जयपुर VIDEO: बांसवाड़ा व राजसमंद में मैगनीज के विशाल भण्डार की खोज, नीलामी के लिए निविदा की जाएगी जारी, देखिए ये खास रिपोर्ट

VIDEO: बांसवाड़ा व राजसमंद में मैगनीज के विशाल भण्डार की खोज, नीलामी के लिए निविदा की जाएगी जारी, देखिए ये खास रिपोर्ट

जयपुर: राज्य के खान विभाग द्वारा मेजर मिनरल मैगनीज की रुपाखेडा और ताम्बेसरा खनिज ब्लॉक की कंपोजिट लाइसेंस के लिए ई-नीलामी की तैयारी पूरी कर ली गई है. विभाग द्वारा 16 अगस्त को मैगनीज के इन दोनों ब्लॉकों की ई नीलामी के लिए निविदा जारी की जाएगी. इसके साथ ही राजसमंद जिले के नेगडिया ब्लॉक में खनन पट्टे की ई नीलामी 8 सितंबर को की जाएगी.

रुपाखेड़ा और ताम्बेसरा मैगनीज ब्लॉक के कंपोजिट लाइसेंस और नेगडिया में मैगनीज खनन पट्टे की ई-नीलामी

-प्रदेश के बांसवाड़ा और राजसमंद में 20 मिलियन टन मैगनीज भण्डार की खोज

-कालाखूंटा में रिजर्व प्राइस से 12.11 प्रति. प्रीमियम पर मैगनीज कंपोजिट लाइसेंस की नीलामी 

-इससे पहले बागावास आयरन ओर माइनिंग ब्लॉक की रिजर्व प्राईस से 452 प्रतिशत पर ई नीलामी 

खान एवं गोपालन मंत्री प्रमोद जैन भाया ने बताया कि पिछले दिनों ही बांसवाड़ा के कालाखूंटा में रिजर्व प्राइस से 12.11 प्रतिशत प्रीमियम पर मैगनीज खनिज की कंपोजिट लाइसेंस की सफल नीलामी की गई है. उन्होंने बताया कि इससे पहले जयपुर के बागावास ब्लॉक की आयरन ओर माइनिंग ब्लॉक की ई नीलामी रिजर्व प्राईस से 452 प्रतिषत अधिक राशि में हुई हैं. यह अपने आप में एक रिकार्ड है. अतिरिक्त मुख्य सचिव माइंस डॉ. सुबोध अग्रवाल विभाग की नियमित समीक्षा बैठकों में राज्य में मेजर और माइनर खनिजों के ब्लॉक्स तैयार कर ई नीलामी पर जोर देते रहे हैं जिससे प्रदेश में खनन क्षेत्र से राजस्व बढ़ोतरी के साथ ही वैध खनन को बढ़ावा दिया जा सके. डॉ. सुबोध अग्रवाल के निर्देशों से प्रदेश में पहलीबार कालाखूंटा मैगनीज ब्लॉक के कंपोजिट लाइसेंस के लिए सफल ईनीलामी की गई, वहीं अब रुपाखेड़ा और ताम्बेसरा माइनिंग ब्लॉक के कंपोजिट लाइसेंस की ई नीलामी की जा रही है. 

गौरतलब है कि राज्य में बांसवाड़ा और राजसमंद जिले में मैगनीज के 20 मिलियन टन भण्डार खोजे गए हैं. एक मोटे अनुमान के अनुसार बांसवाड़ा के कालाखूंटा, ताम्बेसरा, रुपाखेड़ा, नवागांव में करीब 17 मिलियन टन संभावित भण्डार है, वहीं राजसमंद के देलवाड़ा तहसील के नेगडिया में 2.16 मिलियन टन भण्डार होने का अनुमान है.  माइनिंग ब्लॉक्स के कंपोजिट लाइसेंस के अनुसार संबंधित लाइसेंसधारी द्वारा पहले खनिज के अनुमानित भण्डार की खोज का कार्य किया जाएगा व उसके बाद खनन पट्टा जारी होगा. इसी माह एक अगस्त को 6.30 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल के कालाखूंटा मैगनीज ब्लॉक में 6.552 मिलियन टन मैगनीज भण्डार भारत सरकार के ई पोर्टल के माध्यम से पारदर्शी तरीके से ई-नीलामी 12.11 प्रतिशत प्रीमियम राशि बोली गई. ई-नीलामी में तीन निविदादाताओं ने हिस्सा लिया. विभाग द्वारा कालाखूंटा सहित मैगनीज के चार ब्लॉक नीलामी के लिए तैयार किए गए, इनमें तीन ब्लॉक कंपोजिट लाइसेंस व एक ब्लॉक खनन पट्टे के लिए नीलामी के लिए तैयार किया गया. 
मैगनीज बहुत ही उपयोगी धातु होने के साथ ही इसका उपयोग मिश्रधातु के रुप में किया जाता है. स्टील को फौलाद बनाने में मैगनीज की प्रमुख भूमिका है.  इसके लिए स्टील में करीब एक प्रतिशत मैगनीज मिलाया जाता है. मैगनीज स्टील में करीब 13 प्रतिशत मैगनीज होता है. इस स्टील का उपयोग राइफल  बैरल, रेलवे की पटरी आदि को मजबूत बनाने के लिए किया जाता है. इसी तरह से एलुमिनियम में मिलाकर ड्रिंक कैन तैयार किए जाते हैं. मैगनीज खनिज का उपयोग उर्वरकों, कांच में रंग देने में उपयोग, बैटरी, कलर पेंट, दवा उद्योग आदि में भी किया जाता है. एक मोटे अनुमान के अनुसार दुनिया में कुल उत्पादित मैगनीज में से 90 प्रतिशत उपयोग स्टील में किया जाता है. चीन मैगनीज का बड़ा उत्पादक प्रदेश होने के साथ ही विश्व में कुल उत्पादित मैगनीज का करीब 37 प्रतिशत उपयोग चीन में होता है. भारत में उडीसा, मध्यप्रदेश, कर्नाटका और महाराष्ट्र के बाद अब राजस्थान भी मैगनीज का खोज व खनन करने वाले प्रदेशों में शामिल हो गया है.

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