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फर्जी फाइनेंस कर ठगी करने वाला सरगना गिरफ्तार

फर्जी फाइनेंस कर ठगी करने वाला सरगना गिरफ्तार

डीडवाना(नागौर): जिले के डीडवाना थाना पुलिस ने आज फर्जी फाइनेंस कर ठगी करने वाला सरगना को गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की है. जानकारी के अनुसार निम्बी जोधा में विनायक ऑटोमोबाइल नाम से संचालित बाइक के शोरूम मलिका महेंद्र खींचड़ ने नागौर से 218 टीवीएस की बाइक बेचने के लिए लेकर आया और 218 बाइक बेच भी दी मगर 117 बाइक का ही पंजीयन करवाया गया. 

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फर्जी तरिके से पैसा उठाकर धोखाधड़ी कर पैसा गबन कर लिया:
वहीं अन्य बाइक को बेचने के बावजूद भी पंजीयन नही किया गया तो दूसरी और शोरूम के संचालक महेंद्र खींचड़ ने बेची गई बाइकों का पूजा फाइनेंस नाम की फाइनेंस कंपनी से फाइनेंस करवाया गया और दूसरी तरह ज्यादातर बाइक का बाइक मालिक और पूजा फाइनेंस को अंधेरे में रखकर दूसरी फाइनेंस कम्पनी श्रीराम फाइनेंस से भी फाइनेंस कर फर्जी तरिके से पैसा उठाकर धोखाधड़ी कर पैसा गबन कर लिया. इन बाइक में से कुछ बाइक का पैसा जब प्रथम फाइनेंस करने वाली फर्म को वापस नही मिला तो सामने आया कि विनायक ऑटो मोबाइल ने धोखाधड़ी कर ठगी कर ली.

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कोर्ट के इस्तगासा पेश कर मामला दर्ज करवाया गया:
मामला सामने आने पर पूजा फाइनेंस की तरफ से जरिये कोर्ट के इस्तगासा पेश कर मामला दर्ज करवाया गया. अनुसंधान अधिकारी द्वारा बैंक, फाईनेंस कम्पनिया, जिला परिवहन अधिकारी डीडवाना, बीमा कम्पनिया आदि से रिकार्ड प्राप्त कर ग्राहकों से अनुसंधान किया गया और आरोपी महेन्द्र खिंचड व उसके साले आरोपी रामनारायण को टीमें भेजकर दस्तियाब किया गया. अनुसंधान से मुलजिम महेन्द्र खिंचड़ के उक्त कार्य में सहयोगी बनकर सभी काम सीताराम बनकर करता आया है. पुलिस ने दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर पुलिस कस्टडी में लेकर पूछताछ की जा रही है. 
 

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डीडवाना(नागौर): पर्यावरण संरक्षण की फैक्ट्री कहूं तो आप के दिमाग मे यह सवाल जरूर आएगा कि फैक्ट्रियों से ही तो पर्यावरण प्रदूषण फैलता है तो पर्यावरण सरंक्षण की फैक्ट्री कैसे हुई. जी, हां नागौर जिले का एक गांव है रोटू जो सच मे पर्यावरण प्रदूषण रोकने की एक बहुत बड़ी फैक्ट्री से कम नहीं है. इस फैक्ट्री में काम करने वाले ग्रामीण पर्यावरण सरंक्षण, जीव दया और प्रकृति प्रेम के साथ साथ संस्कारों का उत्पादन करते है.

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पांच सौ बरस पहले गुरु जम्भेश्वर जी ने  पर्यावरण संरक्षण की फैक्ट्री लगाई थी:
नागौर जिले के जायल उपखंड का छोटा सा एक गांव है रोटू जहां पांच सौ बरस पहले विश्नोई सम्प्रदाय के गुरु जम्भेश्वर जी ने एक पर्यावरण संरक्षण की फैक्ट्री लगाई थी जो  आज पांच सौ बरस बाद भी ठीक उसी तरह चल रही है और इस फैक्ट्री में उत्पादन जीव दया और पर्यावरण सरंक्षण का होता है. पांच सौ बरस पहले यहां जम्भेश्वर भगवान ने 3700 पेड़ लगाए थे वो आज भी वट वृक्ष के समान हो गए और पर्यावरण सरंक्षण के अद्भुत कार्य के माइल स्टोन बनकर खड़े है. गांव में खेजड़ी के पेड़ों को शमी यानी तुलसी मानकर पूजा जाता है. काटना तो दूर की बात है यहां गांव में खेजड़ी की छंगाई भी नहीं की जाती. 

6 हजार से ज्यादा हिरण यहां खुलेआम विचरण करते हैं:
पर्यावरण सरंक्षण की वजह ही गांव में आज हजारों की तादात में चिंकारा हिरण और कृष्ण मृग गांव में खुलेआम घूमते नजर आ जाते है, ग्रामीणों के अनुसार गांव के आसपास 6 हजार से ज्यादा हिरण यहां खुलेआम विचरण करते हैं. यह गांव जीव दया और प्रेम की जीवंत कहानी है गांव में हिरण आखेट निषेध है, और कंजर्वेशन क्षेत्र भी घोषित किया जा चुका है. अगर गांव के आसपास में हिरणों का कोई शिकार कर ले या कोशिश भी की जाती है तो गांव के बुजुर्ग युवा और महिलाएं सब जीव को बचाने के लिए एक स्वर में खड़े हो जाते हैं. ग्रामीण कहते है हम अपने बच्चों की तरह जानवरों को पालते हैं हिरणों के बच्चों को औरते अपने बच्चों की तरह दूध पिलाती है. तो उसको मारने कैसे देंगे. 

यहां संस्कारो में पर्यावरण सरंक्षण और जीव दया: 
सरकारे पर्यावरण प्रदूषण से बचाने के लिए तरह तरह के अभियान चलाती है औऱ एनजीटी भी देश मे पर्यावरण प्रदूषण को लेकर अपना काम कर रही है मगर रोटू गांव में बचपन मे ही यहां संस्कारो में पर्यावरण सरंक्षण और जीव दया और प्रेम दिया जाता है. यही वजह है कि गांव आज देशभर में मिशाल बना हुआ है जरूरत है कि सरकारे भी रोटू गांव से सीखे ओर पर्यावरण के प्रति गंभीर हो ताकि प्रकृति का संतुलन बना रहे.  

खेतों में नुकसान पंहुचाने वाले हिरणों को भी ग्रामीण प्रेम से रखते हैं: 
केरल में गर्भवती हथिनी की हत्या के मामले में देशभर में रोष देखा जा रहा है. घटना के बाद रोटू गांव में भी रोष देखा गया है. ग्रामीण बताते है कि खेतों में नुकसान पंहुचाने वाले हिरणों को भी ग्रामीण प्रेम से रखते हैं और किसी को हिरणों को नुकसान नहीं पहुंचाने देते जीव दया रखने वाले रोटू गांव के ग्रामीणों का मानना है कि दोषी को कड़ी सजा दी जाए ताकि दुबारा कोई ऐसे हरकत नहीं करें. 

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ग्लोबल वार्मिंग और ग्लोबल कूलिंग के संकेत भयावह:
पर्यावरण सरंक्षण के लिए आम आदमी को आगे आकर पर्यावरण सरंक्षण करना होगा तभी हम प्रकृति को बचा पाएंगे नहीं तो ग्लोबल वार्मिंग और ग्लोबल कूलिंग के संकेत भयावह नजर आ रहै हैं. वर्तमान में प्रदूषण बढ़ता जा रहा है ऐसे में रोटू गांव एक प्रेरक बनकर उभरा है. 

...नरपत ज़ोया संवाददाता फ़र्स्ट इंडिया न्यूज़ डीडवाना

लॉक डाउन के साइड इफेक्ट, 11 दिन की नवजात के साथ महाराष्ट्र सीमा पर फंसी प्रसूता

लॉक डाउन के साइड इफेक्ट, 11 दिन की नवजात के साथ महाराष्ट्र सीमा पर फंसी प्रसूता

डीडवाना(नागौर): कोरोना को लेकर लगाए गए लॉक डाउन के साइड इफेक्ट भी देखने को मिल रहे हैं. नागौर जिले के हरनावा कुचेटिया गांव की नव प्रसूता महाराष्ट्र के हिंगोली ज़िले के बॉर्डर पर फंसी हुई है. प्रसूता के पति से मिली जानकारी के अनुसार लॉक डाउन के बाद निजी कार किराए पर लेकर गांव आ रहे थे इसी दौरान हिंगोली बोर्डर पर पुलिस ने रोक लिया और कार चालक को भगा दिया और प्रसूता को 11 दिन की मासूम के साथ बीच सड़क पर उतार दिया.

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परिजनों ने नागौर ज़िला प्रशासन से भी गुहार लगाई:
प्रसव के दौरान जच्चा बच्चा को जो स्वास्थ्य सुविधाएं और खाना मिलना चाहिये वो नही मिल पा रहा हैं. ऐसे में प्रसूता और नवजात की जान को बिना कोरोना संक्रमण के भी खतरा हो सकता है. मासूम जहाँ कुपोषण की शिकार हो सकती है तो प्रसूता को भी खतरा हो सकता है. परिजनों ने नागौर ज़िला प्रशासन से भी गुहार लगाई हैं वहीं परबतसर विधायक रामनिवास गावड़िया ने भी प्रसूता को सकुशल यहां गांव के स्कूल में आइसोलेट करने की मांग जिला कलक्टर से की है.  

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...फर्स्ट इंडिया के लिए डीडवाना से नरपत ज़ोया की रिपोर्ट
 

कोरोना वायरस को लेकर सतर्कता, नगरपालिका ने शहर में करवाई फॉगिंग

कोरोना वायरस को लेकर सतर्कता, नगरपालिका ने शहर में करवाई फॉगिंग

डीडवाना(नागौर): विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोना को महामारी घोषित कर दिया है. वहीं  भारत में कोरोना से बचाव को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है. प्रदेश सरकार भी कोरोना के खतरे को लेकर गंभीर है, स्वास्थ्य महकमा अलर्ट मॉड पर है. मंगलवार को  नागौर जिले के डीडवाना में नगरपालिका द्वारा शहर के भीड़भाड़ वाले इलाकों में फॉगिंग करवाई गई है.

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बनाया गया आइसोलेशन वार्ड:
पालिका की टीम ने मंगलवार को कचहरी परिसर में अधिवक्ताओं के चेम्बरों के साथ-साथ कोर्ट परिसर, मुख्य बस स्टैंड, निजी बस स्टैंड और अस्पताल परिसर में फॉगिंग करवाई गई. डीडवाना में प्रशासन द्वारा शहर के बांगड़ अस्पताल में भी कोरोना को देखते हुए 6 बेड का आईशोलेशन वार्ड बनाया गया है और इटली इंग्लैंड और जापान से प्रवास कर आए नागरिकों की भी जांच कर उन्हें निर्देश दिए गए है. प्रवासी नागरिकों पर विशेष निगरानी भी रखी जा रही है. 

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happy Holi 2020: डीडवाना की डोलची मार अनूठी होली, राज की गेर नाम से भी है प्रसिद्ध

happy Holi 2020: डीडवाना की डोलची मार अनूठी होली, राज की गेर नाम से भी है प्रसिद्ध

डीडवाना(नागौर): हर जगह की अपनी अपनी परम्पराएं, रीती रिवाज और संस्कृति होती है, देशभर में होली की भी अलग-अलग परम्पराएं है कही की लठ मार होली प्रसिद्ध है, ऐसी ही ख़ास और अनूठी होली की परंपरा है डीडवाना की डोलची मार होली. डोलची मार होली देशभर में डीडवाना और बीकानेर में ही खेली जाती है आइये इस अनूठी होली का आनंद लेते है.डीडवाना शहर में निकलने वाली ऐतिहासिक डोल्ची मार होली (राज कि गैर) आज भी जारी है. आज से कुछ सालो पहले इस होली में काफी अनूठापन था जो अब नजर नहीं आता है. 

पूरे नगर की करते है परिक्रमा:
मगर आज भी हाकम को डोलची मार कर विधिवत रूप से डीडवाना उपखंड कार्यालय से शुरू होकर शहर भर मे खेली जाने वाली इस होली कि अनूठी परंपरा चल रही है और यहा के नागरिक जो पहले कभी हाकम के साथ होली खेलते थे अब आजाद भारत के अधिकारियों के साथ होली खेलते है.धुलंडी के दिन  रंगों से सराबोर होने के बाद सरकार के हाकम (उपखंड अधिकारी ) इस गेर की शुरुवात करते है. प्रथम डोलची हाकम के लगाने के बाद ये गेर कचहरी से शुरू होकर नगर भ्रमण करते हुए सभी डोलची मार गेरीयों को वहां से सभी टोलियां एक साथ निकलती है पूरे नगर की परिक्रमा के लिए जिसे गैर कहा जाता है. 

महाराजाओं के वक्त से है गैर का प्रचलन:
डोलची गैर को खेलने के लिए विदेशों तक में बसे डीडवाना के प्रवासी लोग यहाँ खींचे चले आते है. इस गैर का प्रचलन राजा महाराजाओं के समय से है तत्कालीन हाकम को डोलची मार कर इस गैर की शुरुआत की जाती है. लौहे के डिब्बे को विशष तरीके से काटकर डोलची का आकार दिया जाता है, उसमें पानी और रंग भरकर गैर खेलने वाले एक दूसरे पर मारते हैं जिसकी मार काफी तेज होती है. इस डोलची गैर को खेलने के लिए विदेशों तक में बसे डीडवाना के प्रवासी लोग यहाँ खींचे चले आते हैं.

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डोलची की मार असहनीय होते हुए भी लोग इसका आनंद लेते हैं जिसके पिच्छे लोगों की मान्यता है की डोलची की मार खाने के बाद साल भर तक मार खाने वाले को कमर का दर्द नहीं होता. मगर इसका असली मकसद सिर्फ यह है कि आम आदमी और अधिकारियों के बिच कि दुरिया मिटाना है इससे अधिकारियों भी आम आदमी के दुःख दर्द और खुशियों का अहसास कर सके. कुछ भी कहो मगर यह होली आम आदमी के लिए खास होली है. 

यहां की परम्पराएं और लोक संस्कृति हटकर:
डोलची मार होली की इस अनूठी परंपरा को लेकर होली खेलने वाले लोगों में इस दिन का इन्तजार रहता है और इसको लेकर काफी उत्साह भी रहता है एक और यह परम्परा जंहा अधिकारी और आम आदमी की बराबरी से सम्बन्ध करवाती है तो दूसरी और सामाजिक भेदभाव भी मिटाकर एक दूसरे को जोड़ती है. भारत विविधताओं का देश है यहां की परम्पराएं और लोक संस्कृति हटकर है बीते कुछ वर्षों में इनमे कुछ कमी आ रही है लोगो का उत्साह कुछ कम होता जा रहा है जरूरत इस बात की है कि इन परम्पराओ के संरक्षण का प्रयास हो ताकि भारत की विविधताओं वाली रंग बिरंगी छटा युही बनी रहे.

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नरपत ज़ोया फ़र्स्ट इंडिया न्यूज डीडवाना

डीडवाना: 50 हजार की रिश्वत लेते कांस्टेबल को किया रंगे हाथ गिरफ्तार

डीडवाना: 50 हजार की रिश्वत लेते कांस्टेबल को किया रंगे हाथ गिरफ्तार

डीडवाना(नागौर): डीडवाना में एन्टी करप्शन की स्पेशल ब्रांच अजमेर की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ एक सिपाही को गिरफ्तार किया है. डीडवाना एडिशनल एसपी ऑफिस में पदस्थापित कांस्टेबल विजय कुमार चौधरी को एसीबी की टीम ने लाडनूँ में कार्रवाई कर गिरफ्तार किया है. एसीबी की कार्रवाई की भनक लगने पर आरोपी कॉन्स्टेबल ने भागने की भी कोशिश की, लेकिन मुस्तेदी से तैनात एसीबी की टीम ने आधा किलोमीटर तक पीछा कर आरोपी को गिरफ्तार किया है.

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40-50 किलो डोडा पोस्त बरामद:
जानकारी के मुताबिक परिवादी की एक कार उसका दोस्त मांग कर ले गया था जिसको आरोपी कॉन्स्टेबल ने रोका तो गाड़ी से 40-50 किलो डोडा पोस्त बरामद किया, जिसपर आरोपी कांस्टेबल ने ड्राइवर पर कार्रवाई नहीं करते हुए गाड़ी मालिक को फोन किया तो मालिक ने कार्रवाई करने की बात कही.

आरोपी कॉन्स्टेबल ने कार्रवाई करने की बजाय पुनः मालिक से संपर्क कर मिलने को कहा और मामला रफा दफा करने की बात कहकर 5 लाख रुपए की डिमांड की. जो डील ढाई लाख में तय होने पर परिवादी ने एक लाख तुरंत दे दिए और बाकी अमाउंट कुछ दिन बाद देने की बात कही.जिसपर परिवादी की गाड़ी छोड़ दी गई. लेकिन कुछ दिनों तक पेमेंट नहीं देने पर आरोपी पीड़ित को बार बार फोन करने लगे और उसके शोरूम पर जाकर धमकाने लगे, जिसपर पीड़ित ने एसीबी से संपर्क किया.

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एसीबी की टीम आरोपी को करेगी कोर्ट में पेश:
आज परिवादी द्वारा सुजानगढ़ में 50 हजार रुपये देने की बात तय थी लेकिन आरोपी ने उसे लाडनूँ बुलाया. जहाँ परिवादी ने 50 हजार आरोपी को दे दिए, लेकिन आरोपी को ट्रेप की कार्रवाई का शक हुआ तो आरोपी मौके से भागने लगा. जिस पर टीम ने आधा किलोमीटर तक पीछा करके आरोपी को धर दबोचा और 50 हजार रिश्वत के साथ रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया.कार्रवाई के लिए पुलिस थाना डीडवाना लेकर कार्रवाई की गई. गुरुवार को आरोपी को एसीबी की टीम कोर्ट में पेश करेगी. वहीं इस मामले के तार और भी लोगों से जुड़े होने की संभावना होने के चलते एसीबी इसमें पूछताछ के बाद जांच करेगी.

भीम आर्मी के आह्वान पर भारत बंद का असर डीडवाना में भी देखा जा रहा

भीम आर्मी के आह्वान पर भारत बंद का असर डीडवाना में भी देखा जा रहा

डीडवाना(नागौर): भीम आर्मी के आह्वान पर किये गए भारत बन्द के आह्वान का असर डीडवाना में भी देखा जा रहा है. डीडवाना के अंबेडकर सर्किल पर अखिल भारतीय भीम सेना के कार्यकर्ताओं द्वारा बाबा साहेब की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर यहां से रैली की शुरुआत की गई. रैली कचहरी परिसर पर आकर धरने में बदल गई और यहां पर सर्वोच्च न्यायालय द्वारा आरक्षण के मौलिक अधिकार खत्म करने के लिए दिए गए फैसले, एनआरएसी, सीएए व एनपीएआर जैसे मुद्दो में सरकार द्वारा धर्म आधारित राजनीति करने का आरोप लगाते हुए आरक्षण को यथावत रखने की मांग की गई. 

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अखिल भारतीय भीम सेना के कर्तकर्ताओ ने शहर में एक रैली भी निकाली:
इस दौरान अखिल भारतीय भीम सेना के कर्तकर्ताओ ने शहर में एक रैली भी निकाली गई. रैली में की एक बैठक मेघवाल समाज के युवाओ के साथ भीम सेना के जिलाध्यक्ष राजूराम चांदबासनी, एसएसटी महापंचायत प्रदेशाध्यक्ष गोविन्दराम सांखला, बजरंग मेघवाल भी मौजूद रहे रैली में माकपा ने भी अपना समर्थन दिया. इस दौरान डीडवाना के सभी बाजार भी बंद रहे. 

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झोलाछाप चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई, एक गिरफ्तार

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डीडवाना(नागौर): प्रदेश सरकार ने झोलाछाप चिकित्सकों के खिलाफ कार्यवाही करने को लेकर एक सर्कुलर निकालकर प्रदेशभर में फैले अवैध रूप से चिकित्सा करने वाले झोलाछाप चिकित्सकों के खिलाफ अभियान छेड़ दिया है जिससे झोलाछाप चिकित्सकों में खलबली मची हुई है. नागौर में भी जिलेभर में कार्यवाही जारी है आज दूसरे दिन भी डीडवाना क्षेत्र में एक झोलाछाप चिकित्सक को पकड़ने में कामयाबी मिली है. 

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लंबे समय से मिल रही थी सूचना:
डीडवाना के नजदीकि बालियां गांव में लंबे समय से अवैध रूप से चिकित्सा करने की सूचना मिल रही थी आज सूचना के बाद नागौर से आई चिकित्सा विभाग की टीम ने डीडवाना थाने के जाब्ते के साथ पंहुचकर राम रहीम क्लिनिक पर छापा मारकर अवैध रूप से चिकित्सा कर रहे झोलाछाप को पकड़ने में कामयाबी हासिल की है. झोलाछाप से काफी मात्रा में दवाइयां भी जब्त की गई है जो बिना किसी लाइसेंस के अवैध रूप से बेची जा रही थी. 

मामला दर्ज कर कार्यवाही जारी:
सरकार द्वारा झोलाछाप चिकित्सकों की धरपकड़ के लिए पुलिस ने भी जिलेभर में पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चिकित्सा विभाग के साथ काम कर रही है. आज भी चिकित्सा विभाग की टीम के साथ बालियां में पंहुचकर क्लिनिक से चिकित्सक सुरेंद्रसिंह जोधा को गिरफ्तार कर दवाइयां और चिकित्सकीय उपकरण जब्त कर मामला दर्ज कर कार्यवाही की जा रही है. 

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जिलेभर में लगभग एक दर्जन कार्यवाही की जा चुकी:
झोलाछाप चिकित्सकों के खिलाफ अबतक जिलेभर में लगभग एक दर्जन कार्यवाही की जा चुकी और झोलाछाप चिकित्सा करने वालो के खिलाफ लगातार कार्यवाही की बात कही जा रही है. सरकार का झोलाछाप चिकित्सकों के खिलाफ अभियान कार्यवाही करने यकीनन काबिले तारीफ है, और गांव गांव मे फैले झोलाछाप चिकित्सकों के खिलाफ कार्यवाही जरूरी थी ताकि मरीजों की जान से खिलवाड़ नहीं किया जाए. 

...नरपत ज़ोया संवाददाता, फ़र्स्ट इंडिया न्यूज, डीडवाना, नागौर

विश्व प्रसिद्ध नमक झील के अस्तित्व को खतरा, नगरपालिका डाल रही साल्ट लेक में अवैध रूप से कचरा

विश्व प्रसिद्ध नमक झील के अस्तित्व को खतरा, नगरपालिका डाल रही साल्ट लेक में अवैध रूप से कचरा

नागौर: डीडवाना की नमक झील प्रदेश और देश में अपनी अलग ही पहचान रखती है. यहां नमक में सोडियम सल्फेट की उपलब्धता ने इंडस्ट्रियल नमक उत्पादन में डीडवाना को देश विदेश में पहचान दिलाई. यहां से उत्पादन होने वाले नमक का सबसे ज्यादा उपयोग अखाद्य नमक के रूप में होता है लेकिन स्थानीय लोग और कुछ नमक इकाइयां इस झील से खाद्य नमक का उत्पादन भी करती हैं. लेकिन इस झील का अस्तित्व अब खतरे में है और इसका सबसे बड़ा कारण कोई और नहीं बल्कि स्थानीय नगरपालिका की लापरवाही है. आशंका जताई जा रही है कि झील के दूषित होने से कही सांभर झील जैसी त्रासदी यहां नही हो जाये.

शहर की गंदगी और कूड़ा करकट इस झील क्षेत्र में डाला जा रहा: 
डीडवाना नमक झील के मध्य में रामसाबास जाने वाली रोड़ पर नगरपालिका के ठेकेदारों द्वारा अवैध रूप से कचरा डाल कर इसको अघोषित डंपिंग यार्ड में तब्दील कर दिया है. शहर की गंदगी और कूड़ा करकट इस झील क्षेत्र में डाला जा रहा है. जिसकी वजह से ना केवल झील का स्वरूप बिगड़ रहा है बल्कि गंदगी झील प्रदूषित भी हो रही है. जिसके घातक परिणाम आने वाले दिनों में झेलने पड़ सकते हैं. क्योंकि गंदगी की वजह से नमक संक्रमित होता है तो इसका असर स्थानीय लोगों पर भी हो सकता है.

प्रवासी पक्षियों के लिए भी यह घातक: 
नगरपालिका के ठेकेदारों द्वारा झील में डाले जाने वाला यह अपशिष्ट ना केवल स्थानीय लोगों के जीवन को खतरे में डाल रहा है बल्कि सुदूर प्रदेशों से आने वाले प्रवासी पक्षियों के लिए भी यह घातक सिद्ध हो सकता है जो सांभर पक्षी त्रासदी जैसी किसी बड़ी त्रासदी का रूप भी ले सकता है. इस बारे में जब हमने नगरपालिका प्रशासन से बात की तो पालिका अधिशाषी अधिकारी का कहना है कि ठेकेदार की लापरवाही की शिकायतें लंबे समय से आ रही है जिसे नोटिस दिया गया है.

नगरपालिका को झील से कचरा हटवाने के निर्देश: 
डीडवाना नमक झील क्षेत्र केंद्र सरकार का उपक्रम है और उपखण्ड अधिकारी के अधिकार क्षेत्र में आता है जब हमने झील में नगरपालिका द्वारा गंदगी डालने की बात कही तो उपखण्ड अधिकारी ने पटवारी और नमक विभाग को इसकी जांच के आदेश देकर तुरंत कार्रवाई के निर्देश देते हुए. दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई मारने के आदेश दिए वहीं नगरपालिका को झील से कचरा हटवाने के निर्देश दिए.

गंदगी से गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं:
नमक झील में नगरपालिका के ठेकेदारों द्वारा फैलाई गई गंदगी से झील क्षेत्र को मुक्त नहीं किया गया तो इसके दूरगामी और गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं जरूरत इस बात की है कि समय रहते प्रशासन चेत जाए और झील को साफ करवाये.

...नरपत ज़ोया संवाददाता, फ़र्स्ट इंडिया न्यूज, डीडवाना

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