15वीं राजस्थान विधानसभा का पांचवां सत्र, सरकार के विश्वास प्रस्ताव पर बहस, गुलाबचंद कटारिया के वक्तव्य पर हुआ हंगामा

15वीं राजस्थान विधानसभा का पांचवां सत्र, सरकार के विश्वास प्रस्ताव पर बहस, गुलाबचंद कटारिया के वक्तव्य पर हुआ हंगामा

15वीं राजस्थान विधानसभा का पांचवां सत्र, सरकार के विश्वास प्रस्ताव पर बहस, गुलाबचंद कटारिया के वक्तव्य पर हुआ हंगामा

जयपुर: 15वीं राजस्थान विधानसभा के पंचम सत्र में सरकार के विश्वास प्रस्ताव पर बहस हो रही है. इस पर नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया अपना वक्तव्य दे रहे है. गुलाबचंद कटारिया ने राज्यपाल को लेकर मुख्यमंत्री गहलोत की टिप्पणी पर कहा आपके मन में जहर भर गया था और ध्यान भी नहीं रहा कि आप मुख्यमंत्री है. SOG ने मुख्यमंत्री और मंत्री पर भी धारा 124 लगा दी, फिर आपको ही FR लगानी पड़ी. गुरुग्राम में SOG टीम जिन विधायकों को तलाश रही थी, वह विधायक आपके घर पर आपके साथ चाय पी रहा था. विधानसभा में सरकार के विश्वास प्रस्ताव पर बहस में नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया का वक्तव्य हुआ. इस दौरान सदन में जमकर हंगामा हुआ. स्पीकर ने हस्तक्षेप कर फिर हंगामे को शांत कराया. 

स्पीकर ने रखी बागी विधायकों के नोटिस पर बात:
विधानसभा में सरकार के विश्वास प्रस्ताव पर बहस में संसदीय कार्यमंत्री के रवैये पर स्पीकर की तल्खी. स्पीकर ने व्यवस्था और नियमों का हवाला देते हुए धारीवाल को बार-बार बीच में बोलने पर पर स्पीकर ने टोका. स्पीकर ने नाराजगी जताते हुए कह दिया-'कुर्सी छोड़ दूंगा. स्पीकर ने नाराजगी जताते हुए मुख्यमंत्री से भी हस्तक्षेप की मांग की. स्पीकर ने बागी विधायकों को नोटिस को लेकर भी बात रखी.

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सदन में विश्वास प्रस्ताव पर सतीश पूनियां का वक्तव्य:
सदन में विश्वास प्रस्ताव पर सतीश पूनियां ने अपना वक्तव्य देते हुए विश्वास प्रस्ताव पर विरोध दर्ज कराया है. पूनियां ने कहा कि अंताक्षरी क्रिकेट मैदान जैसी बातें थी.लेकिन चीख गैंगरेप और कोरोना की मौतों की भी थी. बात लोकतंत्र की कर रहे थे लेकिन सरकार बड़ेबंदी से चला रहे थे. लोकतंत्र की बात करते हैं तो क्यों भूल जाते हैं.आर्टिकल 356 का दुरुपयोग इन्होंने किया. आपातकाल का हिंदुस्तान की जनता हिसाब मांगेगी. राजस्थान का जुगाड़ मशहूर है जुगाड़ के लिए जादूगर भी मशहूर हैं. 2008 में और 2018 में एलीफेंट ट्रेडिंग के आविष्कारक आप हैं. जो पूरे के पूरे हाथी को निगलते हैं. राजस्थान का किसान आपसे जवाब मांगेगा. बेरोजगार आपकी सरकार से जवाब मांगता हैं आपके पास जवाब नहीं है.

सरहद पर सबसे मजबूत योद्धा को भेजा जाता है:
राजेंद्र राठौड़ के संबोधन के बीच में सचिन पायलट ने कहा आपने मेरी सीट में बदलाव किया और सीट को मैंने यहां पाया. पहले मैं वहां बैठता था तो सुरक्षित था, सरकार का हिस्सा था. फिर मैंने सोचा अध्यक्ष महोदय ने मेरी सीट यहां पर क्यों रखी है? 2 मिनट मैंने सोचा और देखा यह सरहद है, सरहद पर सबसे मजबूत योद्धा को भेजा जाता है. हम लोगों ने अपने मर्जी को जिस डॉक्टर को बताना था बता दिया. इलाज कराने के बाद अब हम सदन में सब लोग आए हैं, तो कहने सुनने वाली बातों से परे हटकर आज वास्तविकता पर ध्यान देना पड़ेगा. धरातल पर हमने संकल्प लिया. बैठकर बातें करें सारी बातें खत्म करके प्रवेश किया है, तो इस सरहद पर कितनी भी गोलाबारी हो. हम सब लोग हमें कवच और ढाल बनकर सुरक्षित रखने का काम करेंगे.

एक दूसरे के प्रति संदेह और घृणा:
भाजपा की ओर उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने कहा, आज इस सदन के अंदर मेरे सामने बैठे लोगों में उत्तेजना देख रहा हूं. एक दूसरे के प्रति संदेह और घृणा देख रहा हूं. इस प्रकार का दृश्य कभी देखा नहीं. आखिर 34 दिन बाद पांच सितारा का बाड़ा तोड़कर सर्वोच्च सदन में आए बहुत बेचैनी भी थी. संगीनों के पहले जैमर लगे होटल. बातचीत इंटरनेट पर कर नहीं पा रहे थे. शांति धारीवाल ने अपने भाषण में न्यायालय को नहीं छोड़ा. महाभारत के प्रसंग बता दिया महामहिम राष्ट्रपति को नहीं छोड़ा. देश के गृहमंत्री और प्रधानमंत्री का नाम ले दिया.डेढ़ महीने से राजस्थान इस हाईप्रोफाइल ड्रामा को देख रहा है. इस ड्रामे के निर्देशक निर्माता नायक और खलनायक कौन है? कल कुछ टूटे दिल मिले, लेकिन परिवार के मुखिया के रूप में मुख्यमंत्री कामयाब नहीं हुए. राठौड़ ने कानून व्यवस्था के क्रमवार आंकड़े गिनाते हुए कहा कि कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ रही है. 

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