जयपुर VIDEO: आबकारी विभाग ने दी शराब लाइसेंसियों को डेडलाइन! 2112 लाइसेंसियों की राशि बकाया, देखिए ये खास रिपोर्ट

VIDEO: आबकारी विभाग ने दी शराब लाइसेंसियों को डेडलाइन! 2112 लाइसेंसियों की राशि बकाया, देखिए ये खास रिपोर्ट

जयपुर: आबकारी विभाग ने वित्त वर्ष की पहली तिमाही में गारंटी राशि की बकाया जमा नहीं कराने वाले प्रदेश के 2112 लाइसेंसियों को बकाया जमा कराने के लिए 5 जुलाई की डेडलाइन दी है. इन लाइसेंसियों पर पहली तिमाही में करीब 52 करोड़ रुपए से ज्यादा राशि बकाया है. अकेले जयपुर शहर में 7 करोड़ रुपए बकाया हैं जिनमें से पंजाब वाइंस पर ही करीब 4 करोड़ 75 लाख रुपए बकाया हैं. कुछ बकायादारों के नाम पते को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है ऐसे में इनमें से कुछ लाइसेंसी छोड गए तो बकाया की रिकवरी मुश्किल हो जाएगी.

आबकारी आयुक्त प्रकाश राजपुरोहित ने 1 जुलाई को एक आदेश जारी सभी जिला आबकारी अधिकारियों को बकाया राशि 5 जुलाई तक जमा करवाने के आदेश जारी किए थे. दरअसल प्रदेश में आबकारी के 34 जिले हैं इनमें 7 हजार 593 दुकानों का संचालन हो रहा है. वित्त वर्ष 2022-23 के लिए पहली तिमाही में गारंटी राशि के तौर पर 2191 करोड़ रुपए का लक्ष्य रखा गया था इसके विपरीत विभाग ने 2369 करोड़ रुपए की राशि अर्जित कर रिकॉर्ड बनाया. लेकिन इस रिकॉर्ड के पीछे का सच चौंकाने वाला है. 5481 शराब लाइसेंसियों ने तो गारंटी लक्ष्य से ज्यादा जमा कराई. इन लाइसेंसियों ने 1619 करोड़ के लक्ष्य के विपरीत 1831 करोड़ जमा कराकर विभाग को रिकॉर्ड बनाने में मदद की. वहीं 2112 लाइसेंसियों ने 572 करोड़ के लक्ष्य के विपरीत 537 करोड़ रुपए ही जमा करवाए. 

गारंटी नहीं जमा करवाने वाले लाइसेंसियों में सर्वाधिक जयपुर शहर के हैं. जयपुर शहर में करीब 7 करोड़ की बकाया रही इसमें से भी पंजाब के एक शराब ग्रुप की दुकानों की 4.75 करोड़ रुपए बकाया है. इसी तरह जोधपुर में 4.22 करोड़, अलवर 3.63 करोड़, श्रीगंगानगर 3.05 करोड़ रुपए, चूरू 2.43 करोड़, सीकर 2.11  करोड़ रुपए और जयपुर ग्रामीण 2.07 करोड़ रुपए बड़ी बकाया वाले जिले हैं. नियमानुसार तो बकाया वाले लाइसेंसियों को बिना बकाया जमा कराए माल की सप्लाई नहीं दी जानी चाहिए. 

बहरहाल आबकारी आयुक्त प्रकाश राजपुरोहित ने एक आदेश जारी कर सभी जिला आबकारी अधिकारियों को कहा है कि त्रैमास की बकाया को 5 जुलाई तक आवश्यक रूप से जमा करवाया जाए. दूसरी ओर सूत्रों का कहना है कि पंजाब से आए ग्रुप की पर विभाग के निरीक्षक ही मेहरबान हैं. जिला आबकारी अधिकारी जयपुर शहर तक को निरीक्षक गुमराह कर गलत सूचनाएं दे रहे हैं. इस ग्रुप ने दो दुकान तो शुरू भी नहीं की जिससे विभाग को राजस्व नुकसान हो रहा है. पंजाब का ग्रुप ओवर रेट और ओवर टाइम कर भी शराब का अवैध कारोबार कर रहा है लेकिन आबकारी निरीक्षक कार्रवाई से कतरा रहे हैं. इसी तरह कुछ अन्य जिलों में भी बकाया के मामले में संबंधित आबकारी निरीक्षक लापरवाही बरत रहे हैं. माना जा रहा है कि आबकारी आयुक्त बकाया मामले को गंभीरता से ले रहे हैं और 5 जुलाई के बाद ऐसे लापरवाह निरीक्षकों पर कार्रवाई कर सकते हैं.

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