VIDEO: आयकर राजस्व बजट का पहाड़ चढ़ने में असफल रहा विभाग

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/04/16 10:42

जयपुर। इस वित्तीय वर्ष में राज्य का आयकर विभाग संशोधित आयकर राजस्व लक्ष्य तो दूर मूल आवंटित बजट लक्ष्य प्राप्त करने में भी असफल रहा है। हालांकि आयकर राजस्व लक्ष्य जुटाने के लिए आयकर अधिकारियों ने न केवल शनिवार-रविववार को अवकाश के बावजूद दिन-रात एक किए। पर फिर भी बजट लक्ष्य का पहाड़ इतना ऊंचा था कि आयकर अधिकारी सफलता का परचम नहीं फहरा सके। 

वित्तीय वर्ष की शुरुआत में केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए राजस्थान को 22 हजार 240 करोड़ रुपए राजस्व ज़ुटाने का राजस्थान को लक्ष्य आवंटित किए थे। इस लक्ष्य का आधार मूल रूप से गत वित्तीय वर्ष में प्राप्त आयकर संग्रहण के आंकड़ें व राष्ट्रीय स्तर पर होने वाली ग्रोथ का अनुमान था। सूत्रों का कहना है कि पहली छह माही में राजस्थान के राजस्व आंकड़ों की हालत काफी पतली रही। आंकलन तो यह किया जाने लगा कि इस बार मूल आवंटित बजट तक भी विभाग नहीं पहुंच सकेगा। 

बाद में उदयपुर की एक कम्पनी ने करीब 1700 करोड़ रुपए का लाभांश कर देकर मानो आयकर विभाग को संजीवनी दे दी। इसके बाद CBDT ने अखिल भारतीय स्तर पर आयकर राजस्व लक्ष्य संशोधित किए। इस संशोधन के साथ राज्य को आयकर राजस्व का बजट 23577 करोड़ के स्तर पर पहुंच गया। फर्स्ट इण्डिया न्यूज ने अपनी 28 मार्च को प्रसारित खबर में ही उस समय तक प्राप्त आयकर राजस्व को आधार बना कर 28 मार्च को ही यह आशंका जताई थी कि इस बार आयकर विभाग बजट लक्ष्य प्राप्त करने में सफल नहीं हो सकेगा । 31 मार्च को विभाग के अधिकारिक आंकड़े अब इसकी पुष्टि भी कर रहे हैं। उधर, अखिल भारतीय स्तर पर आयकर विभाग ने 11 लाख 18 हजार 62 करोड़ तीस लाख रुपए का राजस्व एकत्र किया, जो पिछले साल एकत्र किए गए 9,86,014.0 करोड़ रुपए की तुलना में करीब 13% अधिक है । राशि के अनुसार आयकर वसूली की बात करें तो इस साल पहले तीन स्थानों पर मुम्बई, दिल्ली व बैंगलूरु का स्थान रहा। 

यह रही देश में आयकर राजस्व की स्थिति

                                                       31 मार्च 2019                    31 मार्च 2018                   अंतर

आयकर विभाग मुम्बई                  3,64,051,90 करोड़ रुपए         3,27,405.60 करोड़ रुपए          +11 %   
आयकर विभाग दिल्ली                  1,60,801.50 करोड़ रुपए         1,30,607.60 करोड़ रुपए          +23 %     
आयकर विभाग बैंगलूरु                 1,21,752.00 करोड़ रुपए         1,03,753.30 करोड़ रुपए          +17 %     

देश में कुल आयकर वसूली              11,18,062.30 करोड़ रुपए         9,86,014.0 करोड़ रुपए          +13 %

बजट लक्ष्य हांसिल करने से जूझ रहे राज्य के अधिकारियों को जैसे ही संशोधित बजट लक्ष्य आने की जानकारी मिली उनकी चिंता स्वभाविक रूप से बढ़ गई। इसका कारण यह था कि राज्य में आयकर राजस्व वसूली की ग्रोथ अच्छी स्थिति में नहीं थी। संदेह मूल आवंटित आयकर लक्ष्य प्राप्त करने को लेकर भी किया जा रहा था । फिर भी आयकर अधिकारियों ने प्रयास शुरू किए। आयकरदाताओं की पुरानी फाइलों को खंगाला गया  जहां जरा भी गुंजाइश दिखी वहां करदाताओं को नोटिस भेज कर सूचनाएं जुटाई तथा आयकर जमा कराने को प्रेरित किया गया। मगर फिर भी 31 मार्च 2019 को आयकर विभाग की झौली में 20564.60 करोड़ रुपए ही आ पाए । सूत्रों का कहना है कि यह राशि राज्य के आयकर विभाग को मूल रूप से आवंटित 22240 करोड़ रुपए के बजट लक्ष्य की तुलना में 1675.40 करोड़ रुपए कम है । इसी तरह यदि प्राप्त राजस्व की तुलना संशोधित बजट लक्ष्य से की जाएं तो यह अंतर राशि बढ़कर 3012.40 करोड़ रुपए के स्तर पर पहुंच जाती है । 
यह रहा राजस्थान में आयकर विभाग के राजस्व का हाल
वित्तीय वर्ष 2018-19
- राज्य में 31 मार्च 2019 को प्राप्त आयकर राजस्व : 20564.60 करोड़ रुपए ( +10% )
- राज्य में 31 मार्च 2018 को प्राप्त आयकर राजस्व : 18693.30 करोड़ रुपए  
- मूल आवंटित आयकर राजस्व बजट : 22240 करोड़ रुपए ( -1675.40 करोड़ रुपए )
- संशोधित आयकर राजस्व बजट : 23577 करोड़ रुपए ( -3012.40 करोड़ रुपए )

सूत्रों का कहना है कि केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने राज्य को जो बजट लक्ष्य आवंटित किए वे अखिल भारतीय स्तर पर होने वाली ग्रोथ की अपेक्षा के आधार पर आवंटित कर दिए, लेकिन राजस्थान के सबसे बड़े करदाता स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एण्ड जयपुर का भारतीय स्टेट बैंक में विलय होने से यह अकाउंट मुम्बई शिफ्ट हो गया। इसका असर कुल राजस्व वसूली आंकड़ों पर भी दिखाई दिया। इसी तरह कुछ और बड़े करदाताओं ने भी इस बार अग्रिम कर का भुगतान नहीं किया। जिससे भी राज्य की कुल राजस्व वसूली प्रभावित रही। अब माना यह जा रहा है कि इस वित्तीय वर्ष के आयकर राजस्व बजट आवंटन में CBDT व्यवहारिकता अपनाएगी। जिससे न तो आयकर अधिकारियों व कर्मचारियों पर दवाब बढ़ेगा और न ही वे करदाताओं पर दवाब बढ़ाएंगे।  

.....  विमल कोठारी, फर्स्ट इण्डिया न्यूज, जयपुर

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