सेहत के साथ अब नहीं होगा खिलवाड़ ! FSSAI की नई गाइडलाइंस का होगा असर

जयपुर: राजधानी जयपुर समेत देशभर में मिठाई के व्यापारी अब सेहत के साथ खिलवाड़ा नहीं कर पाएंगे. मिठाई के सभी दुकानदारों को अब शो-केस में रखी मिठाई की ट्रे पर मैन्युफेक्चरिंग और "बेस्ट बिफोर" लिखना होगा. यानी मिठाई कब बनाई गई और कब तक इसे खाया जा सकता है, यह डिस्प्ले पर लिखना होगा. जी हां, ये सबकुछ संभव होगा फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी की ओर से जारी एक आदेश से....आइए आपको बताते है क्या है आदेश और आमजन की सेहत पर इसका क्या आएगा असर.

दुकानों के शो केस पर होगी "मिठाई" की पूरी कहानी
दरअसल, अभी तक किसी भी खाद्य सामग्री पर मैन्युफेक्चरिंग और "बेस्ट बिफोर" लिखना तभी अनिवार्य होता था,जब वो पैकिंग करके बेची जाए. हालांकि, पैकेज कमोडिटी एक्ट के इस प्रावधान की भी अधिकांश जगहों पर धज्जिया उड़ती देखी जा सकती है. लेकिन खुले में बिकने वाला मावा, मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों पर तो किसी भी तरह के नियम लागू ही नहीं थे. नतीजन, जांच के अभाव में दुकानदार दो-दो माह पुरानी मिठाईयां ग्राहकों को ताजा बताकर बेच देते है. इस तरह की कई शिकायतों के बाद अब फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया(FSSAI) ने नई गाइडलाइन जारी की है. इसके तहत मिठाई कारोबारियों को अब शो-केस में मिठाई का नाम, दाम, कब बनाई गई और इसे कब तक इस्तेमाल किया जा सकता है. ये सारी जानकारी शो-केस में रखी मिठाई की ट्रे पर डिस्प्ले करना होगा.

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-1 जून 2020 से बदली-बदली दिखेगी मिठाई की दुकान
-FSSAI के ताजा फरमान का असर
-दुकानों के शो केस पर होगी "मिठाई" की पूरी कहानी
-मिठाई का नाम, दाम, कब बनाई गई और इसे कब तक इस्तेमाल किया जा सकता है
-ये सारी जानकारी शो-केस में रखी मिठाई की ट्रे पर डिस्प्ले करना होगा अनिवार्य
-FSSAI ने नई व्यवस्था के लिए व्यापारियों को दिया तीन माह का समय
-एक जून के बाद देशभर में लागू होगी यह व्यवस्था

समय-समय पर दुकानों का होगा औचक निरीक्षण: 
FSSAI के ताजा फरमान के बाद राजस्थान के चिकित्सा महकमे ने भी तैयारियां शुरू कर दी है. खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की माने तो पहले व्यापरियों को गाइडलाइन की जानकारी दी जाएगी. साथ ही उनकी काउंसलिंग होगी.इसके बाद समय-समय पर दुकानों का औचक निरीक्षण किया जाएगा और मिठाइयों का सैम्पल लेकर जांच की जाएगी. यदि मिठाइयों में मिलावट निकली और गाइडलाइन के अनुसार मिठाई की जानकारी नहीं लिखी गई, तो दुकानों को सीज भी किया जा सकता है. उम्मीद ये है कि इस भावना के साथ यह नई व्यवस्था की गई है, उसी हिसाब से फील्ड में इसका क्रियान्वयन भी होगा.ताकि लोगों को शुद्ध मिठाईयां उपलब्घ हो सके.

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