जालोर VIDEO: ब्लैकमेल के डर से महंत पारस भारती ने रची झूठी अपहरण की कहानी, एसपी ने पूरे मामले का किया खुलासा 

VIDEO: ब्लैकमेल के डर से महंत पारस भारती ने रची झूठी अपहरण की कहानी, एसपी ने पूरे मामले का किया खुलासा 

VIDEO:  ब्लैकमेल के डर से महंत पारस भारती ने रची झूठी अपहरण की कहानी, एसपी ने पूरे मामले का किया खुलासा 

जालोर: राजस्थान के जालोर जिले के वालेरा मठ के महंत पारस भारती ने अपने 3 साथियों के साथ मिलकर अपने अपहरण की झूठी कहानी रची थी. महंत ने अपने विरोधियों को बदनाम करने के लिए यह पूरा हाईवोल्टेज ड्रामा किया था. बाबा ने अपने साथियों के साथ मिलकर गाड़ी के शीशे तोड़े और फिर किसी मठ में चले गए थे. 3 दिन गायब रहने के बाद महंत अचानक सिरोही के रेवदर कस्बे के आबकारी थाने पहुंचे और किडनैपर्स के जीरावल रोड पर नाले के पास छोड़कर जाने की बात कही. हालांकि पुलिस पूछताछ में महंत ने खुद ही अपहरण की झूठी कहानी बनाने का क़बूल किया हैं.

पूरे मामले में आज एसपी हर्षवर्धन अग्रवाला ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस कर पूरे मामले का खुलासा किया. एसपी हर्षवर्धन अग्रवाला ने बताया कि रविवार शाम को महंत के सिरोही जिले के रेवदर कस्बे में मिलने पर जालोर की कोतवाली पुलिस एसएचओ अरविंद कुमार की टीम रेवदर पहुंचकर महंत को जालोर लेकर आई और पूछताछ की, जिसमें महंत पारस भारती ने अपहरण की साजिश रचना कबूल कर लिया. एसपी ने बताया की कुछ दिनों से 5 व्यक्ति उनका कोई वीडियो होने की बात कहकर महंत को ब्लैकमेल कर रहे थे और पैसे मांग रहे थे. 

उन्होंने आरोपियों से पीछा छुड़ाने के लिए अपने 3 साथियों मोवनाराम पुत्र वदाराम, भवाराम उर्फ भुपेन्द्र पुत्र मोबनाराम निवासी वालरा और सूजाराम पुत्र वगताराम निवासी मंगलवा के साथ मिलकर खुद अपने अपहरण की कहानी रची थी. प्लान के मुताबिक वह जागरण में जाने के लिए निकले. इस दौरान रास्ते में अपनी गाड़ी के शीशे तोड़े और अपने जूते-कपड़े बिखेरकर किडनैप की घटना का रूप दिया. इसके बाद अपने पहचान वाले की मदद से सिरोही के पोसीन्द्रा स्थित धर्मनाथ जी महादेव मंदिर चले गए, जहां 3 दिन छुपे रहे. 

एसपी ने बताया कि महंत पारस भारती को ब्लैकमेल कर रुपए मांगने और रुपए नहीं देने पर बदनाम करने की धमकी देने वाले आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है और उनको डिटेन कर पूछताछ की जा रही है. पुलिस ने नागेन्द्र सिंह (30) पुत्र मोहनलाल निवासी जेठन्तरी, अभयसिंह (37) पुत्र रामसिंह निवासी मनणों का वास जसोल, छतरसिंह (38) पुत्र हडमता सिंह निवासी इन्द्राणा, महावीर (24) पुत्र सूजाराम घांची निवासी कनाना और जोग सिंह (30) पुत्र भंवरसिंह निवासी जेठन्तरी को डिटेन किया है.

आपको बता दें कि वालेरा स्थित दुदेश्वर महादेव मठ के महंत पारस भारती गुरुवार रात को किसी जागरण में जाने की कह कर निकले थे. शुक्रवार सुबह महंत की गाड़ी वालेरा ग्राम में ही कांखी रोड पर शीशे टूटे मिली और गाड़ी में महंत के जूते व कुछ कपड़े बिखरे मिले थे. ग्रामीणों ने अज्ञात लोगों द्वारा किडनैप की जानकारी सायला पुलिस को दी थी. पुलिस की 6 टीमें महंत को खोजने में जुटी हुई थी. जालोर एसपी ने महंत के ढूंढने पर 5 हजार का इनाम भी घोषित किया था. लेकिन महंत के सामने आते ही पूरी अपहरण की कहानी ही झूठी निकाली. पुलिस को पूरे मामले में पहले से ही संदेह था जिसको लेकर पुलिस हर संभावित पहलू पर जांच कर रही थी लेकिन महंत के सामने आने के बाद पूरे मामले का खुलासा हो गया. 

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