समर्थन मूल्य पर उपज बेचने वाले किसानों को शीघ्र होगा भुगतान - उदयलाल आंजना

Nirmal Tiwari Published Date 2019/01/24 09:01

जयपुर। समर्थन मूल्य पर उपज बेचने वाले किसानों को शीघ्र भुगतान किया जाएगा। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत किसानों के प्रति संवेदनशील है और उन्होंने राजफैड को 1000 करोड़ रूपये के रिवॉल्विंग फंड उपलब्ध कराने की घोषणा कर दी है। भारत सरकार से राशि प्राप्त नहीं होने की स्थिति में राज्य सरकार के स्तर से किसानों को भुगतान के प्रयास किए जा रहे हैं। विधानसभा में सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना ने जानकारी दी।

मंत्री आंजना प्रश्नकाल के दौरान विधायकों के पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने बताया कि काश्तकार से निर्धारित गाइड लाइन के अनुसार समर्थन मूल्य पर राज्य सरकार किसानों से खरीद करती है। उन्होंने बताया कि भारत सरकार द्वारा खरीद के पेटे राशि प्राप्त होने पर किसानों को भुगतान की राशि जारी होती है। सहकारिता मंत्री ने बताया कि करीब 2000 किसानों को मूंग खरीद के टोकन जारी किए थे। ऐसे किसानों के हितों की रक्षा के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है। मूंग खरीद के पेटे 678 करोड़ का भुगतान किसानों को किया जाना है। भारत सरकार ने मूंग, उड़द, मूंगफली एवं सोयाबीन के पेटे 460 करोड़ रूपये राजफैड को जारी किए है। 

उन्होंने सदन को आश्वस्त किया कि किसानों को समय पर भुगतान किया जाएगा। उन्हे निराश नहीं होने दिया जाएगा। मूंग खरीद अवधि बढाने के लिए मुख्यमंत्री के स्तर से प्रधानमंत्री को पत्र लिखा गया है एवं अधिकारी गण भी लगातार भारत सरकार के संपर्क में है। उन्होंने बताया कि सरकार किसानों के प्रति संवेदनशील है।इससे पहले विधायक संतोष के मूल प्रश्न का जवाब देते हुए सहकारिता मंत्री ने बताया कि कृषि विभाग से प्राप्त आंकडों के अनुसार गत वर्ष 2017-18 में मूंग की बुवाई का क्षेत्रफल 22,49,619 हैक्टेयर तथा उत्पादन 9,71,322 मै. टन रहा। उन्होंने बताया कि गत खरीफ सीजन 2017-18 में बीकानेर संभाग में मूंग खरीद हेतु कुल 30 स्थानों पर क्रय केन्द्र स्थापित किये गये थे। उन्होंने जिनका जिलेवार विवरण सदन के पटल पर रखा। उन्होंने बताया कि भारत सरकार द्वारा गत खरीफ अर्थात खरीफ 2017 उपार्जन अवधि 90 दिवस निर्धारित की गई थी, जिसे बढाया जाकर 120 दिवस किया गया। उन्होंने बताया कि मूंग पैकेजिंग हेतु भारत सरकार द्वारा 50 किलो प्रति कटृा भर्ती निर्धारित है। उन्होंने सन्दर्भित आदेशों की प्रति सदन के पटल पर रखी।  

आंजना ने बताया कि बाजार एवं समिति के खरीद केन्द्र पर जो फसल एफ.ए.क्यू. होती है उसकी खरीद की जाती है और समिति खरीद की गयी फसल का ही रिकार्ड संधारित करती है। बीकानेर संभाग के बीकानेर, हनुमानगढ, गंगानगर व चूरू जिलों में मूंग खरीद हेतु स्थापित खरीद केन्द्रों पर लगे कांटों पर एफ.ए.क्यू. किस्म की मूंग की 28313.97 मै. टन की खरीद की गई। उन्होंने किसानों को खरीद एवं भुगतान की जिलेवार सूचना सदन के पटल पर रखी। समर्थन मूल्य पर खरीद भारत सरकार के द्वारा जारी पी.एस.एस. गाईड लाइन्स के प्रावधानों के अन्तर्गत की जाती है। वर्तमान खरीफ 2018 अर्थात खरीद वर्ष 2018-19 सीजन में बीकानेर संभाग में 40534.27 मै. टन मूंग की खरीद की जाकर 25035 किसानों को 110.07 करोड़ रू. का भुगतान किया गया है। आंजना ने बताया कि  प्रदेश में 18 जनवरी 2019 तक 67663 किसानों को 796.14 करोड़ रू. का भुगतान सीधे ही कृषकों के खाते में जारी किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि नैफेड से प्राप्त पुनर्भरण राशि तथा राजफैड के पास उपलब्ध वित्तीय संसाधनों से किसानों को समय पर भुगतान किया जा रहा है।

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