RSS के लघु उद्योग भारती की अनुकरणीय पहल, घर के नजदीक मिलेगा रोजगार

RSS के लघु उद्योग भारती की अनुकरणीय पहल, घर के नजदीक मिलेगा रोजगार

RSS के लघु उद्योग भारती की अनुकरणीय पहल, घर के नजदीक मिलेगा रोजगार

जयपुर: दो वक्त की रोटी के लिए घर से सैकड़ों किलोमीटर दूर मजदूरी करने वाले श्रमिक कोरोना काल में अपने गृह राज्यों में वापस तो लौट चुके हैं. लेकिन अब उनके सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है. लॉकडाउन में उद्योग-धंधे बंद होने से दिहाड़ी मजदूरों के लिए खड़ी हुई इस विकट समस्या के समाधान की दिशा में लघु उद्योग भारती ने एक अनूठा प्रयास शुरू किया है. 

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एलयूबी नेशनल डॉट कॉम नामक पोर्टल लॉन्च किया:  
लघु उद्योग भारती ने एलयूबी नेशनल डॉट कॉम नामक पोर्टल लॉन्च किया है. इस पोर्टल पर बेरोजगार लोग अपना रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे. जिनकी योग्यतानुसार स्क्रूटनी के बाद सम्बंधित क्षेत्र में रोजगार मिल सकेगा. 

रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में सराहनीय कार्य: 
पोर्टल का शुभारम्भ मंगलवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र संघचालक डॉ. रमेश अग्रवाल, लघु उद्योग भारती के राष्ट्रीय संगठन मंत्री प्रकाशचंद व पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष ओपी मित्तल ने आर एस एस के सेवा सदन में किया. डॉ. अग्रवाल ने कहा कि कोरोना संक्रमण के दौर में बड़ी तादात में लोग बेरोजगार हो चुके हैं. रोजगार के अभाव में अनेकों परिवारों को भरण-पोषण बहुत मुश्किल हो गया है. ऐसे में समाज के लोग रोजगारयुक्त हों इसका हरसंभव प्रयास करना सेवा भाव से हम सबकी जिम्मेदारी बनती है. इसके लिए लघु उद्योग भारती ने पोर्टल व मोबाइल एप लॉन्च कर बेरोजगार लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में सराहनीय कार्य शुरू किया है.

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मोबाइल या ई-मित्र से आवेदन किया जा सकता है:
इस दौरान संघ के अखिल भारतीय घुमंतू कार्य प्रमुख दुर्गादास, क्षेत्र प्रचारक निम्बाराम, सेवा प्रमुख शिवलहरी समेत कई कार्यकर्ता दो गज दूरी का पालन करते हुए कार्यक्रम में शामिल हुए. लघु उद्योग भारती के प्रदेशाध्यक्ष घनश्याम ओझा ने बताया कि पोर्टल पर नौकरी, नौकरी देने वाला व स्वरोजगार नाम से तीन श्रेणियां बनाई गई हैं. इनमें मोबाइल या ई-मित्र से आवेदन किया जा सकता  है. आवेदनों की जांच के बाद उन्हें रोजगार देने के लिए सम्बंधित उद्योगों में भेजा जाएगा. उन्होंने बताया कि पोर्टल व एप के माध्यम से कुशल, अकुशल व तकनीकी जानकार लोगों को उनके गृह क्षेत्र में ही काम मिल सकेगा. विभिन्न राज्यों से आ रहे प्रवासी उद्यमी अपने क्षेत्र में ही कोई छोटा मोटा व्यवसाय करना चाहेंगे तो उन्हें स्टार्ट अप में मदद मिलेगी. वहीं उद्यमियों को उनकी मांग के अनुरूप कारीगर, कंप्यूटर ऑपरेटर, ड्राइवर, हैल्पर, मशीन ऑपरेटर, फोरमैन, बाबू, कैटर्स आदि मिल सकेंगे तो इस तरह की श्रेणी के लोगों को अपने घर के आसपास काम मिल सकेगा. 

...फर्स्ट इंडिया के लिए एश्वर्य प्रधान की रिपोर्ट

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