मुंबई Exclusive: Mallika Sherawat ने खोली बॉलीवुड की पोल, बोली- बड़े-बड़े हीरो मेरे साथ रात गुजारना चाहते थे

Exclusive: Mallika Sherawat ने खोली बॉलीवुड की पोल, बोली- बड़े-बड़े हीरो मेरे साथ रात गुजारना चाहते थे

Exclusive: Mallika Sherawat ने खोली बॉलीवुड की पोल, बोली- बड़े-बड़े हीरो मेरे साथ रात गुजारना चाहते थे

मुंबई : मल्लिका शेरावत (Mallika Sherawat) अपनी अदाकारी के चलते जानी जाती है. मर्डर से लेकर वेलकम तक उन्होंने अलग-अलग किरदार से हमेशा दर्शकों को अपना दीवाना बनाया है. First India Filmy के Managing Editor Ashish Tiwari ने उनसे खास बातचीत की. जहां मल्लिका ने बॉलीवुड की कई बातें सामने रखी और बताया कि किस तरह से उनके साथ बर्ताव किया गया.

मल्लिका (Mallika) से यह पूछा गया कि आप इतना जल्दी क्यों हैं इतना काम काम क्यों करती हैं?

 इस पर उन्होंने कहा कि अच्छे-अच्छे रोल भी तो कम आते हैं. ऐसे किरदार जिनके लिए मैं अपना टाइम और मेहनत दे सकूं. नाम पैसा शोहरत सब कुछ कमा ली है अब अच्छे काम पर ध्यान देने की जरूरत है. 

फिल्म आरके (Rk/Rkay) में आपका किरदार गुलाबो काफी खूबसूरत है और संजीदा भी है. अब तक आपने अलग-अलग किरदार किए हैं. लेकिन यह किरदार काफी ग्रेविटी वाला है. क्या खास था जो आपने इसका चुनाव किया? 

 मैं रजत कपूर (Rajat Kapoor) की बहुत बड़ी फैन हूं. उनकी एक फिल्म आंखों देखी मुझे बहुत पसंद है. उन्होंने मुझसे कहा कि मैं RK/Rkay में गुलाबों का कैरेक्टर प्ले करूं. पहले तो मुझे विश्वास ही नहीं हुआ, मुझे लगा कोई मुझसे मजाक कर रहा है लेकिन बाद में यह क्लियर हुआ कि वह रजत कपूर ही हैं. गुलाबो एक पीरियड ड्रामा थीम फिल्म है जो 50's की अभिनेत्रियों पर बनाई गई है. इसके लिए हमें काफी सर्च करना पड़ा और हमने वहीदा रहमान, मीना कुमारी जैसी फेमस एक्ट्रेस के डांस, डायलॉग और सीन्स को देखा. इन सब चीजों को मैंने गुलाबों के कैरेक्टर में लाने की पूरी कोशिश की है. 

एक मल्टी टैलेंटेड डायरेक्टर और मल्टी टैलेंटेड एक्ट्रेस की फिल्म होने के बाद भी इसे क्राउडफंडिंग की जरूरत क्यों पड़ी है?

इस तरह की फिल्मों के लिए प्रोड्यूसर आगे नहीं आते हैं. चाहे आप आंखों देखी की बात करें या फिर मसान की. वो इस फिल्मों में इसलिए पैसा नहीं लगाना चाहते क्योंकि उन्हें लगता है कि कोई फेमस हीरो हो, मसालेदार फिल्म हो, चार पांच गाने हो ताकि हमारा पैसा लगाना वेस्ट ना जाए. सिर्फ इंडिया ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में डायरेक्टर्स के लिए ऐसी फिल्में बनाना बहुत स्ट्रगल की बात है. इसलिए जब कोई सामने नहीं आया तो रजत जी ने क्राउडफंडिंग का सहारा लिया और सारी चीजें अच्छे से हो गई. फिल्म बहुत अच्छे से बनी है और थियेटर में रिलीज भी हो रही है. ऐसी फिल्मों को थियेटर में रिलीज करने में भी बहुत परेशानी देखनी पड़ती है. 

इंटरनेशनल लेवल पर आपने बहुत काम किया है, वहां आपको काफी सराहना भी मिली है. लेकिन इंडिया में आपके साथ यह नहीं हुआ है ऐसा क्यों है? 

हमारी बॉलीवुड इंडस्ट्री कुछ ऐसी है कि यहां पर सब बड़े-बड़े हीरो की ही चलती है. बॉलीवुड में सरवाइव करने के लिए या तो आपके पास बड़ी बॉलीवुड फैमिली होना चाहिए या फिर एक बॉलीवुड बॉयफ्रेंड जो फोन उठाकर यह बोले कि इसको फिल्मों में कास्ट करो. लेकिन मेरे साथ ऐसा कुछ नहीं था जिसकी वजह से मेरे लिए यहां स्ट्रगल रहा. विदेश में चीजें इसके बिल्कुल विपरीत है वहां मैरिट के हिसाब से आपको काम दिया जाता है. इसलिए मुझे वहां बहुत प्यार मिला.

क्या नेपोटिज्म की वजह से आपके हाथ से काम गया है?

बहुत सारे प्रोजेक्ट निकले हैं नेपोटिज्म की वजह से नहीं बल्कि इसलिए कि मैंने बड़े-बड़े हीरो के साथ कभी कंप्रोमाइज नहीं किया. कई हीरो मुझे कॉल करके रात में मिलने आने को कहते थे. जब मैं उनसे पूछती थी कि मैं रात में तुमसे मिलने क्यों आऊं. तो उनका कहना होता था कि तुम इतने बोल्ड सीन करती हो तो फिर रात में हम से मिलने आने में तुम्हें क्या परेशानी है. इस तरह का व्यवहार मेरे साथ किया जाता था. एक बड़ी सुपरहिट कॉमेडी फिल्म का हीरो मेरे दरवाजे पर आकर जोर-जोर से गेट खटखटाया करता था. क्योंकि वह मेरे बेडरूम में आना चाहता था. 

ग्रेट सेंस ऑफ ह्यूमर के साथ आप पार्टीज से दूर रहना पसंद करती हैं क्या यह उन्हीं चीजों का खामियाजा है? 

शायद हो सकता है कि यह वजह हो. मुझे पार्टी पसंद नहीं है. लेट नाइट पार्टी तो बिल्कुल नहीं अगर पार्टी दोपहर में हो तो मैं जा सकती हूं. मैं 9 या 10 बजे तक सो जाती हूं. मेरी पर्सनल लाइफ काफी बोरिंग है. मैं जल्दी उठना पसंद करती हूं मुझे योगा करना पसंद है. 

बिना किसी सपोर्ट के बॉलीवुड इंडस्ट्री में आपने कैसे सरवाइव किया? 

मैं शुरुआत से ही पॉजिटिव रहना पसंद करती हूं और इसी के दम पर मैं आगे बढ़ी हूं. मैं कभी भी किसी बड़े हीरो डायरेक्टर के पीछे नहीं भागी. मुझे जो भी काम मिला मैंने उसे बखूबी पूरा किया है. जब जैकी चैन (Jackie Chan) इंडिया आए थे तो उन्होंने मुझे इसलिए चुना क्योंकि उन्हें मेरी एक्टिंग पसंद आई. जो एक्ट्रेसेस कहती हैं कि हम ऑडिशन नहीं करते मैंने खुद उनकी ऑडिशन टेप देखी है. 

जहां लोग अपने ऑडिशन की बात छुपाते हैं आप खुलकर चीजें एक्सेप्ट करती हैं यह कैसे हो पाता है?

शायद फिलोसॉफि इसमे मेरी मदद करती है. मैं शुरू से ही बहुत ऑनेस्ट रही हूं. मैंने जैकी चैन (Jackie Chan) के साथ काम किया है मैं कान फिल्म फेस्टिवल का बहुत बार रही हूं. मुझे बराक ओबामा से मिलने का मौका मिला है. बताइए हरियाणा से आई हुई एक लड़की यह सब कर पाई है. बहुत कम ऐसे लोग होंगे जो इतना कर पाते है. 

सोशल मीडिया पर इतनी सारी चीजें होती हैं कई सारी बातें चलती है. इन सबके बीच खुद को फोकस कैसे रखती हैं.

मुझे सोशल मीडिया बिल्कुल भी पसंद नहीं है. ये हमारी सारी एनर्जी ले लेता है और फिर सारा दिन फोन में ही ध्यान लगा होता है. इंस्टाग्राम तो मुझे बिल्कुल भी नहीं पसंद लेकिन मेरे मैनेजर मुझे पोस्ट करने के लिए बोलते हैं.

ओटीटी ने कलाकारों को एक नया मंच दिया है. इसके साथ ही बीते कुछ दिनों में लैंग्वेज का बैरियर टूटता हुआ दिखा है इस बारे में क्या कहेंगी?

मेरे ख्याल से OTT एक पॉजिटिव चेंज है बॉलीवुड के लिए क्योंकि यहां पर कोई सेंसरशिप नहीं है. डायरेक्टर और राइटर खुलकर अपने प्रोजेक्ट बना सकते हैं और लिख सकते हैं. खासकर महिलाओं के लिए यहां पर बहुत अच्छे किरदार लिखे जा रहे हैं. 

इसके अलावा मल्लिका शेरावत (Mallika Sherawat) ने और भी मुद्दों पर First India Filmy से बात की जानने के लिए देखें पूरा इंटरव्यू.

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