सावन का पहला सोमवार: प्रदेश के शिवालयों में भक्तों का उमड़ रहा सैलाब, 125 साल बाद बना संयोग

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/07/22 08:12

जयपुर: आज सावन का पहला सोमवार है, इस मौके पर प्रदेश के शिवालयों में भक्तों का सैलाब उमड़ रहा है. राजधानी जयपुर में ताड़केश्वर महादेव, झारखंड महादेव, रोजगारेश्वर महादेव सहित अन्य शिवालयों में भक्तों की भीड़ उमड़ रही है. शिव परिवार का बिल्वपत्र, दूध, दही, शहद, बूरा और जल से अभिषेक हो रहा है. सावन का पहला सोमवार होने के चलते आज सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं की कतारें लग रही है. मंदिरों में आज श्रद्धालुओं ने महाभिषेक की तैयारी की है. सभी शिव मंदिरों में महाभिषेक के बाद शिवजी का श्रृंगार भी किया जाएगा. 

125 साल बाद बना संयोग: 
इस साल साल सावन के महीने में कई दिव्य संयोग बन रहे हैं जिसका आरंभ सावन के पहले सोमवार से हो रहा है. श्रावण पक्ष के पहले सोमवार को कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि है जिसे भविष्यपुराण में नागपंचमी तिथि कहा गया है. सावन के सोमवार को नाग पंचमी की तिथि का संयोग बहुत ही दिव्य और दुर्लभ माना गया है. क्योंकि सदियों में ऐसा संयोग बनता है जब सावन के सोमवार के दिन नागपंचमी भी आए. माना जा रहा है कि करीब 125 साल बाद ऐसा संयोग बना है जब सोमवार और नाग पंचमी एक साथ है. इस साल सावन के महीने में भोले बाबा की भक्तों पर असीम अनुकंपा है कि दो सोमवार को ऐसा संयोग बना है जब सोमवार और नागपंचमी एक साथ है. 

ऐसे करें पूजा: 
सुबह-सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि कर स्वच्छ कपड़े पहनें. पूजा स्थान की सफाई करें. भोलेनाथ के सामने आंख बंद शांति से बैठें और व्रत का संकल्प लें. दिन में दो बार सुबह और शाम को भगवान शंकर व मां पार्वती की अर्चना जरूर करें. भगवान शंकर के सामने तिल के तेल का दीया प्रज्वलित करें और फल व फूल अर्पित करें. भगवान शिव को दूध और जल अर्पित करना बहुत अच्छा माना जाता है. सावन के सोमवार को हो सके तो रुद्राभिषेक कराएं. सावन के महीने में वैसे शिवलिंग पर दूध चढ़ाया जाता है. इसके अलावा शिवलिंग पर गन्ने का रस चढ़ाने से जीवन में सभी तरह की सुख और समृद्धि की प्राप्ति होती है.  
 

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