाम है? 20 सालों की सेवा के बाद मेरे खाते में सिर्फ  6,80,000 रुपये हैं। कोई भी मेरा खाता चेक कर सकता है।

बतादें, सीजेआई रंजन गोगोई ने कहा कि जिस महिला ने आरोप लगाया है, वह 4 दिन जेल में थी। महिला ने किसी शख़्स को सुप्रीम कोर्ट में नौकरी दिलाने का झांसा दिया था और पैसे लिये थे।

उन्होंने आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि रंजन गोगोई ने कहा कि न्यायपालिका को बलि का बकरा नहीं बनाया जा सकता है। कुछ लोग सीजेआई के ऑफिस को निष्क्रिय करना चाहते हैं। लोग पैसे के मामले में मुझ पर ऊंगली नहीं उठा सकते थे, इसलिये इस तरह का आरोप लगाया है।
 

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