VIDEO: पिता ही निकला बेटे का हत्यारा, फिर बनाई अपहरण की झूठी कहानी

VIDEO: पिता ही निकला बेटे का हत्यारा, फिर बनाई अपहरण की झूठी कहानी

पिंडवाड़ा(सिरोही): जिले के पिंडवाड़ा थाने में दर्ज पंकज सुथार हत्याकांड का आज 19 दिन बाद आखिरकार पुलिस ने पूरे मामले से पर्दा उठा दिया हैं. पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए मृतक पंकज सुथार के पिता प्रवीण सुथार सहित कुल पांच आरोपियों को हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर लिया हैं. पुलिस के अनुसार मृतक पंकज सुथार और उसके पिता प्रवीण सुथार में कई दिनों से अनबन चल रही थी. जिसको लेकर कई बार पुत्र पंकज ने पिता का गिरेबान तक पकड़ा था. जिससे खफा होकर पिता प्रवीण सुथार ने बेटे को मारने की योजना बनाई और बेटे को मारने के लिए पांच लोगों को एक लाख पच्चीस हजार रुपयों की सुपारी दी गई.

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मफलर से पंकज का गला दबाकर हत्या की:
घटना के दिन जब पंकज हमेशा की तरह बस से जनापुर चौराहे पर उतरा, जहां से उसके पिता प्रवीण सुथार ने उसे मोटरसाइकिल पर बिठाया और लकड़ी खरीदने का कहकर उसे हाईवे की तरफ लेकर गया. पहले तो उसने अपने पुत्र का मोबाइल लिया फिर अपने पास रखे एक दूसरे मोबाइल से हत्या के लिए हायर किए लोगों को बुलाया. वहां पहले से घात लगाकर बैठे प्रवीण सुथार के हायर किए गए लोग एक कमांडर गाड़ी लेकर आए, और पंकज को गाड़ी में बैठाकर सुनसान जगह पर लेकर गया. रात के अंधेरे में उन लोगों ने मफलर से पंकज का गला दबाकर हत्या कर दी. सबूत मिटाने के लिए शव पर पेट्रोल छिड़कर आग के हवाले कर दियाऔर हत्यारे वहां से फरार हो गए और इसकी सूचना प्रवीण सुथार को भी दे दी. जिस पर प्रवीण सुथार सीधे जनापुर चौराहे पहुंचा और पंकज के अपहरण की कहानी गढ़ी गई. पिंडवाड़ा थाने पहुंचकर अपहरण होने की रिपोर्ट पेश की. लेकिन प्रवीण सुथार के जनापुर चौराहे पहुंचने की पुष्टि नही होने के चलते पिंडवाड़ा पुलिस ने यह कहते हुए मामला दर्ज नही किया कि पंकज को अंतिम बार सिरोही में देखा गया था तो मामला भी सिरोही कोतवाली थाने में दर्ज किया जाएगा. जिस पर दूसरे दिन कोतवाली थाने में मामला दर्ज करवाया गया. 

आरोपी पिता ने पुलिस का ध्यान भटकाने का प्रयास किया:
वहीं मामला दर्ज होने के दूसरे दिन यानी 23 जनवरी को पंकज का शव रोहिड़ा थाना क्षेत्र के सिलवा फली के पास जंगलों में अधजली अवस्था में पड़ा मिला. शव की शिनाख्त के लिए जब प्रवीण सुथार को मौके पर बुलाया तो उसने तुरन्त शव की शिनाख्त कर इसे पंकज का शव होना बताया. पुलिस ने पिता की रिपोर्ट पर हत्या का मामला दर्ज कर पिंडवाड़ा थाना पुलिस ने अज्ञात हत्यारों की तलाश शुरू की. इस बीच आरोपी ने शातिराना अंदाज में पुलिस का ध्यान भटकाने व परिवार पर शक नही करें, उसके पूरे प्रयास किए. पहले तो जब तक हत्यारों की गिरफ्तारी नही हो तब तक शव नहीं उठाने की जिद पर अड़ गया. पुलिस प्रशासन की समझाइश के बाद शव का अंतिम संस्कार किया गया. 

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हत्यारे पिता ने पुलिस पर लगाए ढिलाई बरतने का आरोप:
पुलिस इस गुत्थी को सुलझाने में लगी हुई थी कि प्रवीण सुथार ने एक बार फिर से समाज बंधुओं और ग्रामीणों को एकजुट कर पिंडवाड़ा थाने का घेराव करवाया. करीब चार घण्टे तक पिंडवाड़ा शहर का बाजार बंद रहा, लोगों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए. हत्यारे पिता ने सिरोही विधायक से मिलकर पिंडवाड़ा थानाधिकारी सुमेरसिंह पर ढिलाई बरतने की शिकायत की. विधायक संयम लोढ़ा ने इस मामले को हाईप्रोफाइल बनाने के लिए विधानसभा तक लेकर गए. पिंडवाड़ा सीआई सुमेरसिंह को हटाने की भरसक कोशिश की गई. लेकिन सीआई सुमेरसिंह अपनी टीम के साथ पंकज के हत्यारे को ढूंढने के लिए आधुनिक तकनीक के सहारे दिन रात लगे रहे. देर रात जब मामले की पहली कड़ी उनके हाथ लगी और सीधे शक की सुई मृतक के पिता पर आई, तो डिप्टी किशोरसिंह, सीआई सुमेरसिंह रात को ही उसके घर गए और प्रवीण सुथार को थाने लाया गया. प्रवीण से मनोवैज्ञानिक तरीके से पूछताछ की तो एक के बाद एक राज खुलते गए और स्वयं प्रवीण सुथार ने अपने बेटे की हत्या के लिए सुपारी देने का पूरा राज खोल दिया. पुलिस ने चार हत्यारो को भी गिरफ्तार कर लिया हैं. वहीं एक आरोपी अभी तक पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं.

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