ब्याज दर के मुद्दे पर घिरीं वित्त मंत्री, राहुल-प्रियंका ने कहा- गलती से कटौती का आदेश नहीं आया था, चुनावों का दबाव है

ब्याज दर के मुद्दे पर घिरीं वित्त मंत्री, राहुल-प्रियंका ने कहा- गलती से कटौती का आदेश नहीं आया था, चुनावों का दबाव है

ब्याज दर के मुद्दे पर घिरीं वित्त मंत्री, राहुल-प्रियंका ने कहा- गलती से कटौती का आदेश नहीं आया था, चुनावों का दबाव है

नई दिल्ली: बुधवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा दिए गए स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स पर ब्याज दरों में कटौती के आदेश को वापस लेना भारी पड़ गया है. इस पर अब राजनीतिक प्रतिक्रियाएं आनी लगी है. कांग्रेस के राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने टि्व्टर  के माध्यम से केंद्र सरकार पर निशाना साधा है. उन्होने वापस लिए गए आदेशों को चुनावी दबाव बताया है.

आदेश को वापस लेना महज एक नाटक:
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जब बुधवार के फैसले को आज सुबह-सुबह यह कहते हुए वापस ले लिया कि यह गलती से जारी हुआ था तो यह सवाल सबके जेहन में कौंधने लगा है. हालांकि कांग्रेस का तो दावा है कि ऐसा ही होने जा रहा है. पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने साफ कहा है कि विधानसभा चुनावों में संभावित नुकसान के डर से केंद्र ने ब्याज दर में कटौती का फैसला तुरंत वापस तो ले लिया है  लेकिन यह उसके अजेंडे में है जिसे चुनाव बाद लागू किया जाएगा.

 

राहुल का दावा- चुनाव बाद होगी ब्याज दर में कटौती:
राहुल और उनकी बहन प्रियंका ने ट्विटर पर केंद्र सरकार को आड़े हाथों लेते हुए उसके मंशे पर सवाल खड़ा किया. राहुल ने पेट्रोल-डीजल की महंगाई का हवाला देकर कहा कि बस चुनाव खत्म होने की देर है. केंद्र सरकार ब्याज दर भी घटाएगी. उन्होंने कहा कि ये सरकार जनता से लूट की है.

 

प्रियंका ने पूछा- गलती थी या है चुनावी नुकसान का डर?
वहीं, प्रियंका गांधी वित्त मंत्री के ट्वीट को रीट्वीट करते हुए गंभीर सवाल खड़ा कर दिया। उन्होंने पूछा कि ब्याज दर में कटौती का आदेश गलती से पारित हुआ था या फिर चुनावों का दबाव है? उन्होंने लिखा है कि भारत सरकार की योजनाओं पर ब्याज दर घटाने का आदेश क्या सच में गलती से जारी हुआ था या फिर चुनावों के मद्देनजर इसे वापस लिया गया? प्रियंका ने अपने इस ट्वीट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को भी टैग किया है.


गुरुवार सुबह पलटा बुधवार शाम का जारी आदेश:
ध्यान रहे कि सीतारमण ने छोटी बचत की केंद्रीय योजनाओं पर ब्याज दरें घटाने के आदेश को चूक बताते हुए इसे वापस लेने का ऐलान किया है. उन्होंने गुरुवार सुबह ट्वीट किया कि यह आदेश गलती से जारी किया गया है जिसे वापस लिया जा रहा है. भारत सरकार की छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज मार्च 2021 की दर से ही मिलता रहेगा. इससे पहले बुधवार शाम को जारी आदेश में कहा गया था. कि केंद्रीय योजनाओं पर ब्याज की दर में 1.10% तक कटौती होगी और 1 अप्रैल से यह फैसला लागू हो जाएगा.

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