नई दिल्ली भीषण गर्मी में 7 माह के बच्चे को गोद में लेकर ड्यूटी कर रही महिला कांस्टेबल, एक साथ निभा रही दो फ़र्ज़

भीषण गर्मी में 7 माह के बच्चे को गोद में लेकर ड्यूटी कर रही महिला कांस्टेबल, एक साथ निभा रही दो फ़र्ज़

भीषण गर्मी में 7 माह के बच्चे को गोद में लेकर ड्यूटी कर रही महिला कांस्टेबल, एक साथ निभा रही दो फ़र्ज़

नई दिल्ली: मां की ममता ही व्यक्ति को श्रेष्ठ बनाती है, क्योंकी मां ही जिंदगी का विश्वास होती है, जब समय आता है तो वह मां अपने आपको साबित करने में पीछे नहीं हटती, एक ऐसा ही उदाहरण असम में देखने को मिला है. जहां पर एक महिला कांस्टेबल अपने सात माह के बच्चे को लेकर देश का फर्ज अदा करने के लिए अपनी ड्यूटी पर लौट आयी है.

दरअसल हुआ कुछ ऐसा की इस महिला कांस्टेबल  की मैटर्निटी लीव्स (गर्भावस्था के दौरान मिलने वाली छुट्टियां) समाप्त हो चुकी थीं. जिसके कारण इस महिला को अपने सात माह के बच्चे को लेकर ही काम पर लौटना पड़ा. हालांकि महिला ने मैटर्निटी लीव्स को बढ़ाने का आग्रह भी किया था लेकिन इसका यह आग्रह स्वीकार नही किया गया था.

इसलिए कांस्टेबल सच्चिता रानी रॉय रोज अपने सात माह के बच्चे के साथ सुबह 10.30 बजे अपने कार्यालय पहुंच जाती हैं और पूरे दिन काम करने के बाद हि घर जाती हैं. इस विषय पर जब कांस्टेबल सच्चिता रानी रॉय से पूछा गया तो उन्होंने कहा की उनके पास अपने बच्चे को काम पर लाने के अलावा अब और कोई विकल्प शेष नहीं है.

क्योंकी उनके घर पर बच्चे को संभालने वाला कोई नहीं है, इसी वजह से उन्होंने मैटर्निटी लीव्स बढ़ाने का आग्रह किया था लेकिन यह अस्वीकार कर दिया गया था. इसलिए अब उनके पास बच्चे को अपने साथ ड्यूटी पर लाने के अलावा कोई विकल्प बाकी नहीं रह गया. इस बारे में आगे बात करते हुए सच्चिता रॉय ने अपने साथ काम करने वाले सहयोगियों का भी शुक्रिया अदा किया है. 

वह बताती हैं कि जब मेरे पास ज्यादा काम होता है तो उस समय मेरे साथ काम करने वाले साथी मेरे बच्चे का काफी ध्यान रखते हैं. और काफी देखभाल भी करते हैं, सच्चिता बताती हैं कि वह काम से थोड़ा जल्दी भी निकल जाती है क्योंकी पूरा दिन बच्चे को साथ रखना काफी मुश्किल हो जाता है, तो वहीं लोग सच्चिता रॉय के काम और अपने बच्चे के प्रति समर्पण कि भावना कि सराहना करते हुए नहीं थक रहे हैं.

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