ओलावृष्टि के बाद जल्द मुआवजा नहीं मिलने पर किसानों ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/04/17 08:30

श्रीविजयनगर। श्रीविजयनगर क्षेत्र में लगातार दो दिन से जारी भयंकर आंधी-तूफान वह ओलावृष्टि ने किसानों की पक्की हुई फसल को तबाह कर दिया है। किसानों पर हुए इस वज्रपात के बाद अब किसान मुआवजे की मांग को लेकर 40 GB गुरु घर में बैठक की। इस बैठक में श्रीविजयनगर सहित श्रीगंगानगर जिले के सभी दिग्गज किसान नेता मौजूद है। 

किसानों ने सरकार पर आरोप लगाया कि सरकारों ने फसल बीमा के नाम पर किसानों से भारी राशि वसूल किया, परंतु मुआवजे के नाम पर किसानों को कुछ भी नहीं मिल रहा है। 2 दिनों के अंदर मुआवजा नहीं मिलने पर किसानों ने उग्र आंदोलन की भी चेतावनी दी है। 40 GB गुरद्वारा में हुई बैठक में गंगानगर किसान समिति संयोजक रंजीत सिंह राजू, किसान नेता पृथ्वीपाल सिंह संधू, श्योपतराम मेघवाल, राजा हेयर, प्रेम ख़ख सहित सैकड़ों की संख्या में किसान मौजूदा रहे।

श्रीविजयनगर के ग्रामीण क्षेत्रों में हुई ओलावृष्टि से किसानों को भारी नुकसान हुआ है। कुदरत ने धरती पुत्रों पर भारी कहर बरपाया है। श्रीविजयनगर तहसील के गांव 40 जीबी, 39 जीबी, 38 जीबी, 45 जीबी, 44 जीबी अन्य क्षेत्रों में बीती रात को तेज आंधी व तूफान किसानों के लिए परेशानी का केंद्र बना हुआ था। सोमवार के बाद मंगलवार को फिर कुदरत ने किसानों पर कहर बरपाया क्षेत्र में 10 से 15 मिनट तक हुई ओलावृष्टि से किसानों की फसलों पर सफेद चादर बिछ गई। ओलावृष्टि से किसानों को भारी नुकसान हुआ। ओलावृष्टि के बाद अनूपगढ़ सूरतगढ़ मार्ग पर बर्फ की सफेद चादर बिछ गई। 15 से 20 मिनट तक हुई ओलावृष्टि में किसानों की 100% तक फसल तबाह हो गई। हालांकि इस नुकसान के बाद प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मामले में नुकसान का आकलन कर प्रशासनिक अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है। 

फर्स्ट इंडिया की पड़ताल में सामने आया कि ओलावृष्टि प्रभावित दर्जनभर गांवों में किसानों की शत-प्रतिशत फसल खराब हो गई है। जबकि स्थानीय प्रशासन इस खराबे को 50% तक ही मान रहा है। वहीं बैठक में मौजूद नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने त्रासदी का इतनी जल्दी से आंकलन कैसे कर लिया। नेताओं ने कहा कि त्रासदी में किसानों की 100% फसल खराब हो चुकी है। किसान नेताओं ने इस खराबे को लेकर 100% तक मुआवजे की मांग की है।

फर्स्ट इंडिया न्यूज ने 40 GB खेत में पहुंच कर नुकसान का जायजा लिया। पड़ताल में 40 GB क्षेत्र व आसपास के लगभग 5 किलोमीटर क्षेत्र में किसानों की फसल ओलावृष्टि से संपूर्ण तबाह हो चुकी है। इसको लेकर उपखंड प्रशासन तहसीलदार वह पटवारियों की टीम भी ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर सर्वे कर रही है, परंतु प्रशासन ने प्राथमिकी दृष्टि में नुकसान को 50% तक माना है, जबकि किसानों इसें शत प्रतिशत नुकसान मांग रहे हैं।

... श्रीविजयनगर कमल मिड्‌ढा की रिपोर्ट 

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