VIDEO: ऑटो इंडस्ट्री में हाहाकार! नई गाड़ी का इन्तजार हो सकता है लंबा, देखिए ये खास रिपोर्ट

VIDEO: ऑटो इंडस्ट्री में हाहाकार! नई गाड़ी का इन्तजार हो सकता है लंबा, देखिए ये खास रिपोर्ट

जयपुर: त्योहारी सीजन में अगर आप कार या बाइक खरीदने की सोच रहे हैं तो डिलीवरी के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है. वजह है सेमीकंडक्टर चिप की भारी कमी और मांग में तेजी. इस चिप की कमी से वाहनों का उत्पादन घट गया है, जिससे लोगों को गाड़ियों की डिलीवरी के लिए एक से छह महीने तक इंतजार करना पड़ रहा है.भारतीय ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री के लिए साल 2020 का त्योहारी सीजन थोड़ा ठीक रहा था लेकिन साल 2021 में कंपनियां ऐसा बिल्कुल उम्मीद नहीं कर रही हैं. पिछले साल कोरोना महामारी होने के बावजूद हर कंपनी ने साल के अंत और उसके बाद अच्छे सेल्स आंकड़े हासिल किए थे,एक तरफ जहां सबकुछ नॉर्मल हो रहा है और लोग अपने व्यापार और बाकी की चीजों पर फोकस कर रहे हैं तो वहीं ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री के लिए ये वक्त काफी मुश्किलों वाला है. जी हां इसकी वजह है पूरी दुनिया में ग्लोबल चिप शॉर्टेज होना.चिप की शॉर्टेज यानी की गाड़ी का दिमाग. 

गाड़ी में जो भी फंक्शन होते हैं वो सभी चिप की मदद से होते हैं. लेकिन वर्तमान में सभी ऑटो मैन्युफैक्चर्स को इसकी दिक्कत हो रही है. कंपनियां पहले ही अपने प्रोडक्शन में कटौती का ऐलान कर चुकी हैं. ऐसे में अब गाड़ियों की कीमतों को भी बढ़ा दिया गया है. लेकिन जैसे जैसे चिप की कमी से देरी हो रही है, इसका सीधा असर अब ग्राहकों पर पड़ने लगा है. राजधानी जयपुर में भी दर्जनभर गाड़ियों के लिए लंबी वेटिंग मिल रही है. पहले चिप शॉर्टेज का असर सिर्फ लग्जरी गाड़ियों पर ही दिख रहा था लेकिन अब हर सेगमेंट की गाड़ियों की डिलीवरी चिप शॉर्टेज की कमी से लेट हो रही हैं.

ऑटोमोबाइल सेक्टर से जुड़े लोगों के अनुसार देश और दुनिया में हजारों गाड़ियां बनकर तो तैयार हैं लेकिन चिप शॉर्टेज की वजह से यह गाड़ियां बिक्री के लिए उपलब्ध नहीं हो पा रही है

दीपावली के त्योहारी सीजन पर सैकड़ों लोग गाड़ी खरीदने की प्लानिंग करते हैं लेकिन लंबी वेटिंग के कारण इस बार लोगों का गाड़ी खरीदने का सपना लेट होता दिखाई दे रहा है.ऑटोमोबाइल सेक्टर से जुड़े लोग यह उम्मीद कर रहे थे कि कोरोना का प्रभाव कम होने के बाद त्योहारी सीजन पर अच्छी संख्या में गाड़ियों की बिक्री होगी और सेक्टर में घूम आएगा लेकिन ग्लोबल चिप शॉर्टेज में ऑटोमोबाइल सेक्टर से जुड़े लोगों की उम्मीदों को झटका लगा है. ऑटोमोबाइल सेक्टर के साथ ही इसका असर परिवहन विभाग पर भी देखने को मिलेगा क्योंकि परिवहन विभाग को गाड़ियों की बिक्री से काफी अच्छा राजस्व मिलता है, लेकिन रिपोर्ट इसकी वजह से गाड़ियों की बिक्री त्योहारी सीजन पर लेट हो गई तो परिवहन विभाग को भी कम राजस्व मिलेगा.

साल के सबसे बड़े त्योहारी सीजन से ऑटोमोबाइल सेक्टर को हर बार खासी उम्मीद रहती है,लेकिन इस बार ऑटोमोबाइल सेक्टर में सेमीकंडक्टर चिप शॉर्टेज के कारण  गाड़ियों की काफी मारामारी चल रही है. हालात ये हैं कि जयपुर में भी कई गाड़ियों के लिए 1 साल तक की वेटिंग मिल रही है.

क्या है ये सेमीकंडक्टर चिप:
-वहीं चीन, ताइवान और दूसरे यूरोपीय देशों में अभी भी चिप की शॉर्टेज है.
-चिप या सेमी कंडक्टर चिप में इलेक्ट्रिक सर्किट होता है, जिसमें सेमीकंडक्टर वेफर पर दूसरे कंपोनेंट्स जैसे ट्रांजिस्टर और वायरिंग होती है.
- एक डिवाइस में कई सेमीकंडक्टर चिप होती हैं, जो एक इंटीग्रेटेड सर्किट (आईसी) बनाती हैं, जो कई गैजेट्स और इलेक्ट्रिक डिवाइसेज में काम आता है.
-वहीं मॉर्डन कारों में इलेक्ट्रिक सर्किट की भरमार होती है, क्योंकि कारों में आ रहे लेटेस्ट फीचर इन्हीं पर बेस्ड होते हैं.
-यहां तक कि इंजन परफॉरमेंस, ऑटोमैटिक इमरजेंसी ब्रेकिंग जैसे फीचर भी इन्हीं के जरिए काम करते हैं.
-हालांकि चिप्स की शॉर्टेज से पूरी दुनिया की ऑटो इंडस्ट्री परेशान है, भारत इसमें अकेला नहीं है.

क्यों हो रही है शॉर्टेज:
-वहीं बड़ी बात यह है कि इन चिप्स की शॉर्टेज क्यों हो रही है.
-जैसा कि पहले बताया गया है कि ये सेमीकंडक्टर चिप हर लेटेस्ट डिवाइस और गैजेट की जरूरत हैं.
-महामारी के दौरान कंप्यूटर, लैपटॉप, स्मार्टफोन आदि की मांग में बेतहाशा बढ़ोतरी हुई.
-जिससे चिप मेकर्स के ऊपर बोझ बढ़ गया और सप्लाई में दिक्कत शुरू हो गई.
-कोरोना वायरस की वजह से सेमीकंडक्टर चिप के प्रोडक्शन पर असर पड़ा.
-क्योंकि अभी भी कई कंपनियां मैनपावर की शॉर्टेज से जूझ रही हैं.
-जिसका असर ऑटोमोबाइल सेक्टर पर भी पड़ना लाजिमी है.

जानकार बताते हैं कि पहली बार ग्लोबल चिप्स कि इस तरह से कमी आई है कि गाड़ियों के प्रोडक्शन पर भी खासा असर पड़ रहा है.क्योंकि यह समस्या पूरे विश्व मे है इसलिए इसके जल्द सही होने के भी आसार नहीं है, ऐसे में इस बार का त्योहारी सीजन ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए बहुत ज्यादा अच्छा रहने वाला नहीं है.

...फर्स्ट इंडिया के लिए शिवेंद्र परमार की रिपोर्ट 

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