शहीद मुकुट बिहारी मीणा के परिजनों को आज भी है सरकारी सहायता का इंतजार

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/02/17 07:24

खानपुर (झालावाड़)। आतंकियों के नापाक इरादों के चलते देश की सीमा पर अपनी जान की बाजी लगा कर भारत माता की रक्षा करने वाले वीर सपूत शहीद हो रहे हैं। इनमें से एक वीर सपूत झालावाड़ जिले के लडानिया गांव का लाल शहीद मुकुट बिहारी मीणा ने 7 माह पूर्व जम्मू कश्मीर के कुपवाड़ा में आतंकवादियों से लोहा लेते हुए शहीद हुआ। मगर उनकी वीरांगना समेत बुजुर्ग पिता आज भी सरकारी सहायता के इंतजार में बाट जोह रहे हैं।

सरकार शहीदों के परिवारों से उनके बेहतर भविष्य के लिए आश्वासन तो देती है, लेकिन हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। देश की रक्षा के लिए शहीद हुए कमांडो मुकुट बिहारी मीणा के लडानिया गांव में पंहुचकर संवाददाता ने विरांगना अंजना मीणा व शहीद के बुजुर्ग पिता जगन्नाथ मीणा से हाल जानने की कोशिश की। हाल पूछने पर शहीद के परिजनों के व्यथा सुनाते हुए आंखों में से आसू छलक पड़े। शहीद की विरांगना अंजना मीणा ने बताया कि सीआरपीएफ की ओर से मेरे व पुत्री आरवि तथा ससुर के खाते में 13.40 लाख की राशि जमा कराई गई। जिला परिषद द्वारा शौचालय का निर्माण करवाया गया, मगर प्रोत्साहन राशि का भुगतान अभी तक नहीं हुआ। राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम द्वारा नि:शुल्क यात्रा पास का भी शहीद के पिता को आज भी इंतजार है।

लडानिया में विरांगना व शहीद कमांडो के पिता जगन्नाथ मीणा ने बताया कि राज्य सरकार की ओर से गांव लडानिया में मुक्ति धाम पर शहीद स्मारक बनाने तथा जिला मुख्यालय शहीद मुकुट बिहारी मीणा की याद में स्मारक स्थल बनाने की मांग आज तक अधूरी है। 23 जुलाई 2018 को तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के लडानिया गांव में पंहुचने पर ग्रामीणों व परिजनों ने इन सब की मांग की थी। साथ ही गांव में स्थित विधालय का नाम शहीद मुकुट बिहारी मीणा राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय किया जाना प्रस्तावित है, जो अभी नहीं किया गया। शहीद कमांडो के नाम से एक करोड की लागत से बनाई गई सीसी सडक का कार्य घटिया होने व उसके निवास तक एप्रोच रोड अधूरा छोडने पर  ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। विरांगना ने आज भी उनके मकान में विद्युत कनेक्शन नहीं होने पर पीड़ा जताई।

तत्कालीन भाजपा सरकार द्वारा शहीद कमांडो मुकुट बिहारी मीणा को आर्थिक सहायता राशि व कृषि भूमि उपलब्ध नहीं कराई गई है। शहीद के पिता जगन्नाथ मीणा ने बताया कि 500 रूपये प्रति माह पेंशन भी नहीं मिल रही है। 

...खानपुर संवाददाता सलीम साहिल की रिपोर्ट 

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