आबकारी विभाग की बड़ी लापरवाही, कहीं भारी ना पड़ जाए ये लापरवाही, 6 महिने से ज्यादा समय से खड़ा हैं स्प्रिट का टैंकर 

जयपुर: आबकारी विभाग की लापरवाही सीकर वासियों पर भारी पड़ सकती है. भीषण गर्मी के दौर में सीकर के गंगानगर शुगर मिल डिपो पर 30000 लीटर स्प्रिट से भरे हुए टैंकर को 6 महीने से ज्यादा समय से खड़ा कर रखा है. ज्वलनशील स्प्रिट से भरे टैंकर से भीषण गर्मी के दौर में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है. पूरे मामले में आबकारी विभाग की लापरवाही सामने आई है. बीते वर्ष 29 नवंबर को गंगानगर शुगर मिल ने जिला आबकारी अधिकारी जयपुर शहर से परमिट लेकर गुरदासपुर की एबी ग्रेन स्प्रिट कंपनी से 30,000 लीटर स्प्रिट मंगवाई.

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एक टैंकर में भरी स्प्रिट की रासायनिक जांच:
30000 लीटर स्प्रिट से भरे इस टैंकर को गंगानगर शुगर मिल के सीकर स्थित डिपो भिजवाया गया. इसके बाद एक टैंकर में भरी स्प्रिट की रासायनिक जांच कराई गई, जिसमें इसके अंदर ईएनए की रासायनिक तेजी 68.2 ओपी के स्थान पर 67.11 ओपी ही प्राप्त हुई. ग्रेन एक्स्ट्रा नेचुरल अल्कोहल की तेजी कम आने की वजह से टैंकर को सीकर डिपो से वापस गुरदासपुर भेजा जाना तय किया गया. इसके बाद खुद गंगानगर शुगर मिल के महाप्रबंधक ने आबकारी आयुक्त को 31 जनवरी को पत्र लिखकर इस टैंकर को वापस कंपनी में भेजने की स्वीकृति चाही.

करीब पौने दो लाख रुपए टैंकर ट्रांसपोर्टेशन के भी वसूल लिए:
इसके बाद भी इस टैंकर को वापस गुरदासपुर नहीं भेजा गया। इसके बाद गंगानगर शुगर मिल सीकर के डिपो इंचार्ज ने 6 फरवरी को जिला आबकारी अधिकारी सीकर को फिर से पत्र लिखकर इस टैंकर की वापसी सुनिश्चित करने को कहा लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई. सूत्रों का कहना है कि इस अवधि में जिला आबकारी अधिकारी सीकर और उनके मातहत अधिकारी कंपनी प्रतिनिधियों से नेगोशिएशन करते रहे. जब कंपनी की ओर से लेन देन से इनकार किया गया तो आबकारी विभाग सीकर ने कंपनी पर करीब पौने दो लाख रुपए टैंकर ट्रांसपोर्टेशन के भी वसूल लिए.

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6 महिने से ज्यादा समय से खड़ा हैं स्प्रिट का टैंकर:
बावजूद इसके यह टैंकर 6 महीने से भी अधिक समय से डिपो ऑफिस में खड़ा है। चूंकि इस समय भीषण गर्मी का दौर चल रहा है और स्प्रिट अति ज्वलनशील होती है ऐसे में कभी भी यहां बड़ा हादसा हो सकता है, जिसमें जन हानि की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता. पूरे मामले की जानकारी आबकारी आयुक्त को भी है हालांकि दो दिन पहले ही आबकारी आयुक्त का तबादला हो गया और डॉ जोगाराम ने आबकारी आयुक्त का कार्यभार संभाला है. ऐसे में उम्मीद की जानी चाहिए कि आबकारी आयुक्त पूरे मामले में संज्ञान लेकर इस खतरनाक हो चले टैंकर की वापसी तो सुनिश्चित करेंगे ही साथ ही गैर जिम्मेदाराना तरीके से हादसे को न्योता दे रहे अधिकारियों पर कार्रवाई भी सुनिश्चित करेंगे.

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