परिजनों का अंदेशा बालिका के साथ हुआ गलत, लगाए कई गम्भीर आरोप

FirstIndia Correspondent Published Date 2018/11/01 09:24

पिंडवाड़ा(सिरोही)। पिंडवाड़ा के निकटवर्ती गांव वीरवाड़ा में एक गरीब परिवार की बालिका के परिजनों ने बलात्कार का अंदेशा जताते हुए कई गम्भीर आरोप लगाए है, जिससे तमाम सवाल खड़े हो गए है । वही पुलिस प्रशासन द्वारा लीपापोती की जा रही है। 

मामला कुछ भी रहा हो लेकिन बाला आज जिंदगी व मौत की लड़ाई लड़ रही है उस दर्द को बयां कर पाना बड़ा कठिन है । वही परिजनों का आरोप है की पुलिस द्वारा सड़क दुर्घटना का मामला दर्ज किया गया है ।

बालिका 18 सितंबर को शाम करीबन साढ़े सात बजे के आसपास दुकान से दवाई लेकर जा रही थी लेकिन करीब लगभग साढ़े आठ बजे परिजनों को सूचना मिली की उक्त बेटी राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे गम्भीर रूप में घायल पड़ी है ।

उक्त घटना के बाद वीरवाड़ा के राजकीय चिकित्सालय में प्राथमिक उपचार के बाद आबूरोड रैफर किया गया । लेकिन एक माह बाद न बालिका की हालत में कोई सुधार हुआ न ही पुलिस ने कोई उचित कार्यवाही की और परिजनों द्वारा यह आरोप लगाया गया है कि पुलिस प्रशासन का हमे कोई सहयोग नही मिल रहा है ।

पीड़ित बालिका के परिजनों ने कुछ युवकों व अज्ञात लोगों के विरुद्ध  पुलिस थाने में रिपोर्ट पूर्व में सुपुर्द कर दी है । वही अब परिजनों द्वारा बलात्कार का अंदेशा जताया जहा रहा है । पीड़ित बालिका को मूर्छित हालत में सड़क पर फेंकने का आरोप भी परिजनों का है । 
बालिका घर में बेसुध पड़ी है, न ही कुछ बोल पा रही है और न ही कुछ लिख सकती है ।बस दिन भर ख्यालों में रहती है और आँखों से आँसू बहा रही है । बालिका के परिजनों ने गत 20 सितम्बर को थाने में रिपोर्ट सुपुर्द की थी।

वही परिजनों का आरोप है की पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक पर दुर्घटना का मामला दर्ज किया है । पिंडवाड़ा थाने से उक्त प्रकरण की जांच कर रहे एस आई पूराराम दहिया का कहना है की मामला परिजनों की रिपोर्ट पर ही दर्ज हुआ है । पुलिस प्रशासन द्वारा सहयोग न करने के आरोप बेबुनियाद है ।

यदि जिस बात का अंदेशा जताया जा रहा है कि बालिका के साथ कुछ गलत हुआ है इस विषय पर बालिका के होश में आने पर बयान लिए जाएंगे या किसी चश्मदीद के बयानो के आधार पर जाँच कर अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया जा सकता है, जाँच जारी है ।
गौरतलब है कि मामला कुछ भी रहा हो लेकिन सवाल यह उठता है की चारपाई पर जिंदगी व मौत की लड़ाई लड़ रही बालिका को क्या न्याय मिल पाएगा ? आखिर जिम्मेदारों की कार्यशैली को लेकर तमाम सवाल क्यों खड़े हो रहे है ?

आज खाट पर पड़ी बालिका के दर्द को बयां कर पाना मुश्किल है न हो बोल पा रही है और ना ही कुछ लिख पाती है ऐसे में यह बालिका कैसे बयान दे पाएगी की उसके साथ क्या हुआ । क्या जिम्मेदार जबतक इंतजार करते रहेंगे की बालिका ठीक हो और फिर उसके बयान लेकर मामले की जांच आगे बढ़ाई जाए । यह कार्यशैली कई सवाल खड़े कर रही है। पीड़ित बालिका आज जिंदगी और मौत की लड़ाई लड़ रही है लेकिन यह सब कैसे हुआ उसके साथ जिम्मेदार इस बात का खुलासा आज दिन तक क्यो नही कर पाए । क्या किसी के दबाव में मामले को दबाया जा रहा है ?

गौरतलब है कि इस वेदना को परिवार वाले एक महीने से झेल रहे है, उस परिवार पर क्या बीत रही होगी । इसका अंदाजा लगा पाना बड़ा कठिन है । वही परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत नाजुक है । 

First India News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे!
हर पल अपडेट रहने के लिए अभी डाउनलोड करें First India News Mobile Application
लेटेस्ट वीडियो के लिए हमारे YOUTUBE चैनल को विजिट करें

और पढ़ें

Most Related Stories

Stories You May be Interested in

सपना ने थामा कांग्रेस का हाथ, ड्रीम गर्ल को देंगी टक्कर !

16 साल बाद चुनावी राजनीति में दिग्गी की एंट्री, भोपाल से लड़ेंगे चुनाव
बीजेपी की शत्रु से दोस्ती खत्म! पटना साहिब से कटा शत्रुघ्न सिन्हा का टिकट
राहुल गांधी 2 सीटों से लड़ सकते हैं चुनाव
देखिये BJP की पांचवीं लिस्ट
क्रिकेट खेलते समय बॉल लगी तो घर में घुसकर की मारपीट
बीजेपी सरकार से हर वर्ग दुखी है : राहुल गाँधी
बिहार में NDA की सीटों का ऐलान