मशहूर शायरा फ़हमीदा रियाज का निधन, भारत में रहीं थी 7 साल

FirstIndia Correspondent Published Date 2018/11/22 08:34

लाहौर। पाकिस्तान की जानी-मानी लेखिका और मानवाधिकार कार्यकर्ता फ़हमीदा रियाज का लम्‍बी बीमारी के बाद पाकिस्‍तान के लाहौर में निधन हो गया। वे 73 वर्ष की थीं। एक दर्जन से ज्यादा किताबों की लेखिका रियाज़ का नाम साहित्य में एक ऊंचा दर्जा रखता है।

गौरतलब है कि पूर्व तानाशाह जनरल जिया उल हक के कार्यकाल में वे पाकिस्‍तान से भागकर भारत में लगभग सात साल तक रहीं। उत्तर प्रदेश के मेरठ में एक साहित्यिक परिवार में जन्‍मी फ़हमीदा रियाज पाकिस्‍तान के सिंध प्रांत के हैदराबाद में बस गई थीं। उन्‍होंने उपमहाद्वीप में महिलाओं के अधिकारों और पाकिस्‍तान में लोकतंत्र की बहाली के लिए अपनी आवाज बुलंद की। 

बता दें कि फ़हमीदा रियाज ने अल्बेनियन लेखक इस्माइल कादरी और सूफ़ी संत रूमी की कविताओं को उर्दू में अनुवादित किया था। फ़हमीदा ने अपना पब्लिकेशन 'आवाज़' के नाम से शुरू किया जिसके उदारवादी होने के कारण उसे बंद कर दिया गया और उनके पति ज़फ़र को जेल भेज दिया गया। अपने राजनीतिक विचारों के कारण फ़हमीदा पर 10 से ज़्यादा केस चलाए गए। तब अमृता प्रीतम ने तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से बात कर उनके लिए भारत में रहने की व्यवस्था करवाई। 

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