नई दिल्ली एबीजी धोखाधड़ी मामले में बैंकों के किसी कर्मी की चूक या संलिप्तता नहीं मिली : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

एबीजी धोखाधड़ी मामले में बैंकों के किसी कर्मी की चूक या संलिप्तता नहीं मिली : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

एबीजी धोखाधड़ी मामले में बैंकों के किसी कर्मी की चूक या संलिप्तता नहीं मिली : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को राज्यसभा में कहा कि एबीजी शिपयार्ड लिमिटेड (एबीजीएसएल) से जुड़े 14,349 करोड़ रुपये के धोखाधड़ी मामले में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के किसी कर्मी की चूक या संलिप्तता नहीं पाई गई है. वित्त मंत्री ने एक सवाल के लिखित जवाब में राज्यसभा को यह जानकारी दी. 

उन्होंने कहा कि इस मामले में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों से मिली जानकारी के अनुसार कर्मचारियों की जवाबदेही तय की गई है और कर्मचारियों की जवाबदेही की जांच में इस धोखाधड़ी में किसी कर्मी की चूक या संलिप्तता नहीं पाई गई है. उन्होंने कहा कि एबीजी शिपयार्ड लिमिटेड को आईसीआईसीआई बैंक के नेतृत्व में सहायता संघ व्यवस्था के तहत ऋण सुविधाएं स्वीकृत की गई थीं. ऋणदाता बैंकों द्वारा 2013 में खाते को गैर-निष्पादित आस्ति (एनपीए) घोषित किया गया था.

सीतारमण ने कहा कि वर्ष 2014 में कॉर्पोरेट ऋण पुनर्गठन (सीडीआर) तंत्र के तहत ऋण सुविधाओं के पुनर्गठन का अनुमोदन किया गया था. इसके बाद बैंकों ने फोरेंसिक लेखा परीक्षा करने के लिए अर्न्स्ट एंड यंग लिमिटेड को नियुक्त करने का निर्णय लिया.

उन्होंने कहा कि इस संबंध में भारतीय स्टेट बैंक ने नवंबर 2019 में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) में एक शिकायत दर्ज कराई थी. सीबीआई ने सात फरवरी 2022 को कंपनी और उसके निर्देशकों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की.(भाषा) 

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