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बाड़मेर में अनार की खेती कर किसान हो रहा मालामाल

बाड़मेर में अनार की खेती कर किसान हो रहा मालामाल

बाड़मेर: पश्चिमी राजस्थान का बाड़मेर जिला इन दिनों अनार की खेती के चलते कश्मीर से कन्या कुमारी तक हर किसी को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है. वर्ष 2010 में चंद किसानों के अनार बगीचे लगाने में दिखाई रूचि पर अब जिले के एक सौ से अधिक गांवों के बगीचों में अनार महक बिखेर रही है. इससे किसानों व व्यापारियों को अच्छा रोजगार मिल रहा है. घरों में आई समृद्धि पर किसान खुशियां मना रहे हैं. 

उन्नत तकनीक से खेती ने किसानों की तकदीर बदल दी:  
थार का रेगिस्तान सदियों से पानी का संकट झेल रहा है और यहां पानी के लिए झगड़े होना आम बात थी. लेकिन धीरे-धीरे परिस्थितियां बदलने के साथ ही उन्नत तकनीक से खेती ने किसानों की तकदीर बदल दी है. धोरों की धरती में करीब हजारों हैक्टेयर पर अनार की खेती हो रही है. ऐसे ही बाड़मेर जिले के विश्नोईयों का तला गांव खारा राठौड़ान गांव की हम बात करते है जहां रामजीवन नामक एक शिक्षक ने अनार की खेती कर रखी है. यहां पर इस खेत मे करीब 1700 पौधे लगे हुए है और मजे की बात तो ये है की अनार को बेचने के लिए कही बाहर नहीं जाना पड़ता है बल्कि गांव के ही लोग खरीद लेते है. 

उन्नत तकनीक से अनार की खेती कर किसान मालामाल:  
अनार की खेती की देखभाल कर रहे किसान स्वरूपाराम बताते कि प्रतिदिन करीब 4 से 5 हजार का अनार गांव में बिक जाता है. बरहाल दूर-दूर तक फैला मरुस्थल में पानी के संकट के बावजूद भी किसान उन्नत तकनीक से अनार की खेती कर मालामाल हो रहे है. 


 

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राजस्थान: दिवाली से पहले कर्जदार किसानों को बड़ा तोहफा, अब 5 एकड़ तक कृषि भूमि नहीं होगी कुर्क

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जयपुर: राजस्थान में अब किसी भी तरह के कर्जदार किसान की पांच एकड़ तक की भूमि कुर्क नहीं हो सकेगी. इसके लिए विधानसभा में 2 नवंबर को कृषि संशोधित बिल पास होने के बाद इस नए संशोधन को लागू किया जाएगा. इससे पहले पांच एकड़ से कम जमीन भी कुर्क की जाती थी. अब अब दीवानी प्रकिया में संशोधन कर कुर्क नहीं की जाने वाली सम्पति में किसानों की 5 एकड़ कृषि भूमि को भी शामिल किया गया है. 

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विधेयक लाने की तैयारी राज्य सरकार पहले ही शुरू कर चुकी:  
किसानों के संबंध में केंद्र सरकार द्वारा लागू अधिनियमों को लागू होने से रोकने वाले विधेयक लाने की तैयारी राज्य सरकार पहले ही शुरू कर चुकी है. सरकार की ओर से इन विधेयकों को अंतिम रूप दिया जा रहा है, वहीं विधानसभा सचिवालय ने भी सत्र की तैयारी शुरू कर दी है. इससे पहले उधर छत्तीसगढ़ में संशोधन विधेयक मंजूर हो गया है. 

कृषकों के हित को संरक्षित करने के लिए यह बड़ा फैसला:
विधि मंत्री शांति धारीवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि  कि 2 नवंबर को सरकार कृषकों को लाभ देने के लिए विधानसभा में संशोधन बिल ला रही है. सरकार द्वारा कृषकों के हित को संरक्षित करने के लिए यह बड़ा फैसला लिया जा रहा है. उन्होंने बताया कि राजस्थान सरकार यह संशोधन कर किसानों को यह राहत देगी. इससे किसानों के कर्ज लेने पर पांच एकड़ तक की भूमि कुर्क नहीं होने का लाभ मिलेगा. बता दें कि 31 अक्टूबर से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र में प्रदेश सरकार केंद्र के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ भी बिल लेकर आएगी. 
 

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की किसानों के लिए सौगात, 100 कृषि उपकरण किराया केन्द्र खुलेंगे

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की किसानों के लिए सौगात, 100 कृषि उपकरण किराया केन्द्र खुलेंगे

जयपुर: मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की बजट घोषणा के अनुरूप अब कृषि विभाग किसानों के लिए नई सौगात लेकर आया है. छोटे और मंझले किसान, जिनके पास अपनी खेती करने के लिए सभी तरह के कृषि उपकरण नहीं हैं, उन उपकरणों को अब वे किराए पर लेकर अपना कृषि कार्य कर सकेंगे. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इसकी घोषणा बजट में की थी. इसके तहत कृषि विभाग प्रदेश में 100 कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित करने जा रहा है.

एक केन्द्र को अधिकतम 8 लाख अनुदान देगा कृषि विभाग:
केन्द्र खोलने के लिए सहकारिता विभाग की सहायता ली जा रही है. इन केन्द्रों पर 8 करोड़ की राशि खर्च होगी. प्रत्येक केन्द्र को अधिकतम 8 लाख रुपए की राशि अनुदान के रूप में दी जाएगी. जिससे ग्राम सेवा सहकारी समितियां कृषि से जुड़े सभी जरूरी उपकरण खरीद सकेंगी. इससे जो किसान कम आय के कारण उन्नत एवं महंगे कृषि उपकरण खरीदने में सक्षम नहीं हैं, उन किसानों तक कृषि यंत्रों की पहुंच होगी. ये केन्द्र 30 जिलों में खोले जाएंगे.

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कृषि आयुक्त डॉ. ओमप्रकाश स्वयं कर रहे प्रोजेक्ट की मॉनीटरिंग:
सबसे ज्यादा 12 केन्द्र राजसमंद में, इसके बाद प्रतापगढ़ में 7, जयपुर में 6 कृषि उपकरण किराया केन्द्र खोले जाएंगे. कृषि विभाग के आयुक्त डॉ. ओमप्रकाश स्वयं इस प्रोजेक्ट की मॉनीटरिंग कर रहे हैं. इस सम्बंध में ट्रैक्टर व अन्य कृषि यंत्र निर्माता कम्पनियों के साथ बैठकर कर न्यूनतम दरों पर उपकरण खरीद के लिए कवायद की जा रही है.

...फर्स्ट इंडिया के लिए काशीराम चौधरी की रिपोर्ट

केंद्र सरकार के कृषि कानूनों को निष्प्रभावी करने के लिए पंजाब की तर्ज पर ही राजस्थान सरकार भी लाएगी तीन नए बिल

जयपुर: केंद्र सरकार के तीन नए कृषि कानूनों को निष्प्रभावी करने के लिए पंजाब की तर्ज पर ही राजस्थान सरकार भी तीन नए बिल विधानसभा में पारित कराएगी. राज्य सरकार इसके लिए नवंबर के पहले सत्र में विधानसभा का विशेष सत्र बुलाएंगे. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता मे मंगलवार रात को मुख्यमंत्री आवास पर हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में यह फैसला लिया गया.

सीएम ने पंजाब की तर्ज पर ही राजस्थान में फैसला लेने की बात कही: 
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी व राहुल गांधी ने कांग्रेस शासित राज्य सरकारों को निर्देश दिए थे कि वे अपने राज्य में केंद्र के कानूनों को बायपास करने के लिए विधानसभा को सत्र बुलाकर प्रस्ताव पास करे. राजस्थान सरकार इस मामले में पंजाब सरकार के कदम का इंतजार कर रही थी. 12 अक्टूबर को भी इस मामले में गहलोत मंत्री परिषद की बैठक हुई थी, लेकिन तब कोई फैसला नहीं हो सका. मंगलवार को पंजाब सरकार ने विधानसभा के विशेष सत्र में केंद्र के कानून के खिलाफ प्रस्ताव पास कर दिया. साथ ही तीन नए बिल विधानसभा से पारित करा दिए. इसकी सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने तुरंत मंत्रिपरिषद की बैठक बुलाई और पंजाब की तर्ज पर ही राजस्थान में फैसला लेने की बात कही. पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने विधानसभा में प्रस्ताव पेश किया था, जिसके तहत सरकार ने तीन नए कानून पास किए हैं जिसमें केंद्र से अलग बातें शामिल की गई हैं.

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किसान को MSP से नीचे फसल देने पर मजबूर किया जाता: 
प्रस्ताव में इस बात को शामिल किया गया है कि अगर किसान को MSP से नीचे फसल देने पर मजबूर किया जाता है, तो ऐसा करने वाले को तीन साल तक की जेल हो सकती है. साथ ही अगर किसी कंपनी या व्यक्ति द्वारा किसानों पर जमीन, फसल को लेकर दबाव बनाया जाता है तो भी जुर्माना और जेल का प्रस्ताव लाया गया है. केंद्रीय कानून में कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग एक्ट में किसानों और कंपनियों के बीच विवाद होने पर केवल एसडीएम तक ही केस लड़े जाने का प्रावधान किया हुआ है, जबकि इसके प्रभाव को कम करने के लिए पंजाब सरकार ने अपने एक्ट में प्रावधान किया है कि सिविल कोर्ट में किसान जा सकेंगे. केंद्रीय कानून में कहा गया है कि खरीदी जाने वाली फसल के बारे में कोई भी लिमिट नहीं होगी और न ही यह कहां भंडारण की गई है इसके बारे में बताने की जरूरत है. इस प्रभाव को कम करने के लिए पंजाब सरकार ने अपने बिल में कहा है कि खरीदी जाने वाली फसल की सीमा राज्य सरकार द्वारा तय की जाएगी और इसे कहां स्टोर किया गया है यह भी बताना होगा. अब इसी तरह के संशोधन राजस्थान में किए जाएंगे.

अन्नदाता किसानों के पक्ष में मजबूती से खड़ी:
सीएम गहलोत ने कहा है कि सोनिया गांधी एवं राहुल गांधी के नेतृत्व में हमारे अन्नदाता किसानों के पक्ष में मजबूती से खड़ी है और हमारी पार्टी किसान विरोधी कानून जो एनडीए सरकार ने बनाए हैं, का विरोध करती रहेगी. पंजाब की कांग्रेस सरकार ने इन कानूनों के विरुद्ध बिल पारित किये हैं. राजस्थान भी शीघ्र ही ऐसा ही करेगा. इससे पहले मुख्यमंत्री गहलोत ने पंजाब के मंत्री मनप्रीत सिंह बादल से फोन पर बात करके पंजाब के नए कानून की कॉपी मांगी. मंत्रिपरिषद की बैठक में मुहर लग गई है कि राज्य के कानून में बदलाव किए जाए. अब पंजाब की तर्ज पर ही राजस्थान में कृषि विभाग के अधिकारी व विधि विभाग अगले दो तीन दिन में ड्राफ्ट तैयार करेगा.

केंद्रीय कृषि कानून के खिलाफ पंजाब विधानसभा में प्रस्ताव पेश, कैप्टन जमकर साधा निशाना

केंद्रीय कृषि कानून के खिलाफ पंजाब विधानसभा में प्रस्ताव पेश, कैप्टन जमकर साधा निशाना

चंडीगढ़: देश के अलग-अलग हिस्सों में केंद्र सरकार द्वारा लाए गए कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन हो रहा है. इस बीच आज पंजाब विधानसभा में इन कानूनों के खिलाफ प्रस्ताव पेश कर दिया है. इसके साथ ही तीन एक्ट भी पेश किए गए. ऐसे में पंजाब ऐसा करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है. 

कैप्टन अमरिंदर सिंह ने विधानसभा में प्रस्ताव पेश किया:
मंगलवार को पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने विधानसभा में प्रस्ताव पेश किया. बिल पेश करते हुए कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि वे केंद्रीय कृषि कानून की आलोचना करते हैं. केंद्र सरकार इस एक्ट को वापस ले, इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भी लिखा है. इस कानून से किसानों का भला नहीं होगा, बल्कि उन्हें काफी नुकसान उठाना पड़ेगा.

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इलेक्ट्रिसिटी बिल में भी जो बदलाव किए गए: 
कैप्टन अमरिंदर सिंह ने प्रस्ताव पेश करने के बाद कहा कि तीन कृषि कानूनों के अलावा इलेक्ट्रिसिटी बिल में भी जो बदलाव किए गए हैं, वो भी किसान और मजदूरों के खिलाफ हैं. इससे पंजाब के साथ हरियाणा और वेस्ट यूपी पर भी असर पड़ेगा. 

अब धरना खत्म कर दें और काम पर लौटें:
विधानसभा में केंद्र के कानूनों के खिलाफ तीन नए बिल पेश किए गए, जो केंद्र द्वारा लाए कानूनों के बिल्कुल अलग हैं और एमएसपी को जरूरी करते हैं. पंजाब सीएम ने रेलवे ट्रैक पर बैठे किसानों से अपील की है कि अब धरना खत्म कर दें और काम पर लौटें, इन कानूनों के खिलाफ हम कानूनी लड़ाई लड़ेंगे. 

VIDEO: प्रदेश के किसानों के लिए राहतभरी खबर, समर्थन मूल्य पर मूंग,उड़द,सोयाबीन एवं मूंगफली की खरीद

जयपुर: प्रदेश के किसानों के लिए राहत भरी खबर है. प्रदेश में समर्थन मूल्य पर मूंग, उड़द, सोयाबीन एवं मूंगफली की खरीद के लिये ऑनलाइन पंजीकरण 20 अक्टूबर से शुरू किया जा रहा है. 850 से अधिक खरीद केन्द्रों पर मूंग, उड़द एवं सोयाबीन की 1 नवम्बर से तथा 18 नवम्बर से मूंगफली खरीद की जाएगी. प्रदेश में मूंग के लिए 365, उड़द के लिए 161, मूंगफली के 266 एवं सोयबीन के लिए 79 खरीद केन्द्र चिह्नित किए गए हैं. पूर्व वर्ष की तुलना में इस वर्ष 500 से अधिक खरीद केन्द्र खोले गये है.

सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना ने दी जानकारी:
सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना ने बताया कि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हो इसके लिए ऑनलाइन पंजीकरण की व्यवस्था ई-मित्र एवं खरीद केन्द्रों पर सुबह 9 बजे से शाम 7 बजे तक की गई है. केन्द्र सरकार को मूंग की 3.57 लाख मीट्रिक टन, उडद 71.55 हजार, सोयाबीन 2.92 लाख तथा मूंगफली 3.74 लाख मीट्रिक टन की खरीद  के लक्ष्य की स्वीकृति भारत सरकार ने दी है. पंजीकरण के अभाव में किसानों से समर्थन मूल्य पर खरीद संभव नहीं होगी. आंजना ने बताया कि वर्ष 2020-21 के लिए मूंग के लिए 7196 रुपए एवं उड़द के लिए 6000 रुपए, मूंगफली के लिए 5275 रुपए एवं सोयाबीन के लिए 3880 रुपए प्रति क्विंटल प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य घोषित किया है. किसानों को अपनी उपज बेचने में किसी प्रकार की परेशानी न हो इसके लिए खरीद केन्द्रों पर आवश्यकतानुसार तौल-कांटें लगाये जायेंगे एवं पर्याप्त मात्रा में बारदाना उपलब्ध कराया जाएगा. प्रमुख सचिव कुंजीलाल मीणा ने बताया कि किसान को  जनआधार कार्ड नम्बर, खसरा गिरदावरी की प्रति एवं बैंक पासबुक की प्रति पंजीयन फार्म के साथ अपलोड़ करनी होगी. जिस किसान द्वारा बिना गिरदावरी के अपना पंजीयन करवाया जाएगा, उसका पंजीयन समर्थन मूल्य पर खरीद के लिये मान्य नहीं होगा. यदि ई-मित्र द्वारा गलत पंजीयन किये जाते या तहसील के बाहर पंजीकरण किये जाते है तो ऐसे ई-मित्रों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्यवाही की जाएगी.

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20 अक्टूबर से शुरू होगा हेल्प लाइन नम्बर: 
रजिस्ट्रार मुक्तानन्द अग्रवाल ने बताया कि किसान एक जनआधार कार्ड में अंकित नाम में से जिसके नाम गिरदावरी होगी उसके नाम से एक पंजीयन करवा सकेगा. किसान इस बात का विशेष ध्यान रखे कि जिस तहसील में कृषि भूमि में उसी तहसील के कार्यक्षेत्र वाले खरीद केन्द्र पर उपज बेचान हेतु पंजीकरण करावें. दूसरी तहसील में यदि पंजीकरण कराया जाता है तो पंजीकरण मान्य नही होगा. राजफैड की प्रबंध निदेशक सुषमा अरोडा ने बताया कि किसान पंजीयन कराते समय यह सुनिश्चित कर ले कि पंजीकृत मोबाईल नम्बर, से जनआधार कार्ड से लिंक हो जिससे समय पर तुलाई दिनांक की सूचना मिल सके. किसान प्रचलित बैंक खाता संख्या सही दे ताकि ऑनलाइन भुगतान के समय किसी प्रकार की परेशानी किसान को नहीं हो. उन्होंने बताया कि किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए हेल्प लाइन नम्बर 1800-180-6001 भी 20 अक्टूबर से प्रारंभ हो जाएगा. 

मुश्किल समय में कांग्रेस किसानों के साथ, कल होगा किसान सम्मेलन- डोटासरा

मुश्किल समय में कांग्रेस किसानों के साथ, कल होगा किसान सम्मेलन- डोटासरा

जयपुर: बिरला सभागार सज कर तैयार है, कल सुबह यहां कांग्रेस पार्टी किसान सम्मेलन का आयोजन करेगी. सोशल डिस्टेंशिंग के साथ ये कार्यक्रम किया जाएगा. इसी सिलसिले में प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा ने पी सी सी में प्रेस वार्ता की और केंद्र के कृषि कानूनों को किसान विरोधी बताया.

किसानों को कमजोर करने का काम किया: 
एक बार फिर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने जमकर हमला बोला है. डोटासरा ने कहा कि केंद्र सरकार ने तीन कृषि कानूनों के जरिए किसानों को कमजोर करने का काम किया है, किसान मुश्किल में हैं और इस मुश्किल समय में कांग्रेस हमेशा किसानों के साथ खड़ी रहेगी.

इन कानूनों से मंडी व्यवस्था खत्म करने का काम किया गया:  
पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने आज प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने गुजरात के सीएम रहते लाभकारी मूल्य और एमएसपी की पैरवी की थी आज मोदी जी अपनी ही बात से मुकर रहे हैं. उन्होंने कहा कि कृषि कानूनों के जरिए किसान की जमीन पर कब्जे का षड्यंत्र, नए-नए बिचौलिए पैदा करने का षड्यंत्र के साथ साथ इन कानूनों से मंडी व्यवस्था खत्म करने का काम किया गया है.

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प्रदेश स्तरीय किसान सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा:
पीसीसी चीफ डोटासरा ने मीडिया से कहा कि इन तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ कांग्रेस का 2 अक्टूबर से शुरू हुआ हस्ताक्षर अभियान 30 अक्टूबर तक चलेगा तो वहीं तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ रविवार को बिरला सभागार में प्रदेश स्तरीय किसान सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है.

किसान संगठनों के प्रतिनिधी को भी इसमें शिरकत करेंगे:
सुबह 10:30 बजे से आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, मंत्रिमंडल के सदस्य, विधायक, पूर्व विधायक, पूर्व मंत्री और पार्टी के पदाधिकारी शामिल होंगे. इसके अलावा किसान संगठनों के प्रतिनिधियों को भी इसमें शिरकत करेंगे. सम्मेलन में सोशल डिस्टेंसिंग की पालना करने, मास्क सेनेटाइजर की व्यवस्था की गई है.

कृषि कानूनों की खामियों को उजागर करने का काम करेंगे:
किसान सम्मेलन में वक्ता कृषि कानूनों की खामियों को उजागर करने का काम करेंगे साथ ही उसमें प्रस्ताव भी पारित किया जाएगा. इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, मंत्रिमंडल के सदस्य, विधायक, पूर्व विधायक, पूर्व मंत्री और पार्टी के पदाधिकारी शामिल होंगे. इसके अलावा किसान संगठनों के प्रतिनिधियों को भी इसमें शिरकत करेंगे. सम्मेलन में सोशल डिस्टेंसिंग की पालना करने, मास्क सेनेटाइजर की व्यवस्था की गई है. 

...फर्स्ट इंडिया के लिये योगेश शर्मा की रिपोर्ट
 

कृषि कानून के विरोध में धरने पर बैठे पंजाब के CM, राहुल गांधी ने बताया किसानों की मौत का फरमान

कृषि कानून के विरोध में धरने पर बैठे पंजाब के CM, राहुल गांधी ने बताया किसानों की मौत का फरमान

नई दिल्ली: कृषि कानून के विरोध में पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टम अमरिंदर सिंह शहीद-ए-आजम भगत सिंह की जयंती पर उनके जन्मस्थान खटकर कलां गांव में धरना  दे रहे हैं. उनके साथ मंत्री, विधायक और कार्यकर्ता धरने पर बैठ गए हैं. धरना शुरू करने से पहले सीएम कैप्टम अमरिंदर सिंह ने भगत सिंह की प्रतिमा को श्रद्धांजलि दी.

विधेयकों को राष्ट्रपति की मंजूरी को 'दुर्भाग्यपूर्ण और निराशाजनक': 
इस दौरान उन्होंने कृषि विधेयकों को राष्ट्रपति की मंजूरी को 'दुर्भाग्यपूर्ण और निराशाजनक' बताया है. अमरिंदर सिंह ने कहा कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों को संसद में अपनी चिंताएं जाहिर करने का मौका नहीं दिया गया. ऐसे में राष्ट्रपति की मंजूरी उन किसानों के लिए झटका है जो केंद्र के इन कानूनों के खिलाफ सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं. इन कानूनों के लागू होने से पंजाब का कृषि क्षेत्र बर्बाद हो जाएगा. 

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राहुल गांधी ने बताया किसानों की मौत का फरमान: 
वहीं कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कृषि कानून को किसानों के मौत का फरमान बताया है. उन्होंने ट्वीट कर कहा कि नया कृषि कानून किसानों के लिए मौत का फरमान है. उनकी आवाज को संसद और संसद के बाहर दबाया जा रहा है. ये सबूत है कि देश में लोकतंत्र मर चुका है. 

कांग्रेस सांसद ने दी सुप्रीम कोर्ट में चुनौती: 
इससे पहले केरल से कांग्रेस सांसद टीएन प्रतापन ने कृषि अधिनियम को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है. संसद द्वारा किसानों से जुड़े बिल को वापस लेने के लिए रिट याचिका दायर की गई है. सुप्रीम कोर्ट के समक्ष टीएन प्रतापन के वकील आशीष जॉर्ज, एडवोकेट जेम्स पी थॉमस और एडवोकेट सीआर रेखेश शर्मा पेश होंगे.

ट्रैक्टर में आग मामले में 5 लोगों को हिरासत में लिया:  
वहीं दूसरी ओर दिल्ली पुलिस ने इंडिया गेट के पास ट्रैक्टर में आग मामले में 5 लोगों को हिरासत में लिया है. इनकी पहचान मनजोत सिंह, रमन सिंह, राहुल, साहिब और सुमित के तौर पर हुई है. ये सभी पंजाब के हैं. उनसे पूछताछ की जा रही है एक गाड़ी भी बरामद हुई है.

कांग्रेस सांसद ने सुप्रीम कोर्ट में कृषि अधिनियम को दी चुनौती, कानून वापस लेने की मांग

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नई दिल्ली: कृषि बिल के खिलाफ सड़क पर जारी प्रदर्शन का मसला अब सुप्रीम कोर्ट में पहुंच गया है. केरल से कांग्रेस सांसद टीएन प्रतापन ने कृषि अधिनियम को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है. संसद द्वारा किसानों से जुड़े बिल को वापस लेने के लिए रिट याचिका दायर की गई है. सुप्रीम कोर्ट के समक्ष टीएन प्रतापन के वकील आशीष जॉर्ज, एडवोकेट जेम्स पी थॉमस और एडवोकेट सीआर रेखेश शर्मा पेश होंगे.

ट्रैक्टर में आग मामले में 5 लोगों को हिरासत में लिया:  
वहीं दूसरी ओर दिल्ली पुलिस ने इंडिया गेट के पास ट्रैक्टर में आग मामले में 5 लोगों को हिरासत में लिया है. इनकी पहचान मनजोत सिंह, रमन सिंह, राहुल, साहिब और सुमित के तौर पर हुई है. ये सभी पंजाब के हैं. उनसे पूछताछ की जा रही है एक गाड़ी भी बरामद हुई है.

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कर्नाटक में जदएस के कार्यकर्ताओं ने शिवमोगा में एक बाइक रैली निकाली:
कर्नाटक में भी आज कृषि बिल का विरोध देखने को मिल रहा है. कर्नाटक में जनता दल सेक्युलर (जदएस) के कार्यकर्ताओं ने शिवमोगा में एक बाइक रैली निकाली, उन्हें पुलिस ने लक्ष्मी थिएटर सर्कल पर रोक दिया. कृषि कानून, भूमि सुधार अध्यादेश, कृषि उपज मंडी समिति में संशोधन और श्रम कानूनों के खिलाफ किसान संगठनों ने आज राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया है. 

कृषि कानून के खिलाफ देशभर में विरोध प्रदर्शन जारी:
बता दें कि कृषि कानून के खिलाफ देशभर में विरोध प्रदर्शन जारी है. दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश जैसे क्षेत्रों में इसका व्यापक असर देखने को मिल रहा है.