Union Health Ministry का स्पष्टीकरण , दो डोज ही लगेंगे; दिसंबर तक पूरी आबादी के Vaccination की उम्मीद

Union Health Ministry का स्पष्टीकरण , दो डोज ही लगेंगे; दिसंबर तक पूरी आबादी के Vaccination की उम्मीद

 Union Health Ministry का स्पष्टीकरण , दो डोज ही लगेंगे; दिसंबर तक पूरी आबादी के Vaccination की उम्मीद

नई दिल्ली: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय (Union Health Ministry) ने देश में जारी टीकाकरण को लेकर मंगलवार को स्पष्टीकरण दिया. मंत्रालय ने कहा कि कोविशील्ड की खुराक में कोई बदलाव नहीं किया गया है. इसकी केवल दो खुराक होगी. पहली कोविशील्ड खुराक देने के बाद दूसरी खुराक 12 सप्ताह बाद दी जाएगी. कोवाक्सिन (Covaxin) को लेकर भी यही प्रक्रिया रहेगी. 

ICMR प्रमुख बलराम भार्गव ने प्रेस कांफ्रेस कर बताया:
ICMR के प्रमुख बलराम भार्गव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस (Press Conference) में कहा कि मध्य जुलाई या अगस्त तक हम रोज एक करोड़ लोगों को टीके लगा सकेंगे और दिसंबर तक हम देश की पूरी आबादी को टीके लगा देंगे.

टीकों की किल्लत नहीं:
ICMR के महानिदेशक बलराम भार्गव (Director General Balram Bhargava) ने कहा कि देश में वैक्सीन की कमी नहीं है. मध्य जुलाई या अगस्त तक हमारे पास रोज एक करोड़ लोगों को टीके लगाने के लिए पर्याप्त डोज होंगे. दिसंबर तक देश की पूरी आबादी को टीके लगा लेने का हमें पूरा विश्वास है.

20 लाख टेस्ट रोज : स्वास्थ्य मंत्रालय
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल (Joint Secretary Lav Agarwal) ने कहा कि 16-22 फरवरी के बीच प्रतिदिन देश में 7.7 लाख टेस्ट प्रतिदिन किए जा रहे थे. अब हम लगभग 20 लाख टेस्ट प्रतिदिन कर रहे हैं. अब तक हम देश में कुल 34.67 करोड़ टेस्ट कर चुके हैं.

सक्रिय मामलों में 50 फीसदी की कमी :
अग्रवाल ने कहा कि देश में सक्रिय मामलों (Active Cases) में 50 फीसदी की कमी आई है. वहीं बीते 24 घंटे में सक्रिय मामलों में 1.3 लाख की कमी आई है. 30 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में एक सप्ताह से लगातार मामले घट रहे हैं, जो कि एक अच्छा संकेत है. उन्होंने कहा कि तीन मई को देश में 17.13 फीसदी सक्रिय मामले थे अब वह सिर्फ 6.73 फीसदी रह गए हैं.  

29 राज्यों में पांच हजार से कम मामले : स्वास्थ्य मंत्रालय
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार देश में 29 राज्य और केंद्रशासित प्रदेश (Union Territory) ऐसे हैं जहां प्रतिदिन 5000 से कम मामले दर्ज किए जा रहे हैं. 28 अप्रैल से 4 मई के बीच देश में 531 ऐसे जिले थे जहां प्रतिदिन 100 से अधिक मामले दर्ज किए जा रहे थे. ऐसे जिले अब 295 रह गए हैं.

 

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