VIDEO: झालाना लेपर्ड सफारी से मिली खुशखबरी, मादा लेपर्ड गजल दिखी 2 शावकों के साथ

VIDEO: झालाना लेपर्ड सफारी से मिली खुशखबरी, मादा लेपर्ड गजल दिखी 2 शावकों के साथ

जयपुर: सृजन की शक्ति संकट पर हमेशा भारी रही है. आज झालाना लेपर्ड सफारी में सृजन की ताकत एक बार फिर देखने को मिली. कोरोना संकट के दौर में झालाना लेपर्ड सफारी से आज खुशखबरी मिली. लेपर्ड सफारी की मादा लेपर्ड गजल 2 शावकों के साथ नजर आई. दो दिन पहले भी मादा लेपर्ड बसन्ती ने भी एक शावक को जन्म दिया था. लेपर्ड सफारी में इस वर्ष अभी तक 9 शावकों का जन्म हो चुका है. इस समय लेपर्ड सफारी में लेपर्ड की कुल संख्या 41 तक पहुंच गई है. इससे पहले 14 मई को एलके कैमरा ट्रैप में तीन शावकों के साथ दिखी थी दिखी थी और 20 जून को मिसेज खान भी तीन शावकों के साथ नजर आई.

लेपर्ड सफारी में पैंथर्स की संख्या हो गई है  41:

अब गजल और बसन्ती के कैमरा ट्रैप में शावकों के साथ दिखने से लेपर्ड सफारी में पैंथर्स की संख्या 41 हो गई है. लेपर्ड की संख्या में लगातार वृद्धि से जंगलात महकमे में खुशी की लहर दौड़ गई. मादा लेपर्ड एलके का यह पांचवां लिटर था. मिसेज खान का सातवां और बसंती का यह पहला लिटर है. कुल 5 बार में एलके ने कुल 13 शावकों को जन्म दिया है. लेपर्ड सफारी के मशहूर लेपर्ड बॉन्ड, टिमटिम, चंदा और चांदनी सभी एलके के ही बच्चे हैं. बड़ी बात यह है कि एलके को बहुत ही अनुभवी और समझदार मां माना जाता है. इसके पीछे कारण यह है कि एलके के सभी शावक सरवाइव कर रहे हैं यानी यह एकमात्र ऐसी मादा लेपर्ड है जिसके सभी बच्चे जीवित हैं.

ट्रैकिंग के जरिए शावकों के आसपास बढ़ा दी गई है  मॉनिटरिंग:

मिसेज खान ने भी 7 लिटर में 13 शावकों को जन्म दिया है. अन्य लेपर्ड्स से अपना बच्चों की सुरक्षा कैसे की जाती है यह एलके से बेहतर कोई नहीं जानता. बहरहाल बसंती और उसके शावक को देखने के बाद रेंजर जनेश्वर चौधरी और उनकी पूरी टीम मॉनिटरिंग में जुट गई है. सर्विलांस कैमरे, कैमरा ट्रैप और ट्रैकिंग के जरिए शावकों के आसपास मॉनिटरिंग बढ़ा दी गई है.स्टेट वाइल्डलाइफ बोर्ड के सदस्य धीरेंद्र गोधा ने झालाना लेपर्ड सफारी को न केवल राजधानी जयपुर की शान बताया है वरन एक आदर्श कंजर्वेशन रिजर्व के तौर पर झालाना को देशभर में मिसाल बताया है.

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