किसानों को नहीं मिल रहा कपास का उचित दाम, खरीद केंद्र नहीं होने से आढ़तियों को कपास बेचने को मजबूर

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/11/13 09:11

सुल्ताना(झुंझुनू): जिले के चिड़ावा उपखंड में कपास की अच्छी पैदावार हो रही हैं वहीं किसान कपास की खेती में रुचि भी ले रहे हैं. जिसके चलते इस बार करीब तीन हजार दो सौ हैक्टर में कपास की बुआई हुई. मगर किसानों का बड़ा दर्द हैं कि उन्हें ना तो कपास का समर्थन मूल्य मिल रहा हैं और ना ही इलाके में सरकार की और से खरीद केंद्रों की स्थापना की गई हैं जिसके चलते उन्हें सही दाम नही मिल रहे हैं.  

कपास की खेती को लेकर किसानों में जागरूकता बढ़ी: 
जिले के चिड़ावा उपखण्ड में इन सालों में कपास की खेती को लेकर किसानों में जागरूकता बढ़ी हैं. वहीं क्षेत्र की जमीन भी कपास की अच्छी पैदावार कर रही हैं. जिसको लेकर क्षेत्र में किसान बड़ी संख्या में कपास की खेती कर रहे हैं और इस बार करीब तीन हजार दो सौ हैक्टर में कपास की बुआई हुई. कपास की अच्छी पैदावार से किसानों की आर्थिक स्थित में भी बदलाव आया हैं लेकिन बढ़ती पैदावार के साथ इलाके के किसानों का दर्द हैं कि उन्हें कपास का सही दाम नहीं मिल पा रहा हैं.

कपास की खरीद के लिए केंद्र नही होने से किसान खासे नाराज: 
किसान खेती में पूरी मेहनत कर पैदावार बढ़ा रहे हैं मगर सही मूल्य नही मिल पाने और कपास की खरीद के लिए केंद्र नही होने से किसान खासे नाराज हैं. कपास की अच्छी पैदावार ने इलाके में बुआई के क्षेत्रफल को बढ़ाया तो हैं मगर अब किसान को इसे बेचने को लेकर परेशानी का सामना करना पड़ रहा हैं. इलाके में कपास खरीद केंद्र नही होने से किसानों को कपास का समर्थन मूल्य नही मिल पा रहा हैं. केंद्र नहीं होने के कारण किसानों को कपास आढ़तियों को बेचनी पड़ रही हैं जिससे उन्हें प्रति क्विंटल 500 से 1000 रुपए तक का नुकसान हो रहा हैं.  

सरकार अपने स्तर पर मंडी में कपास खरीदने की सुविधा करें: 
इलाके के किसान की मांग हैं कि सरकार अपने स्तर पर मंडी में कपास खरीदने की सुविधा करें जिससे किसानों को कपास का सही दाम मिल सके. साथ ही सरकार किसानों को कृषि विभाग से भी जोड़े ताकि किसानों को कपास की खेती उन्नत जानकारी मिले और खेती में आ रही परेशानी पर दवाओं की जानकारी तकनीकी आधार पर दे ताकि किसानों की पैदावार में और इजाफा हो.

कपास उत्पादक किसानों को लागत के साथ मुनाफा भी मिले:  
जहां किसानों को पैदावार की लागत नहीं मिलती है ऐसे में सरकार अनेकों जतन भी करती है. सरकार को चाहिए कि कपास उत्पादक किसानों के लिए तकनीकी मुहैया कराकर उनकी लागत के साथ मुनाफा भी मिल सके तभी किसानों का सरकार के प्रति विश्वास और पैदा होगा.

...कृष्ण सिंह शेखावत सुल्ताना, झुंझुनू 1st इंडिया न्यूज राजस्थान

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